डॉक्टर बनने की जगह नायकू ने चुनी आतंक की रा​ह, अब हुआ अंत

Riyaz naiqu
डॉक्टर बनने की जगह नायकू ने चुनी आतंक की रा​ह, अब हुआ अंत

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर में पुलवामा जिले के बेगपुरा में 12 लाख के इनामी हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर रियाज नायकू को सुरक्षाबलों ने मार गिराया है। मंगलवार को रियाज नायकू के छिपे होने की सूचना के बाद सुरक्षाबलों ने इलाके की घेराबंदी कर ली थी। घंटों चली इस मुठभेड़ में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली। सुरक्षाबलों ने इनामी आतंकी रियाज नायकू को ढेर कर दिया। बता दें कि सुरक्षा बलों के हाथों मारे गए रियाज नायकू ने मेडिकल की पढ़ाई की थी। हालांकि डाक्टर बनने के बजाये वह आतंकी बन गया। नायकू लम्बे समय से सुरक्षा बलों लिए सिरदर्द बना हुआ था।

Nayaku Chose Terror Instead Of Becoming A Doctor Now The End :

कुछ समय पहले बारामुला जिले को आतंकवाद मुक्त घोषित करने और उत्तरी कश्मीर में आतंक का ग्राफ गिरने से बौखलाए आतंकी संगठनों के आकाओं ने एक बार फिर से रणनीति में बदलाव किया है। इसे फिर से आतंक का हॉट बेल्ट बनाने के प्रयास में हैं। आतंकी संगठनों को पाकिस्तान में बैठे आकाओं ने ज्यादा हमले करने का आदेश दिया। इसके बाद एक महीने में सात आतंकी हमले हुए जिसमें 18 जवानों को शहादत देनी पड़ी। आठ आतंकी भी मारे गए।

वर्ष 2020 की शुरुआत जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षाबलों के लिए काफी अच्छी रही थी। पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने बताया था कि साल के पहले डेढ़ महीने के दौरान करीब 10 सफल ऑपरेशनों में 23 आतंकियों को मार गिराया गया और 40 के करीब ओजीडब्ल्यू व आतंकी समर्थक गिरफ्तार किए। इसके अलावा कई भटके युवाओं की घर वापसी भी करवाई गई, लेकिन अब अचानक से आतंकी वारदातें बढ़ने से सुरक्षाबलों को भी काफी नुकसान उठाना पड़ा। साथ ही आतंकियों की रणनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला।

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर में पुलवामा जिले के बेगपुरा में 12 लाख के इनामी हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर रियाज नायकू को सुरक्षाबलों ने मार गिराया है। मंगलवार को रियाज नायकू के छिपे होने की सूचना के बाद सुरक्षाबलों ने इलाके की घेराबंदी कर ली थी। घंटों चली इस मुठभेड़ में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली। सुरक्षाबलों ने इनामी आतंकी रियाज नायकू को ढेर कर दिया। बता दें कि सुरक्षा बलों के हाथों मारे गए रियाज नायकू ने मेडिकल की पढ़ाई की थी। हालांकि डाक्टर बनने के बजाये वह आतंकी बन गया। नायकू लम्बे समय से सुरक्षा बलों लिए सिरदर्द बना हुआ था। कुछ समय पहले बारामुला जिले को आतंकवाद मुक्त घोषित करने और उत्तरी कश्मीर में आतंक का ग्राफ गिरने से बौखलाए आतंकी संगठनों के आकाओं ने एक बार फिर से रणनीति में बदलाव किया है। इसे फिर से आतंक का हॉट बेल्ट बनाने के प्रयास में हैं। आतंकी संगठनों को पाकिस्तान में बैठे आकाओं ने ज्यादा हमले करने का आदेश दिया। इसके बाद एक महीने में सात आतंकी हमले हुए जिसमें 18 जवानों को शहादत देनी पड़ी। आठ आतंकी भी मारे गए। वर्ष 2020 की शुरुआत जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षाबलों के लिए काफी अच्छी रही थी। पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने बताया था कि साल के पहले डेढ़ महीने के दौरान करीब 10 सफल ऑपरेशनों में 23 आतंकियों को मार गिराया गया और 40 के करीब ओजीडब्ल्यू व आतंकी समर्थक गिरफ्तार किए। इसके अलावा कई भटके युवाओं की घर वापसी भी करवाई गई, लेकिन अब अचानक से आतंकी वारदातें बढ़ने से सुरक्षाबलों को भी काफी नुकसान उठाना पड़ा। साथ ही आतंकियों की रणनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला।