आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के समर्थन में आए नक्सली

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के समर्थन में आए नक्सली
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के समर्थन में आए नक्सली

दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मांगों के समर्थन में अब नक्सली भी उतर आए हैं। नक्सलियों ने पर्चे फेंककर उनकी मांगों को जायज ठहराते हुए उनका समर्थन किया है। नक्सलियों ने पचरें में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रतिमाह 18 हजार रुपये और सहायिकाओं को 10 हजार रुपये वेतन देने, सेवा समाप्ति पर कार्यकर्ताओं को तीन लाख व सहायिकाओं को दो लाख रुपये देने की बात लिखी है।

Naxalites In Support Of Anganwadi Workers :

नक्सलियों ने पर्चे में उन्हें सरकारी कर्मचारी घोषित करने की मांग भी रखी है। नक्सलियों ने पचरें के माध्यम से बेंगपाल में हुई मुठभेड़ को फर्जी बताया है। उन्होंने कहा है, “बेट्टी भीमा को फर्जी मुठभेड़ में मारा गया। 13 वर्षीय मड़काम सोम्बरू की हत्या की न्यायिक जांच कर दोषियों को दण्ड दिया जाए।”

नक्सलियों ने सीआईसीएसएफ बचेली के जवानों की ओर से ग्रामीणों पर की गई गोलीबारी की भी निंदा की है। क्षेत्र में पर्चे फेंके जाने से काफी दशहत व्याप्त है। इससे नक्सलियों की उपस्थिति क्षेत्र में फिर दिखने लगी है। ये पर्चे पश्चिम बस्तर डिविजनल कमेटी क्रांतिकारी आदिवासी महिला संगठन के नाम से फेंके गए हैं।

किरन्दुल पुलिस ने पर्चे जब्त कर इलाके में तलाशी अभियान तेज कर दिया है।

दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मांगों के समर्थन में अब नक्सली भी उतर आए हैं। नक्सलियों ने पर्चे फेंककर उनकी मांगों को जायज ठहराते हुए उनका समर्थन किया है। नक्सलियों ने पचरें में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रतिमाह 18 हजार रुपये और सहायिकाओं को 10 हजार रुपये वेतन देने, सेवा समाप्ति पर कार्यकर्ताओं को तीन लाख व सहायिकाओं को दो लाख रुपये देने की बात लिखी है।नक्सलियों ने पर्चे में उन्हें सरकारी कर्मचारी घोषित करने की मांग भी रखी है। नक्सलियों ने पचरें के माध्यम से बेंगपाल में हुई मुठभेड़ को फर्जी बताया है। उन्होंने कहा है, "बेट्टी भीमा को फर्जी मुठभेड़ में मारा गया। 13 वर्षीय मड़काम सोम्बरू की हत्या की न्यायिक जांच कर दोषियों को दण्ड दिया जाए।"नक्सलियों ने सीआईसीएसएफ बचेली के जवानों की ओर से ग्रामीणों पर की गई गोलीबारी की भी निंदा की है। क्षेत्र में पर्चे फेंके जाने से काफी दशहत व्याप्त है। इससे नक्सलियों की उपस्थिति क्षेत्र में फिर दिखने लगी है। ये पर्चे पश्चिम बस्तर डिविजनल कमेटी क्रांतिकारी आदिवासी महिला संगठन के नाम से फेंके गए हैं।किरन्दुल पुलिस ने पर्चे जब्त कर इलाके में तलाशी अभियान तेज कर दिया है।