भारत में बने पहले फाइटर प्लेन ‘तेजस’ को नौसेना ने किया रिजेक्ट, जानिए वजह

नई दिल्ली| भारत में बने पहले लड़ाकू विमान तेजस का वजन ज्यादा होने की वजह से नौसेना ने उसे रिजेक्ट कर दिया है| नौसेना प्रमुख सुनील लांबा ने इसे ओवरवेट होने की वजह से विमानवाहक पोतों पर तैनात करने की मंजूरी देने से मना करते हुए कहा कि वह अपनी जरूरतों के लिए किसी अन्य विमान को खरीदने पर विचार कर रहे हैं|




उन्होंने कहा कि सिंगल इंजन वाला तेजस काफी भारी है और एयरक्राफ्ट कैरियर डेक से फूल टैंक ईंधन और आयुधों के साथ उड़ान भरने की जरूरतों को पूरा करने में अक्षम है| उन्होंने आगे कहा, “जहां तक विमानवाहक पोत आधारित विमान की बात है तो हमें विमानवाहक पोत को शामिल करने के लिए समय चाहिए| हमारे पास मिग 29K है जो विक्रमादित्य से परिचालित होता है|”

लांबा ने कहा, “हम अपने दो विमानवाहक पोतों से हल्के लड़ाकू विमान (तेजस) के परिचालित होने की उम्मीद करते हैं|” उन्होंने कहा कि फिलहाल नौसेना ऐसे विमान की पहचान करने की प्रक्रिया में है जो जरूरतों के हिसाब से खरा उतरता हो|