मोदी सरकार ने खत्म की हज यात्रा पर मिलने वाली सब्सिडी, जानें कहां खर्च होगी ये रकम

हज यात्रा, मोदी सरकार
मोदी सरकार ने खत्म की हज यात्रा पर मिलने वाली सब्सिडी, जानें कहां खर्च होगी ये रकम

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए सालाना हज यात्रा पर मिलने वाली सब्सिडी अब पूरी तरह खत्म कर दी है। सब्सिडी खत्म होने के बाद इस साल पहली बार 1.75 लाख मुस्लिम बिना सब्सिडी हज पर जाएंगे। सरकार की ओर से बताया गया है कि सब्सिडी की रकम को मुस्लिमों के उत्‍थान के दूसरे कार्यों पर खर्च किया जाएगा। स‌ब्सिडी मद की करीब 700 करोड़ की राशि मुस्लिम लड़कियों की शिक्षा पर खर्च की जाएगी।

Muslims Pilgrims Will Not Get Subsidy For Hajj :

बता दें कि कि सुप्रीम कोर्ट ने साल 2012 में केंद्र सरकार को हज सब्सिडी खत्म करने का आदेश दिया था। कोर्ट ने कहा था कि सरकार को इसे 2022 तक पूरी तक खत्म कर देना चाहिए। इसके बाद से ही हज सब्सिडी को खत्‍म्‍ा करने के लिए सरकार कवायद कर रही थी। अल्पसंख्यक मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने बताया कि हर साल सरकार की तरफ से हज सब्सिडी के रूप में 700 करोड़ रुपये दी जाती थी।

नकवी ने बताया कि पिछले साल जहां सवा लाख मुस्लिम हज पर गए थे, वहीं इस बार 1.75 लाख जायरीन हज यात्रा पर मक्का जाएंगे। यह संख्या आजाद भारत के इतिहास में सबसे अधिक है। मुख्तार अब्बास नकवी ने साथ ही बताया कि हज सब्सिडी से बचने वाली राशि सिर्फ और सिर्फ मुस्लिम लड़कियों की शिक्षा पर खर्च की जाएगी।

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए सालाना हज यात्रा पर मिलने वाली सब्सिडी अब पूरी तरह खत्म कर दी है। सब्सिडी खत्म होने के बाद इस साल पहली बार 1.75 लाख मुस्लिम बिना सब्सिडी हज पर जाएंगे। सरकार की ओर से बताया गया है कि सब्सिडी की रकम को मुस्लिमों के उत्‍थान के दूसरे कार्यों पर खर्च किया जाएगा। स‌ब्सिडी मद की करीब 700 करोड़ की राशि मुस्लिम लड़कियों की शिक्षा पर खर्च की जाएगी।बता दें कि कि सुप्रीम कोर्ट ने साल 2012 में केंद्र सरकार को हज सब्सिडी खत्म करने का आदेश दिया था। कोर्ट ने कहा था कि सरकार को इसे 2022 तक पूरी तक खत्म कर देना चाहिए। इसके बाद से ही हज सब्सिडी को खत्‍म्‍ा करने के लिए सरकार कवायद कर रही थी। अल्पसंख्यक मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने बताया कि हर साल सरकार की तरफ से हज सब्सिडी के रूप में 700 करोड़ रुपये दी जाती थी।नकवी ने बताया कि पिछले साल जहां सवा लाख मुस्लिम हज पर गए थे, वहीं इस बार 1.75 लाख जायरीन हज यात्रा पर मक्का जाएंगे। यह संख्या आजाद भारत के इतिहास में सबसे अधिक है। मुख्तार अब्बास नकवी ने साथ ही बताया कि हज सब्सिडी से बचने वाली राशि सिर्फ और सिर्फ मुस्लिम लड़कियों की शिक्षा पर खर्च की जाएगी।