नवरात्रि 2018: पहले दिन होती है मां शैलपुत्री की पूजा, ऐसे करें पूजा

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नवरात्रि 2018: पहले दिन होती है मां शैलपुत्री की पूजा, ऐसे करें पूजा

लखनऊ। चैत्र नवरात्रि आज यानि रविवार से प्रारंभ हो गए हैं। देवी दुर्गा के नौ रूप हैं शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कुष्मांडा, स्कंधमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री हैं। इन नौ रातों में तीन देवी पार्वती, लक्ष्मी और सरस्वती के नौ रुपों की पूजा होती है जिन्हें नवदुर्गा कहते हैं। इस बार अष्टमी और नवमी एक ही दिन पड़ने की वजह से नवरात्रि 8 दिन की है। जिसमें प्रथम दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है और मां शैलपुत्री पार्वती का ही रूप हैं।

आरोग्य प्रदान करती है मां शैलपुत्री—

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मां शैलपुत्री मानव मन पर अपनी सत्ता रखती हैं। चंद्रमा पर भी उनका आधिप्तय माना जाता है। मां शैलपुत्री पार्वती का ही रूप हैं। पर्वतराज हिमालय के घर जन्म लेने के कारण मां को शैलपुत्री कहा गया। मां की आराधना से मनोविकार दूर होते हैं।

मान्यता है कि मां पार्वती, भगवान शिव से विवाह के पश्चात हर साल नौ दिन अपने मायके यानी पृथ्वी पर आती थीं। नवरात्रि के पहले दिन पर्वतराज अपनी पुत्री का स्वागत कर उनकी पूजा करते थे। इसलिए नवरात्रि के पहले दिन मां के शैलपुत्री रूप की पूजा की जाती है। मां शैलपुत्री का इनका वाहन वृषभ है। इसलिए मां वृषारूढ़ा नाम से भी जानी जाती हैं। मां की आराधना से सुख, संपत्ति का आशीर्वाद प्राप्त होता है। मां को सफेद पुष्प अर्पित करें एवं पीले रंग के वस्त्रों को धारण करें। मां शैलपुत्री की आराधना से आरोग्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

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मां शैलपुत्री की पूजन विधि—

  • पूजा के स्‍थान ठीक से साफ और शुद्ध करें।
  • इसके बाद माता की तस्वीर भी साफ जल से शुद्ध करें, इसके बाद लकड़ी के पाटे पर लाल वस्‍त्र बिछा कर उस पर कलश रखें और माता की तस्‍वीर भी स्‍थापित करें।
  • अब एक मुट्ठी में चावल लेकर माता का ध्यान करते हुए अर्पित करें।
  • मां को चूनर चढ़ायें और लाल रोली की बिंदी लगायें।
  • अंत में मां की आरती करके उन्‍हें प्रणाम करें।

माता की उपासना के लिए मंत्र:—

वन्दे वाञ्छितलाभाय चन्द्रार्धकृतशेखराम्।
वृषारुढां शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम्।

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निरोग रहने के लिए मां को ये लगाएं भोग—

मां शैलपुत्री के चरणों में गाय का घी अर्पित करने से भक्तों को आरोग्य का आशीर्वाद मिलता है और उनका मन एवं शरीर दोनों ही निरोगी रहता है।

लखनऊ। चैत्र नवरात्रि आज यानि रविवार से प्रारंभ हो गए हैं। देवी दुर्गा के नौ रूप हैं शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कुष्मांडा, स्कंधमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री हैं। इन नौ रातों में तीन देवी पार्वती, लक्ष्मी और सरस्वती के नौ रुपों की पूजा होती है जिन्हें नवदुर्गा कहते हैं। इस बार अष्टमी और नवमी एक ही दिन पड़ने की वजह से नवरात्रि 8 दिन की है। जिसमें प्रथम दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है और मां शैलपुत्री पार्वती…
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