किसानों को सस्ते ऋण और दोगुनी आय के प्रयास जारी: अरुण जेटली

arun jaitely

नई दिल्ली। देश में खेती को फायदेमंद बनाना जरूरी है। यही वजह है कि सरकार कृषि की लागत घटाने और किसानों को सस्ते ऋण उपलब्ध कराने जैसी सुविधाओं के लिए लगातार प्रयास कर रही है। एशिया प्रशांत ग्रामीण और कृषि ऋण फोरम के उद्घाटन समारोह में जेटली ने कहा कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, सिंचाई, विद्युतीकरण, आवास और स्वच्छता जैसे बुनियादी ढांचे को सुधारने की कोशिश कर रही है।

नैशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर ऐंड रूरल डिवेलपमेंट में हुई बातचीत

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जेटली ने नैशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर ऐंड रूरल डिवेलपमेंट (नाबार्ड) द्वारा आयोजित कार्यक्रम में कहा कि, ‘किसानों को राज्य सब्सिडी के द्वारा लागत का खर्च कम कीमत पर मुहैया कराया जाएगा, यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसानों के लिए बड़ी मात्रा में ऋण उपलब्ध हो, और उसके ब्याज का एक बड़ा हिस्सा का बोझ सरकार उठाएगी जिससे किसानों की आय दोगुनी हो सके ।’

उन्होंने कहा, ‘सही उपज ना होने पर किसानों को बीमा का लाभ भी मिलेगा, जिसकी सब्सिडी राज्य द्वारा प्रदान की जाती है। ये विभिन्न साधन हैं जो हम अपने सीमित बजट के अंदर बना रहे हैं।’ पिछले साल प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने 6 साल के दौरान किसानों की आय को दोगुना करने के लिए सात सूत्री रणनीति का खुलासा किया था, ताकि किसानों की आय दोगुनी हो।

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यह मंच संयुक्त रूप से नाबार्ड और एशिया प्रशांत ग्रामीण और कृषि ऋण संघ (एपीआरएसीए) द्वारा आयोजित किया जाता है, जो एशिया-प्रशांत क्षेत्र के देशों का एक क्षेत्रीय संघ है जो ग्रामीण वित्त के क्षेत्र में सहयोग, पारस्परिक आदान-प्रदान और विशेषज्ञता को बढ़ावा देता है।

नई दिल्ली। देश में खेती को फायदेमंद बनाना जरूरी है। यही वजह है कि सरकार कृषि की लागत घटाने और किसानों को सस्ते ऋण उपलब्ध कराने जैसी सुविधाओं के लिए लगातार प्रयास कर रही है। एशिया प्रशांत ग्रामीण और कृषि ऋण फोरम के उद्घाटन समारोह में जेटली ने कहा कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, सिंचाई, विद्युतीकरण, आवास और स्वच्छता जैसे बुनियादी ढांचे को सुधारने की कोशिश कर रही है। नैशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर ऐंड रूरल डिवेलपमेंट में हुई बातचीत…
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