NIA को और ताकतवर बनाने की तैयारी, आतंकी घोषित करने का होगा अधिकार

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NIA को और ताकतवर बनाने की तैयारी, आतंकी' घोषित करने का होगा अधिकार

नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत और विदेशों में आतंकी मामलों की जांच के लिए NIA को और मजबूती देने के दो कानूनों में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। सूत्रों ने सोमवार को इस बारे में बताया। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) कानून और गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) कानून को संशोधित करने के लिए आगामी दिनों में संसद में अलग-अलग विधेयक लाए जाएंगे।

Narendra Modi Cabinet Meeting Nia Two Laws Amendment Bill :

सूत्रों ने बताया कि इन संशोधनों से एनआईए साइबर अपराधों (cybercrimes) और मानव तस्‍करी (human trafficking) के मामलों की जांच कर पाएगी। साथ ही गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) कानून की अनुसूची चार (Schedule 4 of the UAPA) में संशोधन से एनआईए उस संदिग्‍ध को आतंकवादी घोषित कर पाएगी जिस पर आतंकवाद से संबंध होने का संदेह होगा।

अब तक केवल संगठनों को आतंकी संगठन के रूप में घोषित किया जाता है। साल 2017 से ही केंद्रीय गृह मंत्रालय दो कानूनों को और मजबूत बनाने पर विचार कर रहा है ताकि एनआईए को और ताकत मिल सके। इसमें विशेष तौर पर साइबर अपराध और किसी व्यक्ति को आतंकी घोषित करने का अधिकार शामिल है क्योंकि इनमें बहुत तेजी से बढ़ोतरी देखी जा रही है। बता दें कि एनआईए का गठन मुंबई आतंकवादी हमले के बाद साल 2009 में किया गया था। इस हमले में 166 लोगों की मौत हुई थी।

नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत और विदेशों में आतंकी मामलों की जांच के लिए NIA को और मजबूती देने के दो कानूनों में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। सूत्रों ने सोमवार को इस बारे में बताया। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) कानून और गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) कानून को संशोधित करने के लिए आगामी दिनों में संसद में अलग-अलग विधेयक लाए जाएंगे। सूत्रों ने बताया कि इन संशोधनों से एनआईए साइबर अपराधों (cybercrimes) और मानव तस्‍करी (human trafficking) के मामलों की जांच कर पाएगी। साथ ही गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) कानून की अनुसूची चार (Schedule 4 of the UAPA) में संशोधन से एनआईए उस संदिग्‍ध को आतंकवादी घोषित कर पाएगी जिस पर आतंकवाद से संबंध होने का संदेह होगा। अब तक केवल संगठनों को आतंकी संगठन के रूप में घोषित किया जाता है। साल 2017 से ही केंद्रीय गृह मंत्रालय दो कानूनों को और मजबूत बनाने पर विचार कर रहा है ताकि एनआईए को और ताकत मिल सके। इसमें विशेष तौर पर साइबर अपराध और किसी व्यक्ति को आतंकी घोषित करने का अधिकार शामिल है क्योंकि इनमें बहुत तेजी से बढ़ोतरी देखी जा रही है। बता दें कि एनआईए का गठन मुंबई आतंकवादी हमले के बाद साल 2009 में किया गया था। इस हमले में 166 लोगों की मौत हुई थी।