NGT आदेश: अमरनाथ यात्रा के दौरान जयकारे और मोबाइल पर रोक

amarnath

नई दिल्ली। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने अमरनाथ श्राईन बोर्ड के लिए निर्देश जारी करते हुए बताया कि अमरनाथ में कोई मंत्रोच्चारण, जयकारे और मोबाइल पर रोक लगा दी है। साथ ही कहा है कि अंतिम चेक पोस्ट के बाद गुफा में प्रवेश करने के लिए श्रृद्धालुओं का जत्था एक लाइन में ही होना चाहिए।

National Ngt Bans Mobile Phones Chanting Mantras At Amarnath Yatra :

एनजीटी चेयरपर्सन जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली बेंच ने श्राईन बोर्ड को निर्देश दिया कि अंतिम चेक पोस्ट के बाद श्रृद्धालुओं को मोबाइल ले जाने की अनुमति नहीं दें। एनजीटी ने ही घंटी बजाने पर भी रोक लगा दी है। पिछले 15 नवंबर को एनजीटी ने श्रृद्धालुओं को इंफ्रास्ट्रक्चर मुहैया न कराने के लिए अमरनाथ श्राईन बोर्ड को फटकार लगाई थी। एनजीटी ने अमरनाथ श्राइन के आसपास के क्षेत्र को ‘साइलेंस जोन’ घोषित करने का निर्देश दिया था। साथ ही गुफा के पास नारियल न फेंकने का सख्त आदेश भी दिया गया है।

एनजीटी ने केंद्रीय पर्यावरण और वन मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव के नेतृत्व में एक कमेटी बनाई है जो श्रद्धालुओं को इंफ्रास्ट्रक्चर मुहैया कराने पर रिपोर्ट सौंपेगी। ये कमेटी मौके पर जाकर मुआयना करेगी और रास्तों की सुगमता और साफ-सफाई का निरीक्षण कर रिपोर्ट दाखिल करेगी।

नई दिल्ली। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने अमरनाथ श्राईन बोर्ड के लिए निर्देश जारी करते हुए बताया कि अमरनाथ में कोई मंत्रोच्चारण, जयकारे और मोबाइल पर रोक लगा दी है। साथ ही कहा है कि अंतिम चेक पोस्ट के बाद गुफा में प्रवेश करने के लिए श्रृद्धालुओं का जत्था एक लाइन में ही होना चाहिए। एनजीटी चेयरपर्सन जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली बेंच ने श्राईन बोर्ड को निर्देश दिया कि अंतिम चेक पोस्ट के बाद श्रृद्धालुओं को मोबाइल ले जाने की अनुमति नहीं दें। एनजीटी ने ही घंटी बजाने पर भी रोक लगा दी है। पिछले 15 नवंबर को एनजीटी ने श्रृद्धालुओं को इंफ्रास्ट्रक्चर मुहैया न कराने के लिए अमरनाथ श्राईन बोर्ड को फटकार लगाई थी। एनजीटी ने अमरनाथ श्राइन के आसपास के क्षेत्र को 'साइलेंस जोन' घोषित करने का निर्देश दिया था। साथ ही गुफा के पास नारियल न फेंकने का सख्त आदेश भी दिया गया है। एनजीटी ने केंद्रीय पर्यावरण और वन मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव के नेतृत्व में एक कमेटी बनाई है जो श्रद्धालुओं को इंफ्रास्ट्रक्चर मुहैया कराने पर रिपोर्ट सौंपेगी। ये कमेटी मौके पर जाकर मुआयना करेगी और रास्तों की सुगमता और साफ-सफाई का निरीक्षण कर रिपोर्ट दाखिल करेगी।