एमपी: निर्वाचन आयोग ने रद्द किया मंत्री नरोत्तम मिश्रा का चुनाव, हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत

भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा में दतिया सीट से विधायक और शिवराज सिंह चौहान की कैबिनेट का हिस्सा रहे नरोत्तम मिश्रा के चुनाव को निर्वाचन आयोग ने रद्द कर दिया है। लंबे समय से पेड न्यूज मामले में निर्वाचन आयोग मिश्रा के खिलाफ सुनवाई कर रहा था। आयोग ने मिश्रा के चुनाव को निरस्त करते हुए, उन्हें अगले तीन सालों तक किसी चुनाव के प्रत्याशी बनने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया था। मिश्रा ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष आयोग के फैसले को चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने आयोग के फैसले को सही करार देते हुए उनकी याचिका को दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई के लिए स्थानांतरित कर दिया था। हाईकोर्ट ने शुक्रवार को मिश्रा के पक्ष को सुनने के बाद आयोग के फैसले को कायम रखते हुए किसी प्रकार की राहत देने से स्पष्ट इंकार कर दिया है।

मिली जानकारी के मुताबिक 2008 के विधानसभा चुनावों में बतौर प्रत्याशी नरोत्तम मिश्रा ने पेड न्यूज के खर्च के संदर्भ में निर्वाचन आयोग को स्पष्ट जानकारी नहीं दी थी। आयोग की ओर से की गई जांच में दोषी पाए जाने के बाद वर्तमान विधानसभा में बतौर विधायक और मंत्री शामिल मिश्रा के चुनाव को आयोग ने निरस्त कर दिया था।

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नरोत्तम ​मिश्रा शिवराज सरकार में जनसंपर्क ​विभाग के मंत्री हुआ करते थे। निर्वाचन आयोग के फैसले के बाद वह राष्ट्रपति चुनावों में मतदान करने के योग्य नहीं बचे हैं।

आपको बता दें कि छात्र राजनीति से अपना सियासी सफर शुरू करने वाले नरोत्तम मिश्रा की पहचान शिवराज सरकार के तेजतर्रार मंत्रियों में होती रही है। शिवराज सरकार नरोत्तम मिश्रा पर लगे आरोपों के चलते लंबे समय से विपक्ष के निशाने पर रही। विपक्ष के तमाम प्रयासों के बावजूद नरोत्तम मिश्रा शिवराज कैबिनेट का हिस्सा बने रहे।

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