आज है नवरात्रि का तीसरा दिन, ऐसे करें मां चंद्रघंटा की पूजा मनोकामना होगी पूर्ण

आज है नवरात्रि का तीसरा दिन, ऐसे करें मां चंद्रघंटा की पूजा मनोकामना होगी पूर्ण
आज है नवरात्रि का तीसरा दिन, ऐसे करें मां चंद्रघंटा की पूजा मनोकामना होगी पूर्ण

लखनऊ। आज नवरात्रि का तीसरा दिन है इस दिन भगवती दुर्गा के तीसरे रूप की आराधना की जाती है। मां दुर्गा की तीसरी शक्ति का नाम है चंद्रघंटा जिनका स्वरूप शांतिदायक और कल्याणकारी है। इनके माथे पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र है, इसी लिए इन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है। माँ चन्द्रघण्टा अपने भक्तों की सभी प्रकार की बाधाओं एवं संकटों से उबारने वाली हैं और इनकी कृपा से समस्त पाप और बाधाएँ विनष्ट हो जाती हैं। इनका शरीर स्वर्ण के समान उज्ज्वल है, इनके दस हाथ हैं। दसों हाथों में खड्ग, बाण आदि शस्त्र सुशोभित रहते हैं। इनका वाहन सिंह है।

Navratri Third Day Maa Chandraghanta Pujan Vidhi :

ऐसे करें देवी चंद्रघंटा की पूजा

  • मां चंद्रघंटा की पूजा लाल वस्त्र धारण करके करना श्रेष्ठ होता है।   
  • मां को लाल पुष्प, रक्त चन्दन और लाल चुनरी समर्पित करना उत्तम होता है।   
  • इनकी पूजा से मणिपुर चक्र मजबूत होता है।  
  • अतः इस दिन की पूजा से मणिपुर चक्र मजबूत होता है और भय का नाश होता है।  
  • अगर इस दिन की पूजा से कुछ अद्भुत सिद्धियों जैसी अनुभूति होती है, तो उस पर ध्यान न देकर आगे साधना करते रहनी चाहिए।   

मां की उपासना का मंत्र-

पिण्डजप्रवरारूढ़ा चण्डकोपास्त्रकेर्युता।

प्रसादं तनुते मह्यं चंद्रघण्टेति विश्रुता॥

लखनऊ। आज नवरात्रि का तीसरा दिन है इस दिन भगवती दुर्गा के तीसरे रूप की आराधना की जाती है। मां दुर्गा की तीसरी शक्ति का नाम है चंद्रघंटा जिनका स्वरूप शांतिदायक और कल्याणकारी है। इनके माथे पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र है, इसी लिए इन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है। माँ चन्द्रघण्टा अपने भक्तों की सभी प्रकार की बाधाओं एवं संकटों से उबारने वाली हैं और इनकी कृपा से समस्त पाप और बाधाएँ विनष्ट हो जाती हैं। इनका शरीर स्वर्ण के समान उज्ज्वल है, इनके दस हाथ हैं। दसों हाथों में खड्ग, बाण आदि शस्त्र सुशोभित रहते हैं। इनका वाहन सिंह है।

ऐसे करें देवी चंद्रघंटा की पूजा

  • मां चंद्रघंटा की पूजा लाल वस्त्र धारण करके करना श्रेष्ठ होता है।   
  • मां को लाल पुष्प, रक्त चन्दन और लाल चुनरी समर्पित करना उत्तम होता है।   
  • इनकी पूजा से मणिपुर चक्र मजबूत होता है।  
  • अतः इस दिन की पूजा से मणिपुर चक्र मजबूत होता है और भय का नाश होता है।  
  • अगर इस दिन की पूजा से कुछ अद्भुत सिद्धियों जैसी अनुभूति होती है, तो उस पर ध्यान न देकर आगे साधना करते रहनी चाहिए।   

मां की उपासना का मंत्र-

पिण्डजप्रवरारूढ़ा चण्डकोपास्त्रकेर्युता।

प्रसादं तनुते मह्यं चंद्रघण्टेति विश्रुता॥