मुजफ्फरपुर शेल्टर होम केस: ब्रजेश ठाकुर समेत 19 आरोपी दोषी करार, 1 आरोपी बरी

brajesh thakur
मुजफ्फरपुर शेल्टर होम केस: ब्रजेश ठाकुर समेत 19 आरोपी दोषी करार, 1 आरोपी बरी

नई दिल्ली। मुजफ्फरपुर शेल्टर होम मामले में दिल्ली की साकेत कोर्ट ने 20 आरोपियों में से 19 को दोषी करार दिया है। एनजीओ के मालिक ब्रजेश ठाकुर को भी इस केस में दोषी माना गया है। वहीं एक आरोपी को बरी कर दिया गया है। कोर्ट सजा का ऐलान 28 जनवरी को करेगा। ये पूरा मामला बिहार के शेल्टर होम में नाबालिग बच्चियों और युवतियों के साथ हुए दुष्कर्म से जुड़ा हुआ है। सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद ये केस दिल्ली कोर्ट में ट्रांसफर किया गया था।

Muzaffarpur Shelter Home Case 19 Accused Including Brajesh Thakur Convicted 1 Acquitted :

बता दें कि ये मामला 2018 में टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंस की रिपोर्ट के बाद सामने आया था। जिसको लेकर देश में काफी प्रदर्शन हुए थे और राज्य सरकार को भी विपक्षियों के द्वारा निशाना बनाया गया था। इस मामले में मुख्य आरोपी के तौर पर ब्रजेश ठाकुर का नाम आया था जो बिहार सरकार के बेहद करीब माने जाते थे। रिपोर्ट के मुताबिक कहा गया था कि बिहार के मुजफ्फरपुर में ब्रजेश ठाकुर के एनजीओ की ओर से संचालित आश्रय गृह में कई लड़कियों का यौन उत्पीड़न किया गया था। वहीं रोजी रानी को घटना की जानकारी न देने के लिए दोषी माना गया है।

इस मामले में कोर्ट ने मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर को दोषी पाया है। इस मामले में 20 लोगों को आरोपित किया गया था, कोर्ट ने 20 आरोपियों में से 19 को दोषी पाया है। हालांकि अभी कोर्ट ने सजा का ऐलान नही किया है, इसके लिए 28 जनवरी को तारीख दी गयी है। ब्रजेश ठाकुर पर नाबालिग बच्चियों और युवतियों के यौन शोषण के आरोप थे। दिल्ली की साकेत कोर्ट ने इसे सही पाया। ब्रजेश ठाकुर समेत पांच को कोर्ट ने गैंगरेप और पोक्सो एक्ट के तहत दोषी ठहराया है। बाकी 14 में से 13 दोषियों को पोक्सो एक्ट और साजिश रचने का दोषी पाया गया है, जिसमें 7 महिलाएं भी शामिल हैं।

नई दिल्ली। मुजफ्फरपुर शेल्टर होम मामले में दिल्ली की साकेत कोर्ट ने 20 आरोपियों में से 19 को दोषी करार दिया है। एनजीओ के मालिक ब्रजेश ठाकुर को भी इस केस में दोषी माना गया है। वहीं एक आरोपी को बरी कर दिया गया है। कोर्ट सजा का ऐलान 28 जनवरी को करेगा। ये पूरा मामला बिहार के शेल्टर होम में नाबालिग बच्चियों और युवतियों के साथ हुए दुष्कर्म से जुड़ा हुआ है। सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद ये केस दिल्ली कोर्ट में ट्रांसफर किया गया था। बता दें कि ये मामला 2018 में टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंस की रिपोर्ट के बाद सामने आया था। जिसको लेकर देश में काफी प्रदर्शन हुए थे और राज्य सरकार को भी विपक्षियों के द्वारा निशाना बनाया गया था। इस मामले में मुख्य आरोपी के तौर पर ब्रजेश ठाकुर का नाम आया था जो बिहार सरकार के बेहद करीब माने जाते थे। रिपोर्ट के मुताबिक कहा गया था कि बिहार के मुजफ्फरपुर में ब्रजेश ठाकुर के एनजीओ की ओर से संचालित आश्रय गृह में कई लड़कियों का यौन उत्पीड़न किया गया था। वहीं रोजी रानी को घटना की जानकारी न देने के लिए दोषी माना गया है। इस मामले में कोर्ट ने मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर को दोषी पाया है। इस मामले में 20 लोगों को आरोपित किया गया था, कोर्ट ने 20 आरोपियों में से 19 को दोषी पाया है। हालांकि अभी कोर्ट ने सजा का ऐलान नही किया है, इसके लिए 28 जनवरी को तारीख दी गयी है। ब्रजेश ठाकुर पर नाबालिग बच्चियों और युवतियों के यौन शोषण के आरोप थे। दिल्ली की साकेत कोर्ट ने इसे सही पाया। ब्रजेश ठाकुर समेत पांच को कोर्ट ने गैंगरेप और पोक्सो एक्ट के तहत दोषी ठहराया है। बाकी 14 में से 13 दोषियों को पोक्सो एक्ट और साजिश रचने का दोषी पाया गया है, जिसमें 7 महिलाएं भी शामिल हैं।