NCRB की रिपोर्ट में खुलासा: किसानों से ज्यादा बेरोजगार और स्वरोजगार लोग कर रहे आत्महत्या

suicide
NCRB की रिपोर्ट में खुलासा: 35 बेरोजगार और 36 स्वरोजगार करने वाले हर दिन कर रहे सुसाइड

नई दिल्ली। देश में बढ़ती बेरोजगारी युवाओं के लिए एक चुनौती बनी है। तमाम प्रयासों के बाद भी रोजगार नहीं मिल रहे हैं, जिसके बाद वह स्वरोजगार की शुरूआत कर रहे हैं। लेकिन देश में छाई आर्थिक मंदी व्यापार को भी प्रभावित कर रही है, जिसके कारण उन्हें सुसाइड जैसे खौफनाक कदम उठाने पड़ रहे हैं। ऐसा ही चौंकाने वाला खुलासा राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की रिपोर्ट में हुआ है।

Ncrb Report Revealed 35 Unemployed And 36 Self Employed Workers Are Committing Suicide Every Day :

एनसीआरबी की रिपोर्ट में बताया गया है कि देश में वर्ष 2018 में सबसे ज्यादा बेरोजगार और स्वरोजगार करने वाले लोगों ने सुसाइड किया है। यह आंकड़ा आत्महत्या करने वाले किसानों से ज्यादा है। एनसीआरबी के आंकड़े पर गौर करें तो वर्ष 2018 में औसतन 35 बेरोजगार और 36 स्वरोजगार करने वाले लोग हर रोज आत्महत्या कर रहे हैं। इन दोनों श्रेणियों को मिलाकर 26,085 लोगों ने खुदकुशी करने अपनी जान दी है।

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों के अनुसार 13,149 स्वरोजगार करने वालों और 12,936 बेरोजगारों ने अपनी जान दी है। जबकि इसी दौरान 10,349 किसानों ने खुदकुशी की। यह कुल संख्या में क्रमश: 9.8 फीसदी और 9.6 प्रतिशत है। एनसीआरबी के आंकड़ों में बताया गया है कि देश में 2018 के समय कुल एक लाख 34 हजार 516 लोगों ने खुदकुशी की थी।

यह संख्या साल 2017 की तुलना में 3.6 प्रतिशत ज्यादा है। हालांकि, प्रति लाख जनसंख्या में मृत्यु दर में भी 0.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो गई। वहीं, हाल में एनसीआरबी ने एक रिपोर्ट जारी ​की है, जिसमें बताया है कि घरेलू महिलाओं में भी आत्महत्या की प्रवृति बढ़ती जा रही है। साल 2018 में 42,391 महिलाओं ने अपनी जान दी, जिनमें से 54.1 प्रतिशत यानी 22,937 गृहणी थीं।

कर्ज में दबे होने के कारण उठाया खौफनाक कदम
राजधानी लखनऊ के गुंडबा क्षेत्र में भी एक ऐसा मामला शुक्रवार रात को हुआ, जहां ई रिक्शा संचालक ने पिंटू गुप्ता ने पत्नी आरती, बेटी नेहा और बेटे नैतिक की हत्या के बाद फांसी लगा ली। वारदात के पीछे आर्थिक स्थिति और कर्ज में दबे होने का कारण बताया जा रहा है। पिंटू लोन पर ई रिक्शा लेकर चलवाता था लेकिन कर्ज में दबे होने के कारण वह परेशान रहता था। बताया जा रहा है कि इसके चलते पिंटू ने यह खौफनाक कदम उठाया है।

नई दिल्ली। देश में बढ़ती बेरोजगारी युवाओं के लिए एक चुनौती बनी है। तमाम प्रयासों के बाद भी रोजगार नहीं मिल रहे हैं, जिसके बाद वह स्वरोजगार की शुरूआत कर रहे हैं। लेकिन देश में छाई आर्थिक मंदी व्यापार को भी प्रभावित कर रही है, जिसके कारण उन्हें सुसाइड जैसे खौफनाक कदम उठाने पड़ रहे हैं। ऐसा ही चौंकाने वाला खुलासा राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की रिपोर्ट में हुआ है। एनसीआरबी की रिपोर्ट में बताया गया है कि देश में वर्ष 2018 में सबसे ज्यादा बेरोजगार और स्वरोजगार करने वाले लोगों ने सुसाइड किया है। यह आंकड़ा आत्महत्या करने वाले किसानों से ज्यादा है। एनसीआरबी के आंकड़े पर गौर करें तो वर्ष 2018 में औसतन 35 बेरोजगार और 36 स्वरोजगार करने वाले लोग हर रोज आत्महत्या कर रहे हैं। इन दोनों श्रेणियों को मिलाकर 26,085 लोगों ने खुदकुशी करने अपनी जान दी है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों के अनुसार 13,149 स्वरोजगार करने वालों और 12,936 बेरोजगारों ने अपनी जान दी है। जबकि इसी दौरान 10,349 किसानों ने खुदकुशी की। यह कुल संख्या में क्रमश: 9.8 फीसदी और 9.6 प्रतिशत है। एनसीआरबी के आंकड़ों में बताया गया है कि देश में 2018 के समय कुल एक लाख 34 हजार 516 लोगों ने खुदकुशी की थी। यह संख्या साल 2017 की तुलना में 3.6 प्रतिशत ज्यादा है। हालांकि, प्रति लाख जनसंख्या में मृत्यु दर में भी 0.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो गई। वहीं, हाल में एनसीआरबी ने एक रिपोर्ट जारी ​की है, जिसमें बताया है कि घरेलू महिलाओं में भी आत्महत्या की प्रवृति बढ़ती जा रही है। साल 2018 में 42,391 महिलाओं ने अपनी जान दी, जिनमें से 54.1 प्रतिशत यानी 22,937 गृहणी थीं। कर्ज में दबे होने के कारण उठाया खौफनाक कदम राजधानी लखनऊ के गुंडबा क्षेत्र में भी एक ऐसा मामला शुक्रवार रात को हुआ, जहां ई रिक्शा संचालक ने पिंटू गुप्ता ने पत्नी आरती, बेटी नेहा और बेटे नैतिक की हत्या के बाद फांसी लगा ली। वारदात के पीछे आर्थिक स्थिति और कर्ज में दबे होने का कारण बताया जा रहा है। पिंटू लोन पर ई रिक्शा लेकर चलवाता था लेकिन कर्ज में दबे होने के कारण वह परेशान रहता था। बताया जा रहा है कि इसके चलते पिंटू ने यह खौफनाक कदम उठाया है।