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बदस्तूर जारी है सरकारी दफ्तरों में रहस्यमयी आग का सिलसिला

Mystery Becomes The Cause Of The Fire In A Government Office

By टीम पर्दाफाश 
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लखनऊ। सरकारी कार्यालय में आग लगने का सिलसिला लगातार जारी है। सूबे की राजधानी लखनऊ के सरकारी दफ्तरों में लगी आग खुद में एक रहस्य बनकर रह जाती है। आखिर में जांच के नाम मामले की फाइलें विभागों की धूल खाती हैं। भीषण आग के कारण जरूरी दस्तावेज़ जलकर खाक होते आए हैं। इन घटनाओं की जांच के लिए कमेटियां गठित की जाती हैं लेकिन नतीजा सिफर ही रह जाता है, आखिर में शॉर्ट सर्किट की वजह बताकर जांच ठंडे बस्ते में चली जाती है।

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सूत्रों की माने तो आग उस समय लग रही है, जब वह कार्यालय जांच एजंसियों की रडार पर हों। स्वास्थ्य भवन, मंडी परिषद, एलडीए समेत कई बड़े कार्यालय में भीषण आग लग चुकी है, जिसके रहस्य से आज तक पर्दा नहीं उठा है। ऐसे में पिकअप भवन में बीती रात लगी आग भी सवालों के घेरे में है। हालांकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना की जांच के आदेश जरूर दिये हैं। अब देखना ये है कि यह जांच कहां तक पहुंचती है यह समय ही बतायेगा।

दरअसल, पिकअप भवन के दूसरे तल पर स्थित फाइनेंस विभाग से देखते ही देखते आग छठे तल तक पहुंच गई। वहीं, फाइनेंस विभाग के दफ्तर में वित्त अधिकारी व डिप्टी मैनेजर नरेंद्र कुरील अपने साथी मनोज गुप्ता के साथ मौजूद थे। इसी बीच उन्हें धुएं की महक लगी तो दोनों अधिकारियों ने छानबीन की जिसमें पता लगा आग मैनेजर एनके सिंह के केबिन में लगी है। उस वक्त एनके सिंह केबिन में नहीं थे। अधिकारियों के शोर मचाने पर गार्ड फौरन पहुंचें और आग पर काबू पाने की पूरी कोशिश की लेकिन असफल रहे। दमकल विभाग को सूचना दी गई।

आग इतनी भयानक थी कि दूसरे तल से उठी आग तीसरे तल पर स्थित जैव विविधता बोर्ड पूर्वी, चौथे पर एड्स कंट्रोल बोर्ड तथा पांचवें और छठे तल पर स्थित इनकम टैक्स के दफ्तर को चपेट में ले लिया। आग से जरूरी दस्तावेज, कंप्यूटर, एसी, फर्नीचर व अन्य कीमती सामान जल गए। माना जा रहा है कि कुछ ऐसी फाइलें जली हैं, जिनकी जांच चल रही है।

अब तक इन दफ्तरों में लगी आग

7 सितम्बर 2016
मिडडे मील प्राधिकारण कार्यालय बंद कर कर्मचारी जा चुके थे। रात करीब 11 बजे उस कमरे में आग भड़की जहां प्रदेश भर की योजनाओं से जुड़े दस्तावेज सुरक्षित रखे थे।

18 अगस्त 2016
शक्ति भवन के कॉरपोरेट सेक्शन में सुबह आग लग गई। सारे दस्तावेज राख हो गए लेकिन विभागीय अफसर पर्दो डालने में जुटे रहे। फायर डिपार्टमेंट ने पत्रावलियों की सूची मांगी तो टालमटोल किया गया। आज तक न तो सूची सौंपी गई न ही घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई गई।

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5 अगस्त 2016
स्वास्थ्य भवन में डीजी हेल्थ का दफ्तर आग की लपटों में घिर गया। पहली घटना की जांच पड़ताल अभी चल ही रही थी कि दोबारा यहां आग लग गई।

14 जून 2016
रात करीब 9 बजे स्वास्थ्य भवन के तीसरी मंजिल पर स्थित लेखा अनुभाग में आग लग गई थी। इस घटना में कई अहम दस्तावजे राख हो गए। शाजिश के तहत आग लगाए जाने के अंदेशे पर जांच शुरू हुई, किसी पर कार्रवाई नहीं।

10 मई 2016
इंदिरा भवन स्थित बाल पुष्टाहार विभाग के कार्यालय में आग लगी। फर्नीचर के साथ डाटा सुरक्षित रखने वाले कंप्यूटर और दस्तावेज रख हो गए। कई सवाल खड़े हुए तो जांच की खानापूरी शुरू हुई। लेकिन अब तक न तो जली पत्रावलियों का खुलासा हुआ न आग लगने की सटीक वजह पता चली।

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