NCP शर्तों पर शिवसेना को देगी समर्थन, CM शिवसेना का ही होगा, कांग्रेस बाहर से करेगी मदद

NCP will support Shiv Sena
NCP शर्तों पर शिवसेना को देगी समर्थन, CM शिवसेना का ही होगा, कांग्रेस बाहर से करेगी मदद

मुंबई। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव का नतीजा आये 11 दिन बीत चुके हैं लेकिन अभी भी किसी की सरकार नही बन पायी है। बीजेपी और शिवसेना ने गठबन्धन में चुनाव लड़ा, दोनो को मिलाकर पूर्ण बहुमत भी मिला लेकिन अब दोनो के बीच इतना ज्यादा मतभेद हो गया है कि दोनो एक दूसरे की शर्तें मानने को तैयार नही हैं। वहीं नतीजों के बाद विपक्ष की बात करने वाली एनसीपी भी अब शिवसेना को समर्थन देने के लिए आगे आती दिख रही है, हालांकि उसकी कुछ शर्तें हैं लेकिन अगर दोनो का गठबन्धन होता है तो सीएम शिवसेना का ही बनेगा।

Ncp Will Support Shiv Sena On Conditions Chief Minister Will Be Shiv Sena Congress Will Help From Outside :

आपको बता दें कि रविवार को ​जबसे शिवसेना के नेता संजय राउत का बयान आया है कि उनके पास 170 विधायकों का समर्थन है तबसे यह कयास लगना शुरू हो गये हैं कि एनसीपी और कांग्रेस शिवसेना का सर्मथन कर सकती हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक एनसीपी के एक नेता ने कहा है कि यदि शिवसेना, एनसीपी के साथ मिलकर सरकार बनाती है तो पांच साल तक सीएम का पद शिवसेना का ही होगा लेकिन डिप्टी सीएम के दो पद होंगे। हालांकि एनसीपी का कहना है कि ये तभी मुमकिन है जब शिवसेना खुलकर बीजेपी से अपना गठबन्धन् तोड़े।

रविवार को संजय राउत के बयान के बाद सोमवार को एनसीपी प्रमुख शरद पवार और सोनिया गांधी की मुलाकात भी हुई थी। इसके बाद से ये कयास लगाये जा रहे हैं कि अगर शिवसेना अपना गठबन्धन बीजेपी से समाप्त करता है तो एनसीपी उसके समर्थन मे आयेगी साथ ही कांग्रेस के बारे में यह कहा जा रहा है कि कांग्रेस बाहर से इस गठबन्धन को मदद करेगी। हालांकि एनसीपी तबतक शिवसेना और बीजेपी के गठबन्धन को टूटा नही मानता जबतक केन्द्र की मोदी सरकार से शिवसेना का मंत्री स्थीपा नही दे देता।

मुंबई। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव का नतीजा आये 11 दिन बीत चुके हैं लेकिन अभी भी किसी की सरकार नही बन पायी है। बीजेपी और शिवसेना ने गठबन्धन में चुनाव लड़ा, दोनो को मिलाकर पूर्ण बहुमत भी मिला लेकिन अब दोनो के बीच इतना ज्यादा मतभेद हो गया है कि दोनो एक दूसरे की शर्तें मानने को तैयार नही हैं। वहीं नतीजों के बाद विपक्ष की बात करने वाली एनसीपी भी अब शिवसेना को समर्थन देने के लिए आगे आती दिख रही है, हालांकि उसकी कुछ शर्तें हैं लेकिन अगर दोनो का गठबन्धन होता है तो सीएम शिवसेना का ही बनेगा। आपको बता दें कि रविवार को ​जबसे शिवसेना के नेता संजय राउत का बयान आया है कि उनके पास 170 विधायकों का समर्थन है तबसे यह कयास लगना शुरू हो गये हैं कि एनसीपी और कांग्रेस शिवसेना का सर्मथन कर सकती हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक एनसीपी के एक नेता ने कहा है कि यदि शिवसेना, एनसीपी के साथ मिलकर सरकार बनाती है तो पांच साल तक सीएम का पद शिवसेना का ही होगा लेकिन डिप्टी सीएम के दो पद होंगे। हालांकि एनसीपी का कहना है कि ये तभी मुमकिन है जब शिवसेना खुलकर बीजेपी से अपना गठबन्धन् तोड़े। रविवार को संजय राउत के बयान के बाद सोमवार को एनसीपी प्रमुख शरद पवार और सोनिया गांधी की मुलाकात भी हुई थी। इसके बाद से ये कयास लगाये जा रहे हैं कि अगर शिवसेना अपना गठबन्धन बीजेपी से समाप्त करता है तो एनसीपी उसके समर्थन मे आयेगी साथ ही कांग्रेस के बारे में यह कहा जा रहा है कि कांग्रेस बाहर से इस गठबन्धन को मदद करेगी। हालांकि एनसीपी तबतक शिवसेना और बीजेपी के गठबन्धन को टूटा नही मानता जबतक केन्द्र की मोदी सरकार से शिवसेना का मंत्री स्थीपा नही दे देता।