घूमने का प्लान बना रहे तो जरूर जायें जयपुर के इन स्थानों पर

जयपुर। अगर आप घूमने का प्लान बना रहे हैं तो राजस्थान के चमचमाते गुलाबी शहर जयपुर जरूर जायें। जयपुर आपके लिए बेहतरीन ट्रिप जरूर साबित होगा। अपने विशाल किलों और शानदार महलों के लिए मशहूर जयपुर में ऐसी कई जगह हैं जहां घूमकर आपके ट्रिप का मजा दुगुना हो जाएगा। अगर आप जयपुर जाकर इन जगहों पर नहीं घूमते तो समझ लीजिए आपकी जयपुर की ट्रिप अधूरी ही रह गई है।

Must Visit Places During Jaipur Trip :

हवा महल

शहर का सबसे खूबसूरत महल गुलाबी जालीदार खिड़कियों और बालकनी के लिए प्रसिद्ध है जहां से शहर का खूबसूरत दृश्य दिखाई देता है। इसे हवा महल कहा जाता है इसका निर्माण 1799 में महाराजा संवाई प्रताप सिंह ने कराया था। लाल और गुलाबी बलुआ पत्थर से बना पांच मंजिला इमारत का डिजाइन लाल चंद उस्ताद ने तैयार किया था, इन्होंने कई दूसरी मुगल इमारतों का भी डिजाइन तैयार किया था।

गलताजी


जयपुर से 10 किलोमीटर पूर्वी दिशा की ओर बाहर अरावली घाटी की ओर बढ़ने पर आप अपने आप को मंदिरों और प्राकृतिक झरनों के बीच पाएगें। जहां सुंदर गुंबददार छतों वाले मंडप के समूहों और नक्काशीदार खंभो को देख सकते हैं। जनवरी माह में गलताजी मंदिर परिसर में मकर संक्रांति का त्यौहार बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। गलताजी मंदिर के अलावा परिसर में रामगोपालजी मंदिर भी है, जिसे बंदरों का मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। परिसर के अंदर पानी के टैंक को कुंड कहा जाता है जिसमें प्राकृतिक झरने का पानी इकठ्ठा होता है। स्थानीय लोग मंदिर के अंदर प्रवेश करने से पहले कुंड में डुबकी लगाने को शुभ मानते हैं।

रॉयल गैटोर

जयपुर के शाही परिवारों का समाधि स्थल का स्थान रॉयल गैटोर, नाहरगढ़ किले की तलहटी पर स्थित है और यह शहर के केंद्र से कुछ दूरी पर है। इस किले में जयपुर के महाराजा माधो सिंह द्वितीय, महाराजा जय सिंह द्वितीय और प्रताप सिंह जैसे पूर्व शासकों के स्मारक है। यह पिंक सिटी का एक कम प्रसिद्ध आकर्षण है। गेटोर में खूबूसरत गुंबद और नक्काशीदार खंम्भो के जरिए संगमरमर का बड़ा ही सुंदरता से उपयोग किया गया है।

बिड़ला मंदिर

चारों ओर बगीचों में फैली हरियाली से घिरा और पूरी तरह संगमरमर का बनाया गया बिड़ला मंदिर (लक्ष्मी नारायण मंदिर भी कहा जाता है), गुलाबी शहर के सबसे आश्चर्यजनक मंदिरों में से एक है। मंदिर के तीन विशाल गुबंद, कांच की खिड़कियों पर हिंदू शास्त्रों का चित्रण और संगमरमर की मूर्तियों को देख कर पर्यटक दंग रह जाते हैं। यहां का माहौल बेहद ही शांत और साफ-सुथरा है। मंदिर के बड़े हॉल के साथ-साथ दिवारों पर गीता और उपनिषदों को अलंकृत किया गया है, जो मोती डूंगरी किले के तलहटी पर स्थित है।

चोखी धानी

जयपुर शहर से थोड़ी दूर सुखदेवपुरा नोहारा के पास है चोखी धानी। जहां पर आपको राजस्थान के असली रंग देखने को मिलेंगे। आप यहां राजस्थानी म्यूजिक, खानपान और कलाओं का लुफ्त उठा सकते हैं।

सिटी पैलेस

इस विशाल किले के भीतर दो और किले हैं और ये जयपुर के पूर्वोत्तर भाग में स्थित है। सिटी पैलेस राजाओं का तख्त रहा है। इसमें कई भवन, आंगन, मंदिर और बाग हैं। इसका निर्माण जय सिंह ने शुरु करवाया था और इसमें भारतीय और यूरोपीय वास्तुकला शैली का सटीक मिश्रण है। इस शानदार पैलेस में मुबारक महल, चंद्र महल, मुकुट महल, महारानी का महल, गोविंद मंदिर और सिटी पैलेस संग्रहालय हैं। चंद्र महल सिटी पैलेस का सबसे भीतरी किला है। इसका अपना एक संग्रहालय है और इसमें शाही परिवार के सदस्य रहते हैं।

जयपुर की खास बात यह है कि आपको यहां ऊंट की सवारी, मेंहदी, डांस, कठपुतली कला जैसी कई दिलचस्प बातें देखने को मिलेगी।

