1. हिन्दी समाचार
  2. Navratri 2019: कल है नवरात्रि का पहला दिन, जान लें कलश स्थापना, शुभ मुहूर्त और पूजन विधि

Navratri 2019: कल है नवरात्रि का पहला दिन, जान लें कलश स्थापना, शुभ मुहूर्त और पूजन विधि

Navratri 2019 Starts From September 29 Know The Date And Time Of Puja With Kalash Sthapna

By आस्था सिंह 
Updated Date

नई दिल्ली।मां दुर्गा का पर्व नवरात्रि इस बार 29 सितंबर 2019 यानि कल से शुरू हो रहा है। नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के अलग-अलग नौ रूपों की पूजा की जाती है। इन नौ शक्तियों में शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री मां हैं। इन दिनों मंदिर जाकर देवी मां के दर्शन करने से जीवन में सफलता मिलती है। सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। इस मौके पर कई लोग घर में कलश स्थापित करते हैं और व्रत रखते हैं। आइए जानते हैं कलश स्थापना के मुहूर्त और पूजन विधि के नियमों के बारे में…

पढ़ें :- हरियाणा में नगर निगम चुनाव के लिए 27 को वोटिंग, 30 को आएगा रिजल्ट

नवरात्रि व्रत/पूजा के नियम

  • अगर आप भी नवरात्रि के व्रत रखने के इच्छु:क हैं तो इन नियमों का पालन जरूर करें।
  • नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थानपना कर नौ दिनों तक व्रत रखने का संकल्प लें।
  • पूरी श्रद्धा भक्ति से मां की पूजा-अर्चना करें।
  • दिन के समय आप फल और दूध का सेवन करें।
  • शाम के समय मां की आरती उतारें।
  • सभी लोगों में प्रसाद बांटें और फिर खुद भी ग्रहण करें।
  • इसके बाद रात में व्रत स्पेशल भोजन ग्रहण करें।
  • हो सके तो इस दौरान अन्न् न खाएं, सिर्फ फलाहार करें।
  • अष्टकमी या नवमी के दिन नौ कन्यांओं को भोजन कराएं। उन्हें उपहार और दक्षिणा दें।
  • अगर संभव हो तो हवन के साथ नवमी के दिन व्रत का पारण करें।

कलश स्थापना की तिथि और शुभ मुहूर्त

कलश स्थापना की तिथि: 29 सितंबर 2019
कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त: 29 सितंबर 2019 को सुबह 06 बजकर 16 मिनट से 7 बजकर 40 मिनट तक
कुल अवधि: 1 घंटा 24 मिनट

कलश स्थापना की सामग्री

पढ़ें :- जब हरभजन के फैन ने ट्वीट का जवाब देते हुए पूछा- चरस पीते हो क्या? जानिए पूरा मामला ...

  • मां दुर्गा को लाल रंग बहुत पसंद है इसलिए लाल रंग का ही आसन खरीदें।
  • इसके अलावा कलश स्थापना के लिए मिट्टी का पात्र, जौ, मिट्टी, जल से भरा हुआ कलश, मौली, इलायची, लौंग, कपूर, रोली, साबुत सुपारी, साबुत चावल, सिक्के, अशोक या आम के पांच पत्ते, नारियल, चुनरी, सिंदूर, फल-फूल, फूलों की माला और श्रृंगार पिटारी भी चाहिए।

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे...