शिवभक्त कांवडिय़ों की सेवा के लिए मुस्लिमों ने लगाए कैंप

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मुजफ्फरनगर। जहां एक तरफ हिंदू और मुस्लिम को लेकर तनाव और मतभेद की बात सामने आती है, वहीं उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद में भाईचारे की भी मिसाल देखने को मिली है। हरिद्वार से दिल्ली या हरियाणा आने वाले शिवभक्त मुजफ्फरनगर जिले के पुरकाजी, छपार, सरवट समेत कई मुस्लिम बाहुल्य इलाक़ो से गुजरते हैं जहां इस बार मुस्लिम समुदाय के लोग कैंप लगाकर शिवभक्तों की सेवा कर रहे हैं।

Muzaffarnagar Camps Organized By Muslims For The Service Of Shivbakat Kawadiya :

मुजफ्फरनगर के मदीना चौक पर मेडिकल कैंप लगाया गया है जहां डॉक्टरों की एक टीम मौजूद है और कई दूसरे सेवादार भी यहां मौजूद रहते है ताकि शिवभक्तों को किसी तरह की परेशानी ना हो। शिव जी की भक्ति में लीन शिवभक्तों की सेवा में लगाए गए।

मुस्लिम कैंप को चलाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता कमर इंतिखाब कहते है कि मुजफ्फरनगर दंगों के के बाद से ही शहर में नफरतों का दौर तेजी के साथ चला था। हमने महसूस किया कि इस नफरत को हराने के लिए कावड़ यात्रा में शामिल शिवभक्तों की सेवा सबसे बेहतर कदम है।

हम पिछले कई साल से ऐसा कर रहे है और कोशिश करते हैं कि पूरी ईमानदारी से शिवभक्तों की सेवा करे। कावड़ यात्रा में शामिल शिवभक्त भी इस सेवा से गदगद है। उनका मानना है कि इस तरह की कोशिशों से आपसी भाईचारा बढ़ता है और यही हमारे देश की संस्कृति है। हरिद्वार से गंगा जल लेकर कावड़ यात्रा मुजफ्फरनगर, मेरठ,मोदी नगर, मुरादनगर और गाजिय़ाबाद होते हुए दिल्ली पहुचती है।

मुजफ्फरनगर। जहां एक तरफ हिंदू और मुस्लिम को लेकर तनाव और मतभेद की बात सामने आती है, वहीं उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद में भाईचारे की भी मिसाल देखने को मिली है। हरिद्वार से दिल्ली या हरियाणा आने वाले शिवभक्त मुजफ्फरनगर जिले के पुरकाजी, छपार, सरवट समेत कई मुस्लिम बाहुल्य इलाक़ो से गुजरते हैं जहां इस बार मुस्लिम समुदाय के लोग कैंप लगाकर शिवभक्तों की सेवा कर रहे हैं। मुजफ्फरनगर के मदीना चौक पर मेडिकल कैंप लगाया गया है जहां डॉक्टरों की एक टीम मौजूद है और कई दूसरे सेवादार भी यहां मौजूद रहते है ताकि शिवभक्तों को किसी तरह की परेशानी ना हो। शिव जी की भक्ति में लीन शिवभक्तों की सेवा में लगाए गए। मुस्लिम कैंप को चलाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता कमर इंतिखाब कहते है कि मुजफ्फरनगर दंगों के के बाद से ही शहर में नफरतों का दौर तेजी के साथ चला था। हमने महसूस किया कि इस नफरत को हराने के लिए कावड़ यात्रा में शामिल शिवभक्तों की सेवा सबसे बेहतर कदम है। हम पिछले कई साल से ऐसा कर रहे है और कोशिश करते हैं कि पूरी ईमानदारी से शिवभक्तों की सेवा करे। कावड़ यात्रा में शामिल शिवभक्त भी इस सेवा से गदगद है। उनका मानना है कि इस तरह की कोशिशों से आपसी भाईचारा बढ़ता है और यही हमारे देश की संस्कृति है। हरिद्वार से गंगा जल लेकर कावड़ यात्रा मुजफ्फरनगर, मेरठ,मोदी नगर, मुरादनगर और गाजिय़ाबाद होते हुए दिल्ली पहुचती है।