शारदीय नवरात्रि: इस विधि से पूजन कर मां सिद्धिदात्री को करें प्रसन्न

शारदीय नवरात्रि: इस विधि से पूजन कर मां सिद्धिदात्री को करें प्रसन्न
शारदीय नवरात्रि: इस विधि से पूजन कर मां सिद्धिदात्री को करें प्रसन्न

लखनऊ। शारदीय नवरात्रि का आज आखरी दिन यानि नवमी है। आज का दिन नौ दिनों से चल रहे व्रत का पारण करने का दिन है, नवमी के दिन सब लोग अपने-अपने घर में हवन करते हैं और मां दुर्गा का स्वरूप मानी जाने वाली कन्याओं को भोजन कराते है। उसके बाद खुद प्रसाद खा कर व्रत का पारण करते हैं। नवरात्रि में नौवमी का दिन बेहद खास माना जाता है, आज के दिन मां सिद्धिदात्री का पूजन किया जाता है। मान्यता है कि मां दुर्गा के इस स्वरूप का पूजन करने से भक्तों की सभी मनोकामना पूर्ण होती है।

Navratri Navmi Durga Pooja 2 :

बता दें कि मां दुर्गा की नौवीं शक्ति देवी सिद्धिदात्री की पूजा करने से भक्तों को सारी सिद्धियां प्राप्त होती हैं। देवी सिद्धिदात्री को मां सरस्वती का भी एक रूप माना जाता है। माता सिद्धिदात्री की पूजा के बाद ही अगले दिन दशहरे का त्योहार मनाया जाता है।

मां सिद्धिदात्री को ऐसे करें प्रसन्न

मां सिद्धिदात्री को प्रसन्न करने के लिए नौवमी के दिन नौ तरह के प्रसाद, नवरस युक्त भोजन, नौ प्रकार के पुष्प और नौ प्रकार के ही फल अर्पित करने चाहिए। सबसे पहले कलश की पूजा की जाती हैं और उसके बाद विधिपूर्वक माता के मंत्रो का जाप कर पूजा करनी चाहिए। नवरात्र के अंतिम दिन कन्याओं को भोग लगाया जाता है।

लखनऊ। शारदीय नवरात्रि का आज आखरी दिन यानि नवमी है। आज का दिन नौ दिनों से चल रहे व्रत का पारण करने का दिन है, नवमी के दिन सब लोग अपने-अपने घर में हवन करते हैं और मां दुर्गा का स्वरूप मानी जाने वाली कन्याओं को भोजन कराते है। उसके बाद खुद प्रसाद खा कर व्रत का पारण करते हैं। नवरात्रि में नौवमी का दिन बेहद खास माना जाता है, आज के दिन मां सिद्धिदात्री का पूजन किया जाता है। मान्यता है कि मां दुर्गा के इस स्वरूप का पूजन करने से भक्तों की सभी मनोकामना पूर्ण होती है। बता दें कि मां दुर्गा की नौवीं शक्ति देवी सिद्धिदात्री की पूजा करने से भक्तों को सारी सिद्धियां प्राप्त होती हैं। देवी सिद्धिदात्री को मां सरस्वती का भी एक रूप माना जाता है। माता सिद्धिदात्री की पूजा के बाद ही अगले दिन दशहरे का त्योहार मनाया जाता है। मां सिद्धिदात्री को ऐसे करें प्रसन्न मां सिद्धिदात्री को प्रसन्न करने के लिए नौवमी के दिन नौ तरह के प्रसाद, नवरस युक्त भोजन, नौ प्रकार के पुष्प और नौ प्रकार के ही फल अर्पित करने चाहिए। सबसे पहले कलश की पूजा की जाती हैं और उसके बाद विधिपूर्वक माता के मंत्रो का जाप कर पूजा करनी चाहिए। नवरात्र के अंतिम दिन कन्याओं को भोग लगाया जाता है।