नासा के इस सेटेलाइट ने खोजा पृथ्वी के आकार का ग्रह

MIT-TESS-Earth
नासा के इस सेटेलाइट ने खोजा पृथ्वी के आकार का ग्रह

नई दिल्ली। संयुक्त राज्य अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने हमारे सौरमंडल के बाहर पृथ्वी के आकार का ग्रह खोजा है। यह ग्रह धरती से 53 प्रकाशवर्ष दूर स्थित तारे की परिक्रमा कर रहा है। इस ग्रह को नासा की ट्रांजिटिंग एक्सोप्लेनेट सर्वे सेटेलाइट (TESS) ने खोजा है। टीईएसएस ने उस तारे की व्यवस्था में नेपच्यून (वरुण) ग्रह के आकार का भी एक ग्रह खोजा है।

Nasas Satellite Discovered Earth Sized Planet :

दरअसल, अमेरिका के कार्नेजी इंस्टीट्यूशन फॉर साइंस की जोहन्ना टेस्क ने कहा, ‘यह बहुत उत्साहजनक है कि करीब सालभर पहले लांच हुआ टीईएसएस ग्रहों का पता लगाने में ऐतिहासिक साबित हो रहा है। यह अंतरिक्ष यान पूरे आकाश का सर्वेक्षण कर रहा है। इसके नतीजे कई अन्य अध्ययनों में भी सहायक होंगे।’ वैज्ञानिक टीईएसएस से मिले संकेतों को अन्य उपकरणों के माध्यम से पुष्ट करते हैं। तथ्यों को पुष्ट करने में चिली में स्थापित मेगलन-2 टेलीस्कोप पर लगे प्लेनेट फाइंडर स्पेक्ट्रोग्राफ (पीएफएस) की अहम भूमिका है।

वहीं, पीएफएस रेडियल वेलोसिटी मैथड कही जाने वाली तकनीक पर काम करता है। किसी ग्रह का द्रव्यमान जानने की यह एकमात्र उपलब्ध तकनीक है। बिना द्रव्यमान जाने किसी ग्रह का घनत्व और उसकी रासायनिक संरचना का पता लगाना बहुत मुश्किल होता है। यह तकनीक इस सिद्धांत पर काम करती है कि जिस तरह तारे के गुरुत्वाकर्षण से ग्रह की परिक्रमा पर असर पड़ता है, उसी तरह ग्रह के गुरुत्वाकर्षण से तारे पर भी प्रभाव पड़ता है।

आपको बता दें, TESS ने दो ग्रह खोजे हैं। इन्हें एचडी 21749बी और एचडी 21749सी नाम दिया गया है। इन ग्रहों के तारे का द्रव्यनाम सूर्य 80 फीसद के बराबर है। एचडी 21749बी अपने तारे की 36 दिन में परिक्रमा पूरी कर लेता है। इस ग्रह का द्रव्यमान पृथ्वी से 23 गुना और त्रिज्या पृथ्वी से 2.7 गुना है। दूसरा ग्रह यानी एचडी 21749सी का आकार लगभग पृथ्वी के बराबर है। यह अपने तारे की आठ दिन में परिक्रमा पूरी करता है।

नई दिल्ली। संयुक्त राज्य अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने हमारे सौरमंडल के बाहर पृथ्वी के आकार का ग्रह खोजा है। यह ग्रह धरती से 53 प्रकाशवर्ष दूर स्थित तारे की परिक्रमा कर रहा है। इस ग्रह को नासा की ट्रांजिटिंग एक्सोप्लेनेट सर्वे सेटेलाइट (TESS) ने खोजा है। टीईएसएस ने उस तारे की व्यवस्था में नेपच्यून (वरुण) ग्रह के आकार का भी एक ग्रह खोजा है। दरअसल, अमेरिका के कार्नेजी इंस्टीट्यूशन फॉर साइंस की जोहन्ना टेस्क ने कहा, ‘यह बहुत उत्साहजनक है कि करीब सालभर पहले लांच हुआ टीईएसएस ग्रहों का पता लगाने में ऐतिहासिक साबित हो रहा है। यह अंतरिक्ष यान पूरे आकाश का सर्वेक्षण कर रहा है। इसके नतीजे कई अन्य अध्ययनों में भी सहायक होंगे।’ वैज्ञानिक टीईएसएस से मिले संकेतों को अन्य उपकरणों के माध्यम से पुष्ट करते हैं। तथ्यों को पुष्ट करने में चिली में स्थापित मेगलन-2 टेलीस्कोप पर लगे प्लेनेट फाइंडर स्पेक्ट्रोग्राफ (पीएफएस) की अहम भूमिका है। वहीं, पीएफएस रेडियल वेलोसिटी मैथड कही जाने वाली तकनीक पर काम करता है। किसी ग्रह का द्रव्यमान जानने की यह एकमात्र उपलब्ध तकनीक है। बिना द्रव्यमान जाने किसी ग्रह का घनत्व और उसकी रासायनिक संरचना का पता लगाना बहुत मुश्किल होता है। यह तकनीक इस सिद्धांत पर काम करती है कि जिस तरह तारे के गुरुत्वाकर्षण से ग्रह की परिक्रमा पर असर पड़ता है, उसी तरह ग्रह के गुरुत्वाकर्षण से तारे पर भी प्रभाव पड़ता है। आपको बता दें, TESS ने दो ग्रह खोजे हैं। इन्हें एचडी 21749बी और एचडी 21749सी नाम दिया गया है। इन ग्रहों के तारे का द्रव्यनाम सूर्य 80 फीसद के बराबर है। एचडी 21749बी अपने तारे की 36 दिन में परिक्रमा पूरी कर लेता है। इस ग्रह का द्रव्यमान पृथ्वी से 23 गुना और त्रिज्या पृथ्वी से 2.7 गुना है। दूसरा ग्रह यानी एचडी 21749सी का आकार लगभग पृथ्वी के बराबर है। यह अपने तारे की आठ दिन में परिक्रमा पूरी करता है।