197 दिन अंतरिक्ष में रहने के बाद चलना भूला अंतरिक्ष यात्री, VIDEO वायरल

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197 दिन अंतरिक्ष में रहने के बाद चलना भूला अंतरिक्ष यात्री, VIDEO वायरल

नई दिल्ली। अंतरिक्ष में लंबे वक्त तक रहने के बाद इंसान को मामूली काम करने में भी तकलीफ हो सकती है। अंतरिक्ष में 197 दिन बिताने वाले एस्ट्रोनॉट एजे ड्रू फीउस्टेल ने एक वीडियो शेयर किया है जिसमें उन्हें धरती पर चलने के दौरान संघर्ष करते देखा जा सकता है। उन्होंने लिखा- घर में स्वागत है। 5 अक्टूबर को मैं कुछ ऐसा था। 197 दिन स्पेस में रहने के बाद धरती पर कदम रखा. फील्ड टेस्ट एक्सपेरीमेंट में मेरे पैर चलते समय ऐसे लड़खड़ा रहे थे।

Nasa Astronaut Walk On Earth After Spending 197 Days In Space :

ए.जे. समेत 3 लोगों को इंटरनैशनल स्पेस स्टेशन (आईएसएस) पर भेजा गया था। इन्हें वहां मौजूद ऑर्बिट लैबरेटरी को ऑपरेशनल बनाने के अलावा स्पेसवॉक करने के लिए भेजा गया था। इन 197 दिनों में 3 लोगों के इस क्रू ने स्पेस में काफी शोध किए। विडियो को शेयर करते हुए ए.जे. ने लिखा, ‘घर लौटने पर स्वागत है सियोज एमएस09, यह अक्टूबर 5 की विडियो है जब मैं फील्ड टेस्ट एक्सपेरिमेंट के लिए स्पेस में 197 दिन बिताकर पृथ्वी पर वापस आया था। मुझे उम्मीद है हाल में वापस आई क्रू की हालत इससे बेहतर होगी।’

फीउस्टेल ने अंतरिक्ष स्टेशन पर फील्ड टेस्ट में हिस्सा लिया था. एस्ट्रोनॉट 6 महीने से सालभर तक भौतिक बदलाव और प्रभावों का अध्ययन करने के लिए अंतरिक्ष में रहते हैं। धरती पर लौटने के बाद उनके शरीर में भी कई तरह के प्रभाव देखने को मिलते हैं।अंतरिक्ष से धरती पर लौटने के बाद क्रू मेंबर्स को तुरंत मेडिकल सहायता उपलब्ध कराया जाता है।

बता दें, इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में ट्रेडमिल, स्टेशनरी बाइक और वेटलिफ्टिंग मशीन होती है। जहां अंतरिक्ष यात्री रोज एक्सरसाइज करते हैं। 180 दिन स्पेस में रहने के बाद शरीरिक ताकत 11 से 17 प्रतिशत कम हो जाती है।ऐसे में जब एजे ड्रयू फ्यूजटेल स्पेसवॉक करने के बाद धरती पर आए तो उनको चलने में परेशानी हुई।

नई दिल्ली। अंतरिक्ष में लंबे वक्त तक रहने के बाद इंसान को मामूली काम करने में भी तकलीफ हो सकती है। अंतरिक्ष में 197 दिन बिताने वाले एस्ट्रोनॉट एजे ड्रू फीउस्टेल ने एक वीडियो शेयर किया है जिसमें उन्हें धरती पर चलने के दौरान संघर्ष करते देखा जा सकता है। उन्होंने लिखा- घर में स्वागत है। 5 अक्टूबर को मैं कुछ ऐसा था। 197 दिन स्पेस में रहने के बाद धरती पर कदम रखा. फील्ड टेस्ट एक्सपेरीमेंट में मेरे पैर चलते समय ऐसे लड़खड़ा रहे थे। ए.जे. समेत 3 लोगों को इंटरनैशनल स्पेस स्टेशन (आईएसएस) पर भेजा गया था। इन्हें वहां मौजूद ऑर्बिट लैबरेटरी को ऑपरेशनल बनाने के अलावा स्पेसवॉक करने के लिए भेजा गया था। इन 197 दिनों में 3 लोगों के इस क्रू ने स्पेस में काफी शोध किए। विडियो को शेयर करते हुए ए.जे. ने लिखा, 'घर लौटने पर स्वागत है सियोज एमएस09, यह अक्टूबर 5 की विडियो है जब मैं फील्ड टेस्ट एक्सपेरिमेंट के लिए स्पेस में 197 दिन बिताकर पृथ्वी पर वापस आया था। मुझे उम्मीद है हाल में वापस आई क्रू की हालत इससे बेहतर होगी।' फीउस्टेल ने अंतरिक्ष स्टेशन पर फील्ड टेस्ट में हिस्सा लिया था. एस्ट्रोनॉट 6 महीने से सालभर तक भौतिक बदलाव और प्रभावों का अध्ययन करने के लिए अंतरिक्ष में रहते हैं। धरती पर लौटने के बाद उनके शरीर में भी कई तरह के प्रभाव देखने को मिलते हैं।अंतरिक्ष से धरती पर लौटने के बाद क्रू मेंबर्स को तुरंत मेडिकल सहायता उपलब्ध कराया जाता है। बता दें, इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में ट्रेडमिल, स्टेशनरी बाइक और वेटलिफ्टिंग मशीन होती है। जहां अंतरिक्ष यात्री रोज एक्सरसाइज करते हैं। 180 दिन स्पेस में रहने के बाद शरीरिक ताकत 11 से 17 प्रतिशत कम हो जाती है।ऐसे में जब एजे ड्रयू फ्यूजटेल स्पेसवॉक करने के बाद धरती पर आए तो उनको चलने में परेशानी हुई।