Ashtami 2019: जाने कब है अष्टमी और नवमी, ये है राम नवमी का शुभ मुहूर्त

Ashtami 2019: जाने कब है अष्टमी और नवमी, ये है राम नवमी का शुभ मुहूर्त
Ashtami 2019: जाने कब है अष्टमी और नवमी, ये है राम नवमी का शुभ मुहूर्त

लखनऊ। जहां चैत्र नवरात्रि की रौनक पूरे देश में नज़र आ रही है वहीं अब राम नवमी को भी बस एक दिन ही रह गए हैं यानि नवरात्रि के समापन का समय आ रहा है। इन दिनों दुर्गा मां के नौ रुप की पूजा बड़ी ही धुमधाम से किया जा  की रही है लेकिन अब बहुत से लोग अष्टमी और नवमी की तिथि को लेकर असमंजस में हैं। ज्योतिषों के अनुसार 12 अप्रैल दिन शुक्रवार को सुबह 10:18 बजे से 13 अप्रैल दिन शनिवार को सुबह 08:16 बजे तक अष्टमी तिथि होगी उसके बाद नवमी तिथि लग जायेगी। ऐसे में अष्टमी तिथि की महानिशा पूजा 12 अप्रैल शुक्रवार को होगी।

Navratri 2019 Ashtami And Sri Rama Navami Date :

13 अप्रैल को नवरात्रि का नौवा व्रत यानी नवमी है और 13 अप्रैल को सुबह 8 बजे से 14 अप्रैल शाम 6 बजे तक  रामनवमी के लिए शुभ मुहूर्त है।  इस साल रामनवमी पर जो योग बन रहा है इसी योग में भगवान राम का जन्म हुआ था।

रामनवमी की विशेष मान्यता

  • नवरात्रि के नौंवे दिन देवी के आखिरी स्वरुप की पूजा होती है।
  • इस दिन इन पूजा के साथ -साथ हवन भी किया जाता है।
  • रामनवमी के दिन भक्तजन कन्या पूजन करके देवी मां को विदा करते हैं।
  • इस खास दिन सभी भक्त रामनवमी की पुण्य पर्व के रुप में भी मनाते हैं।
  • इस दिन भंडारा भी किया जाता है।

लखनऊ। जहां चैत्र नवरात्रि की रौनक पूरे देश में नज़र आ रही है वहीं अब राम नवमी को भी बस एक दिन ही रह गए हैं यानि नवरात्रि के समापन का समय आ रहा है। इन दिनों दुर्गा मां के नौ रुप की पूजा बड़ी ही धुमधाम से किया जा  की रही है लेकिन अब बहुत से लोग अष्टमी और नवमी की तिथि को लेकर असमंजस में हैं। ज्योतिषों के अनुसार 12 अप्रैल दिन शुक्रवार को सुबह 10:18 बजे से 13 अप्रैल दिन शनिवार को सुबह 08:16 बजे तक अष्टमी तिथि होगी उसके बाद नवमी तिथि लग जायेगी। ऐसे में अष्टमी तिथि की महानिशा पूजा 12 अप्रैल शुक्रवार को होगी।

13 अप्रैल को नवरात्रि का नौवा व्रत यानी नवमी है और 13 अप्रैल को सुबह 8 बजे से 14 अप्रैल शाम 6 बजे तक  रामनवमी के लिए शुभ मुहूर्त है।  इस साल रामनवमी पर जो योग बन रहा है इसी योग में भगवान राम का जन्म हुआ था।

रामनवमी की विशेष मान्यता

  • नवरात्रि के नौंवे दिन देवी के आखिरी स्वरुप की पूजा होती है।
  • इस दिन इन पूजा के साथ -साथ हवन भी किया जाता है।
  • रामनवमी के दिन भक्तजन कन्या पूजन करके देवी मां को विदा करते हैं।
  • इस खास दिन सभी भक्त रामनवमी की पुण्य पर्व के रुप में भी मनाते हैं।
  • इस दिन भंडारा भी किया जाता है।