लोकसभा चुनाव समाप्त होते ही सेट टॉप बाक्स से गायब हो गया ‘नमो टीवी’

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लोकसभा चुनाव समाप्त होते ही सेट टॉप बाक्स से गायब हो गया 'नमो टीवी'

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव 2019 के दौरान पूरे देश में दिखने वाला नमो टीवी अब गायब हो गया है। बताया जा रहा है कि जितने रहस्यमय तरीके से ये चैनल आया था, उसी तरीके से ये गायब हो गया और किसी को कानोकान खबर तक नहीं लगी। इस चैनल के गायब होने के बाद चर्चा होने लगी है कि इसे भारतीय जनता पार्टी अपने फायदे के लिए लेकर आई थी।

Namo Tv Closed Just After Loksabha Election :

बता दें कि 26 मार्च को जब लोग अपने टीवी चैनलों पर नमो टीवी को देखें तो चौक गए। इस चैनल के बारे में पहले न तो किसी ने सुना था और न ही कोई विज्ञापन आया था। एक दिन अचानक उन्होंने अपने डीटीएच बॉक्स पर पीएम नरेंद्र मोदी के भाषणों, इंटरव्यू और कार्यक्रमों को देखा तो हैरान रह गए।

वहीं इस चैनल की जानकारी विपक्ष को हुई तो हंगामा करने लगे। राहुल गांधी समेत कई नेताओं ने सूचना प्रसारण मंत्रालय से इसकी शिकायत किया कि इस चैनल के प्रसारण की अनुमित किस तरह दी गई है। विपक्ष ने इस चैनल को सरकार का प्रोपगैंडा मशीन करार दिया।

ये विवाद जब बढ़ने लगा तो चुनाव आयोग ने सूचना प्रसारण मंत्रालय से रिपोर्ट मांगी। सूचना प्रसारण मंत्रालय ने जब इसका ​जवाब दिया तो हंगामा और भी बढ़ गया। मंत्रालय ने चुनाव आयोग को बताया कि नमो टीवी एक ‘विज्ञापन आधारित प्लेटफॉर्म’ है और इसका प्रसारण डीटीएच ऑपरेटर्स कर रहे हैं। इस प्रसारण का खर्चा भारतीय जनता पार्टी द्वारा उठाया जा रहा है।

बता दें कि अब नमो टीवी का प्रसारण बंद होने को चुनाव खत्म होने से जोड़कर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि चुनाव खत्म होने ही नमो टीवी का उद्देश्य पूरा हो गया है, और इस पर अब खर्च करना बेकार की कवायद है। लिहाजा इस चैनल को रहस्यमयी ढंग से बंद करवा दिया गया।

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव 2019 के दौरान पूरे देश में दिखने वाला नमो टीवी अब गायब हो गया है। बताया जा रहा है कि जितने रहस्यमय तरीके से ये चैनल आया था, उसी तरीके से ये गायब हो गया और किसी को कानोकान खबर तक नहीं लगी। इस चैनल के गायब होने के बाद चर्चा होने लगी है कि इसे भारतीय जनता पार्टी अपने फायदे के लिए लेकर आई थी। बता दें कि 26 मार्च को जब लोग अपने टीवी चैनलों पर नमो टीवी को देखें तो चौक गए। इस चैनल के बारे में पहले न तो किसी ने सुना था और न ही कोई विज्ञापन आया था। एक दिन अचानक उन्होंने अपने डीटीएच बॉक्स पर पीएम नरेंद्र मोदी के भाषणों, इंटरव्यू और कार्यक्रमों को देखा तो हैरान रह गए। वहीं इस चैनल की जानकारी विपक्ष को हुई तो हंगामा करने लगे। राहुल गांधी समेत कई नेताओं ने सूचना प्रसारण मंत्रालय से इसकी शिकायत किया कि इस चैनल के प्रसारण की अनुमित किस तरह दी गई है। विपक्ष ने इस चैनल को सरकार का प्रोपगैंडा मशीन करार दिया। ये विवाद जब बढ़ने लगा तो चुनाव आयोग ने सूचना प्रसारण मंत्रालय से रिपोर्ट मांगी। सूचना प्रसारण मंत्रालय ने जब इसका ​जवाब दिया तो हंगामा और भी बढ़ गया। मंत्रालय ने चुनाव आयोग को बताया कि नमो टीवी एक 'विज्ञापन आधारित प्लेटफॉर्म' है और इसका प्रसारण डीटीएच ऑपरेटर्स कर रहे हैं। इस प्रसारण का खर्चा भारतीय जनता पार्टी द्वारा उठाया जा रहा है। बता दें कि अब नमो टीवी का प्रसारण बंद होने को चुनाव खत्म होने से जोड़कर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि चुनाव खत्म होने ही नमो टीवी का उद्देश्य पूरा हो गया है, और इस पर अब खर्च करना बेकार की कवायद है। लिहाजा इस चैनल को रहस्यमयी ढंग से बंद करवा दिया गया।