नई दूरसंचार नीति को मोदी सरकार की हरी झंडी, 40 लाख लोगों को मिलेगी नौकरी

नई दूरसंचार नीति को मोदी सरकार की हरी झंडी, 40 लाख लोगों को मिलेगी नौकरी
नई दूरसंचार नीति को मोदी सरकार की हरी झंडी, 40 लाख लोगों को मिलेगी नौकरी

नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को नयी दूरसंचार नीति को मंजूरी दे दी। इस नई नीति को राष्ट्रीय डिजिटल संचार नीति (एनडीसीपी), 2018 का नाम दिया गया है। इसके तहत 2022 तक क्षेत्र में 100 अरब डॉलर का निवेश आकर्षित करने और 40 लाख रोजगार के अवसरों के सृजन का लक्ष्य है। एक आधिकारिक सूत्र ने पीटीआई भाषा से कहा कि मंत्रिमंडल ने एनडीसीपी को मंजूरी दे दी है।

Narendra Modi Government Implemented New Telecom Policy 40 Million People Could Get Jobs :

नीति के मसौदे के तहत एनडीसीपी द्रुत गति की ब्रॉडबैंड पहुंच बढ़ाने, 5 जी और आप्टिकल फाइबर जैसी आधुनिक प्रौद्योगिकी के उचित मूल्य में इस्तेमाल पर केंद्रित है। मसौदे में कर्ज के बोझ से दबे दूरसंचार क्षेत्र में नयी जान फूंकने के लिए स्पेक्ट्रम शुल्क आदि को तर्कसंगत बनाने का प्रस्ताव किया गया है। प्रस्तावित नयी दूरसंचार नीति में सभी को 50 मेगाबिट प्रति सेकेंड की गति वाले ब्रॉडबैंड की पहुंच उपलब्ध कराने, 5जी सेवाओं तथा 2022 तक 40 लाख नए रोजगार के अवसरों के सृजन का प्रावधान है।

प्रस्तावित नई दूरसंचार नीति में सभी को 50 मेगाबिट प्रति सेकंड की गति वाले ब्रॉडबैंड की पहुंच उपलब्ध कराने का भी प्रावधान है। दूरसंचार मंत्री मनोज सिन्हा ने कहा कि बीते तीन सालों में दूरसंचार क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआइ) बढ़कर पांच गुना 6.2 अरब डॉलर (44,640 करोड़ रुपये) हो गया। आधुनिक तकनीक लाने में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआइ) की अहम भूमिका है। पिछले तीन वर्षो में दूरसंचार क्षेत्र में एफडीआइ बढ़कर पांच गुना हो गया है। 2015-16 में यह 1.3 अरब डॉलर था जो 2017-18 में बढ़कर 6.2 अरब डॉलर पर पहुंच गया।

नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को नयी दूरसंचार नीति को मंजूरी दे दी। इस नई नीति को राष्ट्रीय डिजिटल संचार नीति (एनडीसीपी), 2018 का नाम दिया गया है। इसके तहत 2022 तक क्षेत्र में 100 अरब डॉलर का निवेश आकर्षित करने और 40 लाख रोजगार के अवसरों के सृजन का लक्ष्य है। एक आधिकारिक सूत्र ने पीटीआई भाषा से कहा कि मंत्रिमंडल ने एनडीसीपी को मंजूरी दे दी है। नीति के मसौदे के तहत एनडीसीपी द्रुत गति की ब्रॉडबैंड पहुंच बढ़ाने, 5 जी और आप्टिकल फाइबर जैसी आधुनिक प्रौद्योगिकी के उचित मूल्य में इस्तेमाल पर केंद्रित है। मसौदे में कर्ज के बोझ से दबे दूरसंचार क्षेत्र में नयी जान फूंकने के लिए स्पेक्ट्रम शुल्क आदि को तर्कसंगत बनाने का प्रस्ताव किया गया है। प्रस्तावित नयी दूरसंचार नीति में सभी को 50 मेगाबिट प्रति सेकेंड की गति वाले ब्रॉडबैंड की पहुंच उपलब्ध कराने, 5जी सेवाओं तथा 2022 तक 40 लाख नए रोजगार के अवसरों के सृजन का प्रावधान है। प्रस्तावित नई दूरसंचार नीति में सभी को 50 मेगाबिट प्रति सेकंड की गति वाले ब्रॉडबैंड की पहुंच उपलब्ध कराने का भी प्रावधान है। दूरसंचार मंत्री मनोज सिन्हा ने कहा कि बीते तीन सालों में दूरसंचार क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआइ) बढ़कर पांच गुना 6.2 अरब डॉलर (44,640 करोड़ रुपये) हो गया। आधुनिक तकनीक लाने में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआइ) की अहम भूमिका है। पिछले तीन वर्षो में दूरसंचार क्षेत्र में एफडीआइ बढ़कर पांच गुना हो गया है। 2015-16 में यह 1.3 अरब डॉलर था जो 2017-18 में बढ़कर 6.2 अरब डॉलर पर पहुंच गया।