1. हिन्दी समाचार
  2. दिल्ली
  3. नारदा स्टिंग केस : हाईकोर्ट ने ममता सरकार पर लगाया 5000 जुर्माना, हलफनामा दाखिल करने की दी इजाजत

नारदा स्टिंग केस : हाईकोर्ट ने ममता सरकार पर लगाया 5000 जुर्माना, हलफनामा दाखिल करने की दी इजाजत

कलकत्ता हाईकोर्ट ने बुधवार को सुनवाई करते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, कानून मंत्री मलय घटक और राज्य सरकार को नारदा स्टिंग केस में कोर्ट के सामने हलफनामा दाखिल करने की अनुमति दे दी है। बता दें कि मंगलवार को हाईकोर्ट ने इनके आवेदनों पर आदेश सुरक्षित रख लिया था।

By संतोष सिंह 
Updated Date

कोलकाता। कलकत्ता हाईकोर्ट ने बुधवार को सुनवाई करते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, कानून मंत्री मलय घटक और राज्य सरकार को नारदा स्टिंग केस में कोर्ट के सामने हलफनामा दाखिल करने की अनुमति दे दी है। बता दें कि मंगलवार को हाईकोर्ट ने इनके आवेदनों पर आदेश सुरक्षित रख लिया था। नारद स्टिंग मामले को ट्रांसफर करने के लिए सीबीआई की याचिका के संबंध में अदालत के सामने हलफनामा दायर करने के लिए सरकार ने आवेदन किया था। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने ममता बनर्जी और राज्‍य सरकार पर समय से हलफनामा न दाखिल करने पर 5000 रुपये का जुर्माना लगाया है।

पढ़ें :- SC का 'सुप्रीम फैसला' : HC के अनुमति बगैर सांसद व विधायकों के खिलाफ दर्ज केस वापस नहीं ले सकेंगी राज्य सरकारें
Jai Ho India App Panchang

यह हलफनामा पिछले महीने नारदा स्टिंग केस में हुई टीएमसी के तीन नेताओं की गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ऑफिस के बाहर हुए घटनाक्रम पर सरकार का पक्ष दाखिल करने के लिए है। सीबीआई ने नारदा स्टिंग मामले को विशेष सीबीआई अदालत से हाईकोर्ट में ट्रांसफर करने का अनुरोध किया था। ममता बनर्जी, मलय घटक और राज्य सरकार की ओर से पेश हुए वकीलों और सीबीआई की दलीलें पेश होने के बाद कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल की अध्यक्षता वाली हाईकोर्ट की पांच न्यायाधीशों की पीठ ने मंगलवार को आवेदन पर आदेश सुरक्षित रख लिया था।

पिछले हफ्ते सुप्रीम कोर्ट ने नारदा मामले के संबंध में तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और अन्य द्वारा दायर हलफनामों को रिकॉर्ड करने से इनकार करने वाले हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी थी। अदालत ने ममता बनर्जी और बंगाल के कानून मंत्री मलय घटक को नए सिरे से याचिका दायर करने का निर्देश दिया था। 9 जून को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल के नेतृत्व में कलकत्ता हाईकोर्ट की पांच जजों की पीठ ने ममता बनर्जी और मलय घटक द्वारा दायर हलफनामों को स्वीकार करने से इनकार कर दिया था।

हाईकोर्ट ने कहा था कि तृणमूल नेताओं ने सही समय पर हलफनामा दाखिल नहीं करने का जोखिम उठाया और अब उन्हें अपनी मर्जी से हलफनामा दाखिल करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। ममता बनर्जी 21 जून को इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट गई थीं।

पढ़ें :- ममता का मोदी सरकार पर बड़ा हमला, बोलीं-मीडिया घरानों पर हमला लोकतंत्र कुचलने का एक और क्रूर प्रयास
इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...