सिनेमा हॉल में फिल्म से पहले चलेगा राष्ट्रगान, सम्मान जरूरी: सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली। देश की सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को एक याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि देश के सभी सिनेमा घरों में फिल्म शुरू होने से पहले राष्ट्रगान चलाया जाएगा। इस दौरान सिनेमा ​स्क्रीन पर तिरंगा दिखाना अनिवार्य होगा और सिनेमा हाल में मौजूद सभी के लोगों के लिए जरूरी होगा कि वे राष्ट्रान के सम्मान में खड़े हों।




मिली जानकारी के मुताबिक याचिका कर्ता श्याम नरायण चौकसे ने अपनी याचिका में कहा था कि राष्ट्रगान का व्यावसायिक प्रयोग रूकना चाहिए। किसी शो में ड्रामा क्रिएट करने के लिए राष्ट्रगान की आधी अधूरी धुन का प्रयोग किया जाना बंद होना चाहिए। भारतीय संविधान में 1971 में शामिल हुए कानून के मुताबिक राष्ट्रगान का व्यावसायिक प्रयोग करना या किसी भी रूप में आधा अधूरा बजाना अपराध की श्रेणी में आता है।




इस याचिका पर अपना फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राष्ट्रगान राष्ट्रीय एकता, राष्ट्रीय पहचान और संवैधानिक देशभक्ति का प्रतीक है। अगर राष्ट्रगान किसी भी रूप में एकबार गाया जाने लगे या चलाया जाने लगे तो उसे पूरा चलाना अनिवार्य है। राष्ट्रगान को वैरायटी सॉग के रूप में नहीं गाया जा सकता न ही इसका कोई व्यावसायिक प्रयोग नहीं किया जा सकता।

आपको बता दें कि करीब 15 वर्ष पहले तक सिनेमा घरों में फिल्म के अंत में राष्ट्रगान चलाया जाता था। लेकिन दर्शकों द्वारा राष्ट्रगान के सम्मान का ध्यान न रखे जाने के चलते धीरे—धीरे इसे बंद कर दिया गया। हालांकि महाराष्ट्र वर्तमान में देश का एकेला ऐसा राज्य है जहां सिनेमा घरों में फिल्म से पहले राष्ट्रगान चलाया जाता है।