नौतनवा: मार्डन ऐकडमी स्कूल द्वारा मनाया गया शौर्य दिवस, शहीद सैनिकों को दी श्रद्धाजंली

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महराजगंज : मार्डन ऐकडमी सीनियर सेकेन्ड्री स्कूल नौतनवा में वर्ष 1999 में चलाए गए ऑपरेशन विजय को आज शौर्य दिवस के रूप में मनाया गया ।

Nautanwa Shaurya Din Celebrated By Mardan Academy School Shraddha Shinde Given To The Soldiers :

इस अवसर पर विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने देश के जवानों के शौर्य को नमन करते हुए ऑपरेशन के दौरान शहीद सैनिकों को श्रद्धा सुमन अर्पित की ।

इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य जितेश सिन्हा ने कहा कि सन 1999 में मई माह में भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर के कारगिल जिले से युद्ध प्रारंभ हुआ था, इसका कारण था ।

पाक सेना व उसके द्वारा समर्थित आतंकवादियों ने खराब मौसम और बर्फबारी का फायदा उठाकर सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण चोटियों पर कब्जा कर लिया,बाद में भारतीय सैनिकों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए घुसपैठियों को मार भगाया, इसी की याद में 26 जुलाई को “कारगिल विजय दिवस “के रूप में मनाया जाता है।

विद्यालय के अध्यापक देश दीपक पान्डेय ने कहा कि “आज कारगिल युद्ध के दौरान शहीद हुए दीवानों के सपनों को पूरा करना हम सभी की जवाबदेही बनती है और देशभक्ति केवल युद्ध लड़ना ही नहीं होता बल्कि समाज मे सद्भावना स्थापित करके भी देश की सेवा की जा सकती है ।

इस अवसर पर कपिल चौरसिया,कमलेश मणि त्रिपाठी , इन्द्रजीत सिंह, भालेन्दू शुक्ला, वेद प्रकाश मिश्रा, गजेन्द्र विक्रम शाही,माधेश्वर पान्डेय, रवि त्रिपाठी, सुनीता सिह, राहुल सिह, रक्षा थापा, रामेश्वर दयाल, नेहा गुप्ता, कनक श्रीवास्तव, अर्चना मिश्रा,बृजेश पान्डेय, अंचल श्रीवास्तव रविन्द्र सिहं, सत्य प्रकाश आदि अध्यापकगण मौजूद रहे जी मौजूद रहे ।

महराजगंज : मार्डन ऐकडमी सीनियर सेकेन्ड्री स्कूल नौतनवा में वर्ष 1999 में चलाए गए ऑपरेशन विजय को आज शौर्य दिवस के रूप में मनाया गया । इस अवसर पर विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने देश के जवानों के शौर्य को नमन करते हुए ऑपरेशन के दौरान शहीद सैनिकों को श्रद्धा सुमन अर्पित की । इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य जितेश सिन्हा ने कहा कि सन 1999 में मई माह में भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर के कारगिल जिले से युद्ध प्रारंभ हुआ था, इसका कारण था । पाक सेना व उसके द्वारा समर्थित आतंकवादियों ने खराब मौसम और बर्फबारी का फायदा उठाकर सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण चोटियों पर कब्जा कर लिया,बाद में भारतीय सैनिकों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए घुसपैठियों को मार भगाया, इसी की याद में 26 जुलाई को "कारगिल विजय दिवस "के रूप में मनाया जाता है। विद्यालय के अध्यापक देश दीपक पान्डेय ने कहा कि "आज कारगिल युद्ध के दौरान शहीद हुए दीवानों के सपनों को पूरा करना हम सभी की जवाबदेही बनती है और देशभक्ति केवल युद्ध लड़ना ही नहीं होता बल्कि समाज मे सद्भावना स्थापित करके भी देश की सेवा की जा सकती है । इस अवसर पर कपिल चौरसिया,कमलेश मणि त्रिपाठी , इन्द्रजीत सिंह, भालेन्दू शुक्ला, वेद प्रकाश मिश्रा, गजेन्द्र विक्रम शाही,माधेश्वर पान्डेय, रवि त्रिपाठी, सुनीता सिह, राहुल सिह, रक्षा थापा, रामेश्वर दयाल, नेहा गुप्ता, कनक श्रीवास्तव, अर्चना मिश्रा,बृजेश पान्डेय, अंचल श्रीवास्तव रविन्द्र सिहं, सत्य प्रकाश आदि अध्यापकगण मौजूद रहे जी मौजूद रहे ।