रामनवमी जुलूस निकालने पर अड़े यशवंत सिन्हा गिरफ्तार

Namnavmi Julus Nikalne Par Ade Yashvant Sinha Giraftar

हजारीबाग: यशवंत सिन्हा गिरफ्तारी मामले में उपायुक्त रविशंकर शुक्ला ने बताया कि पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ ऐसे क्षेत्र में रामनवमी जुलूस निकालने की जिद कर रहे थे जहां धारा 144 लागू है। काफी बात करने और समझाने के बाद भी यशवंत सिन्हा नहीं माने तब उन्हें गिरफ्तार किया गया। बाद में यशवंत ने जमानत लेने से इनकार करते हुए कहा कि वह जुलूस निकाल कर ही रहेंगे चाहे उन्हें जेल ही क्यों न भेज दिया जाए।




हजारीबाग के एसपी अनूप बिरथरे ने कहा कि पुलिस ने किसी भी प्रकार का बल प्रयोग नहीं किया है। उग्र भीड़ को शांत करने के लिए केवल 14 आंसु गैस के गोले छोड़े गए हैं। जबकि यशवंत सिन्हा की गिरफ्तारी के बाद उग्र भीड़ ने पुलिस पर पथराव कर दिया जिसमें एक कांस्टेबल और एक इंस्पेक्टर घायल हो गए है। एसपी ने कहा कि सिन्हा को समझाने का काफी प्रयास किया गया लेकिन वे नहीं माने और उसी रास्ते से जुलूस निकालने की जिद करते रहे। बाद में उन्होंने ही कहा कि मुझे गिरफ्तार कर लो। एसपी ने कहा कि रामनवमी के बाद मामले को सुलझाने का प्रयास किया जाएगा। सांप्रदायिक तनाव को रोकने के लिए एक रास्ते पर पुलिस ने ब्रेकेटिंग की है, उसे रामनवमी के बाद ही हटाया जाएगा।

आपको बताते चलें कि बड़कागांव में एक रामनवमी जुलूस में शामिल होने जा रहे भाजपा विधायक मनीष जायसवाल के साथ पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा को पुलिस ने हिरासत में लिया है। उन्हें कैंप जेल में रखा गया है। सिन्हा को दिन के 12 बजे के आसपास पुलिस ने हिरासत में लिया है। जबकि जायसवाल सुबह ही हिरासत में लिए जा चुके थे। इन दोनों के साथ कई समर्थकों को भी हिरासत में लिया गया है। यशवंत सिन्हा अपने समर्थकों के साथ बड़कागांव के मोहदी गांव के राणा टोला में डटे हुए थे। सिन्हा रात दो बजे ही मोहदी गांव पहुंचे थे। पूरा मामला यह है कि हजारीबाग के बड़कागांव से दस किलोमीटर दूर कड़तरी पंचायत है और इसी पंचायत में मोहदी गांव पड़ता है। यहां 200 हिंदू-मुसलिम परिवार के घर हैं।




गांव में कोयरी टोला, गड़वा टोला एवं मुसलिम टोला है। गांव में सभी लोग प्रेम-भाव से मिलजुल कर रहते हैं। रामनवमी के मौके पर अष्टमी, नवमी एवं दशमी को कोयरी टोला रामनवमी अखाड़ा समिति एवं गड़वा टोला रामनवमी अखाड़ा समिति की ओर से जुलूस निकाला जाता है। गांव में 1984 से सरकार व प्रशासन की पहल पर एक व्यवस्था बनी है कि दोनों संप्रदाय के लोग एक-दूसरे के टोले से जुलूस नहीं निकालेंगे। इसी व्यवस्था का यहां पालन किया जाता रहा है। इस साल अखाड़ा के लोग अपने जुलूस को सोनपुरा गांव होते हुए हरली मेला ले जाना चाहते हैं, लेकिन पुरानी व्यवस्था के तहत बैरिकेट कर दिया गया है और वे ऐसा नहीं कर पा रहे हैं।

हजारीबाग: यशवंत सिन्हा गिरफ्तारी मामले में उपायुक्त रविशंकर शुक्ला ने बताया कि पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ ऐसे क्षेत्र में रामनवमी जुलूस निकालने की जिद कर रहे थे जहां धारा 144 लागू है। काफी बात करने और समझाने के बाद भी यशवंत सिन्हा नहीं माने तब उन्हें गिरफ्तार किया गया। बाद में यशवंत ने जमानत लेने से इनकार करते हुए कहा कि वह जुलूस निकाल कर ही रहेंगे चाहे उन्हें…