कांवड़ियों पर फूल बरसाने वाली यूपी पुलिस मुसलमानों को नमाज से है रोकती: ओवैसी

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कांवड़ियों पर फूल बरसाने वाली यूपी पुलिस मुसलमानों को नमाज से है रोकती: ओवैसी

नई दिल्ली। यूपी में नोएडा के एक पार्क में पुलिस द्वारा नमाज पढ़ने से रोक लगाने वाले आदेश का मामला तूल पकड़ रहा है। विपक्ष इस मुद्दे पर प्रदेश की योगी सरकार को आड़े हाथों ले रहा है। इसी कड़ी में अब ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने ट्वीट के जरिए हमला बोला है।

Namaz Controversy In Noida Asaduddin Owaisi Uttar Pradesh Kanwar Yatra :

असदुद्दीन ओवैसी ने ट्वीट कर लिखा, ”उत्तर प्रदेश की पुलिस ने कांवड़ियों के लिए फूल बरसाए थे, लेकिन हफ्ते में एक बार पढ़ी जाने वाली नमाज़ से शांति और सद्भाव बिगड़ सकता है। ये बिल्कुल वैसा हुआ कि आप मुसलमानों से कह रहे हो कि आप कुछ भी कर लो, लेकिन गलती तो आपकी ही होगी।”

उन्होंने आगे कहा कानून के मुताबिक, ये कहां तक सही है कि कोई कंपनी ये तय करे कि एक कर्मचारी अपनी निजी जिंदगी में क्या करता है।

बता दें कि शहर के एक पार्क में धार्मिक प्रार्थना को लेकर पुलिस ने कंपनियों को नोटिस भेजा है। सेक्टर 58 थाना पुलिस ने इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित नोएडा अथॉरिटी पार्क में प्रार्थना या धार्मिक आयोजन पर रोक लगा दी है। पुलिस ने इस एरिया में स्थित सभी कंपनियों को नोटिस भेजकर कहा है कि उनका कोई कर्मचारी अगर अथॉरिटी के पार्क में प्रार्थना करता देखा गया तो कंपनी जिम्मेदार होगी और उसपर कार्रवाई की जाएगी। हालांकि जिला प्रशासन ने इस नोटिस से पल्ला झाड़ लिया है।

पार्कों में नमाज पढ़ने की नहीं है इजाजत

पुलिस का कहना है कि अगर पार्क में किसी भी तरह का धार्मिक आयोजन करना है तो अथॉरिटी से इजाजत लेनी होगी। नोएडा के एसएसपी अजय पाल ने बताया कि कई लोगों ने पार्क में प्रार्थना की इजाजत मांगी थी, लेकिन सिटी मैजिस्ट्रेट ऑफिस से इजाजत नहीं दी गई। इसके बावजूद लोग वहां पहुंचकर नमाज पढ़ते देखे गए। सभी कंपनियों को नोटिस भेजकर यह जानकारी दे दी गई थी और यह रोक किसी धर्म विशेष के लिए नहीं है।

पुलिस बोली, 2019 को देखते हुए उठाया कदम

नोएडा पुलिस का कहना है कि यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि 2019 के लोकसभा चुनावों से पहले किसी तरह का सांप्रदायिक तनाव न पनपे और सौहार्द बना रहे। अजय पाल ने कहा कि पुलिस को उम्मीद है कि सौहार्द कायम रखने में लोग पुलिस का साथ देंगे।

नई दिल्ली। यूपी में नोएडा के एक पार्क में पुलिस द्वारा नमाज पढ़ने से रोक लगाने वाले आदेश का मामला तूल पकड़ रहा है। विपक्ष इस मुद्दे पर प्रदेश की योगी सरकार को आड़े हाथों ले रहा है। इसी कड़ी में अब ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने ट्वीट के जरिए हमला बोला है।असदुद्दीन ओवैसी ने ट्वीट कर लिखा, ''उत्तर प्रदेश की पुलिस ने कांवड़ियों के लिए फूल बरसाए थे, लेकिन हफ्ते में एक बार पढ़ी जाने वाली नमाज़ से शांति और सद्भाव बिगड़ सकता है। ये बिल्कुल वैसा हुआ कि आप मुसलमानों से कह रहे हो कि आप कुछ भी कर लो, लेकिन गलती तो आपकी ही होगी।'' उन्होंने आगे कहा कानून के मुताबिक, ये कहां तक सही है कि कोई कंपनी ये तय करे कि एक कर्मचारी अपनी निजी जिंदगी में क्या करता है।बता दें कि शहर के एक पार्क में धार्मिक प्रार्थना को लेकर पुलिस ने कंपनियों को नोटिस भेजा है। सेक्टर 58 थाना पुलिस ने इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित नोएडा अथॉरिटी पार्क में प्रार्थना या धार्मिक आयोजन पर रोक लगा दी है। पुलिस ने इस एरिया में स्थित सभी कंपनियों को नोटिस भेजकर कहा है कि उनका कोई कर्मचारी अगर अथॉरिटी के पार्क में प्रार्थना करता देखा गया तो कंपनी जिम्मेदार होगी और उसपर कार्रवाई की जाएगी। हालांकि जिला प्रशासन ने इस नोटिस से पल्ला झाड़ लिया है।

पार्कों में नमाज पढ़ने की नहीं है इजाजत

पुलिस का कहना है कि अगर पार्क में किसी भी तरह का धार्मिक आयोजन करना है तो अथॉरिटी से इजाजत लेनी होगी। नोएडा के एसएसपी अजय पाल ने बताया कि कई लोगों ने पार्क में प्रार्थना की इजाजत मांगी थी, लेकिन सिटी मैजिस्ट्रेट ऑफिस से इजाजत नहीं दी गई। इसके बावजूद लोग वहां पहुंचकर नमाज पढ़ते देखे गए। सभी कंपनियों को नोटिस भेजकर यह जानकारी दे दी गई थी और यह रोक किसी धर्म विशेष के लिए नहीं है।

पुलिस बोली, 2019 को देखते हुए उठाया कदम

नोएडा पुलिस का कहना है कि यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि 2019 के लोकसभा चुनावों से पहले किसी तरह का सांप्रदायिक तनाव न पनपे और सौहार्द बना रहे। अजय पाल ने कहा कि पुलिस को उम्मीद है कि सौहार्द कायम रखने में लोग पुलिस का साथ देंगे।