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Navreh 2022 : मोहन भागवत बोले- कश्मीरी हिंदुओं को इस बार ऐसा बसना है ताकि कोई उजाड़ न सके

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (Rashtriya Swayamsevak Sangh) के सरसंघचालक मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) ने रविवार को नवरेह महोत्सव (Navreh Festival) के मौके पर कश्मीरी हिंदू समुदाय (Kashmir Hindu community) को वीडियो कॉन्फ्रेसिंग (Video Conferencing) के जरिए संबोधित किया। जम्मू में संजीवनी शारदा केंद्र (Sanjeevani Sharda Center in Jammu) की तरफ से तीन दिवसीय कार्यक्रम के तीसरे दिन सरसंघचालक (SarSanghchalak) ने कश्मीर हिंदू समुदाय (Kashmir Hindu community) को संबोधित किया।

By संतोष सिंह 
Updated Date

नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (Rashtriya Swayamsevak Sangh) के सरसंघचालक मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) ने रविवार को नवरेह महोत्सव (Navreh Festival) के मौके पर कश्मीरी हिंदू समुदाय (Kashmir Hindu community) को वीडियो कॉन्फ्रेसिंग (Video Conferencing) के जरिए संबोधित किया। जम्मू में संजीवनी शारदा केंद्र (Sanjeevani Sharda Center in Jammu) की तरफ से तीन दिवसीय कार्यक्रम के तीसरे दिन सरसंघचालक (SarSanghchalak) ने कश्मीर हिंदू समुदाय (Kashmir Hindu community) को संबोधित किया।

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इस दौरान कश्मीरी हिंदू समुदाय (Kashmir Hindu community) को नवरेह के शुभ त्योहार पर अपनी मातृभूमि में लौटने के लिए प्रोत्साहित किया गया है। इस दौरान मोहन भागवत (Mohan Bhagwat)  ने कहा कि अब संकल्प पूर्ति का समय नजदीक है। अबकी बार अपनी मातृभूमि में ऐसे बसना है कि फिर कोई उजाड़ न सके। सभी के साथ मिलजुल कर रहना है।

सरसंघचालक (SarSanghchalak)  ने राजा ललितादित्य (King Lalitaditya) के इतिहास पर विस्तार से चर्चा की। वहीं, उन्होंने फिल्म द कश्मीर फाइल्स (The Kashmir Files) का जिक्र करते हुए कहा कि धीरे-धीरे सच देश के सामने आ रहा है। इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। लेकिन, आम लोग कश्मीरी हिंदुओं (Kashmiri Hindus) के दर्द को समझ रहे हैं और उनके बीच में कश्मीरी हिंदुओं (Kashmiri Hindus) के लिए सहानुभूति है। उन्होंने कहा कि अब कश्मीर में ऐसे बसेंगे कि फिर कोई विस्थापित न कर सके। धैर्य के साथ अपना प्रयास जारी रखना है। संपूर्ण भारत का अभिन्न अंग बन कर कश्मीर में बसना और रहना है।

नहीं होना चाहिए कट्टरपन

मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) ने कहा कि संकट आते हैं। कई बार भयंकर संकट आते हैं। कभी-कभी लंबे समय तक रहते हैं। ऐसा न हो, यह हम सबकी कामना है। यह बात ऐसी नहीं है जो वापस नहीं हो सकती। एक न एक दिन हम इसको वापस कर देंगे। इस हिम्मत को छोड़ना नहीं है। इस हिम्मत को पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ाना चाहिए। अपने लोगों को जगाना चाहिए। कट्टरपन नहीं होना चाहिए। सभी से मिलजुल कर रहना चाहिए।

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