वाह रे नगर निगम : बजट है नही और निकाल दिया 8.5 करोड़ का टेंडर

nager nigam lucknow
वाह रे नगर निगम : बजट है नही और निकाल दिया 8.5 करोड़ का टेंडर

Nager Nigam Published 8 5 Crore Tender Without Money

लखनऊ। नगर निगम के अधिकारियों पर चाहे जितने भी आरोप लग जाएं, लेकिन वो सुधरने वाले नही हैं। ऐसा हम नही उनकी कारगुजारियां कह रही है। अभी प्रधानमंत्री के लखनऊ आगमन से पहले एलईडी स्ट्रिप लगाने व हजारों लीटर डीजल की हेराफेरी के मामले की जांच पूरी भी नही हुई थी कि एक और कारनामा सामने आ गया। इस बार मामला है बिना बजट पास हुए टेंडर निकालने का।

दरअसल 31 मार्च 2018 को एक टेंडर प्रकाशित हुआ था, जिसमें इंदिरानगर सेक्टर 12 में आर्य समाज मंदिर, वैशाली एंक्लेव, महालक्ष्मी लॉन से सेक्टर आठ व सुषमा अस्पताल होते हुए फैजाबाद रोड पर भूमिगत ड्रेनेज एवं सतुआ तालाब के निकट पंपिंग स्टेशन का निर्माण कराना था। इस टेंडर की कीमत 864.94 लाख हैं। अब बिना बजट पास हुई ये टेंडर प्रकाशित होने के बाद विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।

इसका खुलासा होने के बाद नगर निगम के अभियंता एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। मामले की जानकारी नगर आयुक्त डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी को हुई तो उन्होने इस पूरे मामले की जांच के आदेश दिए है। फिलहाल इस कारनामें में मुख्य अभियंता कार्यालय से जोनल अभियंत्रण कार्यालय के साथ ही अवर अभियंता (तकनीकी) की भूमिका भी संदिग्ध है।

बता दें कि इस मामले में मुख्य अभियंता ने यह आरोप लगाया है कि शासनादेश की अनदेखी कर 864.94 लाख की निविदा कराकर वित्तीय अनियमितता करने का भी प्रयास किया गया था। इसके अलावा निर्माण की लागत में भी हेराफेरी की गई है। फिलहाल मुख्य अभियंता (सिविल) ने नगर अभियंता चार से स्पष्टीकरण तलब किया गया जिसके बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि कई लोगों की कारगुजारियों का पर्दाफाश हो सकता है।

फिलहाल इस पूरे मामले में नगर आयुक्त डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी का कहना है कि इस वर्ष 31 मार्च को टेंडर प्रकाशित किया गया है। बिना बजट के टेंडर कराना वित्तीय अनियमितता है। इस मामले में सभी संबंधित अभियंताओं से स्पष्टीकरण लिया जा रहा है। जिसके बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलापफ कार्रवाई होगी।

लखनऊ। नगर निगम के अधिकारियों पर चाहे जितने भी आरोप लग जाएं, लेकिन वो सुधरने वाले नही हैं। ऐसा हम नही उनकी कारगुजारियां कह रही है। अभी प्रधानमंत्री के लखनऊ आगमन से पहले एलईडी स्ट्रिप लगाने व हजारों लीटर डीजल की हेराफेरी के मामले की जांच पूरी भी नही हुई थी कि एक और कारनामा सामने आ गया। इस बार मामला है बिना बजट पास हुए टेंडर निकालने का। दरअसल 31 मार्च 2018 को एक टेंडर प्रकाशित हुआ था, जिसमें…