नौ दिन के व्रत से प्रबल होगी इच्छाशक्ति

नई दिल्ली: नवरात्रि में नौ दिनों के पूजन का बहुत महत्व है। देवी के नौ रूपों की आराधना का पर्व शुरू हो चुका है। इन सब के साथ नवरात्रि में नौ दिन का व्रत रखने का अपना अलग ही महत्व है लेकिन व्रत रखने वालों के लिए कुछ नियम भी होते हैं। नवरात्रि के व्रत का सबसे बड़ा नियम है नौ दिनों तक अन्न का सेवन ना करना और साथ ही प्याज, लहसुन शराब, नॉन-वेज आदि का भी परहेज होता है।




फलाहारी का सेवन होता है सबसे ज्यादा लाभकारी

नवरात्रि का व्रत चाहे दो दिन का हो या नौ दिन का फलों का सेवन सबसे ज्यादा लाभकारी होता है। फलों के अलावा हम मेवे की मिठाई दूध आदि का भी सेवन कर सकते हैं। जो लोग नमक खाते हैं वो सेंधा नमक को प्रयोग में ला सकते हैं साथ ही लोग साबू दाना और सिंघाड़े के आटे का भी सेवन करते हैं।

व्रत रखने से मिलती है मन को शांति

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नौ दिन के व्रत से मन को शांति मिलती है और शरीर भी शुद्ध रहता है। सादा भोजन खाने से इन्सान का मन शांत रहता है और वो शांत मन से भगवन की साधना कर पता है | व्रत रखने से हमारी इच्छा शक्ति भी प्रबल होती है।

क्या कहता है विज्ञान

नवरात्रि साल में दो बार आते हैं और दोनों ही समय मौसम बदल रहा होता है। साइंस के अनुसार बदलते मौसम में रोगमुक्त रहने के लिए नौ दिन का नवरात्रि का व्रत बहुत लाभकारी है।

क्या कहता है आयुर्वेद

प्राचीन समय में साधू-संत केवल फूल-फल और पेय पदार्थों का ही सेवन करते थे जिससे उनका शरीर स्वस्थ रहता था और रोग मुक्त रहता था। वैसे ही अगर हम साल में दो बार नवरात्रि का व्रत रखते हैं तो हमारा शरीर भी स्वस्थ रहेगा और रोग मुक्त भी रहेगा।

कोमल निगम की रिपोर्ट



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