जयपुर। अगर आप घूमने का प्लान बना रहे हैं तो राजस्थान के चमचमाते गुलाबी शहर जयपुर जरूर जायें। जयपुर आपके लिए बेहतरीन ट्रिप जरूर साबित होगा। अपने विशाल किलों और शानदार महलों के लिए मशहूर जयपुर में ऐसी कई जगह हैं जहां घूमकर आपके ट्रिप का मजा दुगुना हो जाएगा। अगर आप जयपुर जाकर इन जगहों पर नहीं घूमते तो समझ लीजिए आपकी जयपुर की ट्रिप अधूरी ही रह गई है। हवा महल शहर का सबसे खूबसूरत महल गुलाबी जालीदार खिड़कियों और बालकनी के लिए प्रसिद्ध है जहां से शहर का खूबसूरत दृश्य दिखाई देता है। इसे हवा महल कहा जाता है इसका निर्माण 1799 में महाराजा संवाई प्रताप सिंह ने कराया था। लाल और गुलाबी बलुआ पत्थर से बना पांच मंजिला इमारत का डिजाइन लाल चंद उस्ताद ने तैयार किया था, इन्होंने कई दूसरी मुगल इमारतों का भी डिजाइन तैयार किया था। गलताजी जयपुर से 10 किलोमीटर पूर्वी दिशा की ओर बाहर अरावली घाटी की ओर बढ़ने पर आप अपने आप को मंदिरों और प्राकृतिक झरनों के बीच पाएगें। जहां सुंदर गुंबददार छतों वाले मंडप के समूहों और नक्काशीदार खंभो को देख सकते हैं। जनवरी माह में गलताजी मंदिर परिसर में मकर संक्रांति का त्यौहार बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। गलताजी मंदिर के अलावा परिसर में रामगोपालजी मंदिर भी है, जिसे बंदरों का मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। परिसर के अंदर पानी के टैंक को कुंड कहा जाता है जिसमें प्राकृतिक झरने का पानी इकठ्ठा होता है। स्थानीय लोग मंदिर के अंदर प्रवेश करने से पहले कुंड में डुबकी लगाने को शुभ मानते हैं। रॉयल गैटोर जयपुर के शाही परिवारों का समाधि स्थल का स्थान रॉयल गैटोर, नाहरगढ़ किले की तलहटी पर स्थित है और यह शहर के केंद्र से कुछ दूरी पर है। इस किले में जयपुर के महाराजा माधो सिंह द्वितीय, महाराजा जय सिंह द्वितीय और प्रताप सिंह जैसे पूर्व शासकों के स्मारक है। यह पिंक सिटी का एक कम प्रसिद्ध आकर्षण है। गेटोर में खूबूसरत गुंबद और नक्काशीदार खंम्भो के जरिए संगमरमर का बड़ा ही सुंदरता से उपयोग किया गया है। बिड़ला मंदिर चारों ओर बगीचों में फैली हरियाली से घिरा और पूरी तरह संगमरमर का बनाया गया बिड़ला मंदिर (लक्ष्मी नारायण मंदिर भी कहा जाता है), गुलाबी शहर के सबसे आश्चर्यजनक मंदिरों में से एक है। मंदिर के तीन विशाल गुबंद, कांच की खिड़कियों पर हिंदू शास्त्रों का चित्रण और संगमरमर की मूर्तियों को देख कर पर्यटक दंग रह जाते हैं। यहां का माहौल बेहद ही शांत और साफ-सुथरा है। मंदिर के बड़े हॉल के साथ-साथ दिवारों पर गीता और उपनिषदों को अलंकृत किया गया है, जो मोती डूंगरी किले के तलहटी पर स्थित है। चोखी धानी जयपुर शहर से थोड़ी दूर सुखदेवपुरा नोहारा के पास है चोखी धानी। जहां पर आपको राजस्थान के असली रंग देखने को मिलेंगे। आप यहां राजस्थानी म्यूजिक, खानपान और कलाओं का लुफ्त उठा सकते हैं। सिटी पैलेस इस विशाल किले के भीतर दो और किले हैं और ये जयपुर के पूर्वोत्तर भाग में स्थित है। सिटी पैलेस राजाओं का तख्त रहा है। इसमें कई भवन, आंगन, मंदिर और बाग हैं। इसका निर्माण जय सिंह ने शुरु करवाया था और इसमें भारतीय और यूरोपीय वास्तुकला शैली का सटीक मिश्रण है। इस शानदार पैलेस में मुबारक महल, चंद्र महल, मुकुट महल, महारानी का महल, गोविंद मंदिर और सिटी पैलेस संग्रहालय हैं। चंद्र महल सिटी पैलेस का सबसे भीतरी किला है। इसका अपना एक संग्रहालय है और इसमें शाही परिवार के सदस्य रहते हैं। जयपुर की खास बात यह है कि आपको यहां ऊंट की सवारी, मेंहदी, डांस, कठपुतली कला जैसी कई दिलचस्प बातें देखने को मिलेगी।