मुम्बई में लगातार बढ़ते जा रहे रेप के मामले

मुंबई। महाराष्ट्र की राजधानी मुम्बई में लगभग 300 मामले रेप के दर्ज हुए हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक रेप के मामले में पुलिस द्वारा एफआईआर कर चार्जशीट दाखिल करने में औसतन 9.2 महीने लगे। ये आंकड़े आरटीआई के जरिये जुटाए गए हैं। अभी हाल ही में एक रिपोर्ट के मामले में ये सामने आया है कि पिछले पांच सालों में बलात्कार के मामले में 289 फीसदी तक वृद्धि हुई है। इस तरह की रिपोर्ट के जरिये अंदाज लगाया जा सकता है कि बलात्कार के मामलों में कितना इजाफा हुआ है।



इस रिपोर्ट के मुताबिक, लोगों में ये धारणा फैलती जा रही है कि मुम्बई जैसा इतना बड़ा शहर अब महिलाओं के लिए सुरक्षित नहीं रहा। 2013 में ऎसी धारणा रखने वाले केवल 22 फ़ीसदी लोग ही थे लेकिन अब ये संख्या 33 फ़ीसदी तक पहुंच गयी है। मुंबई में सबसे ज्यादा अपराध उत्तर मुंबई क्षेत्र में हुए, जिनकी संख्या 9286 थी और ये सारी जानकारी इक्कठे करने में औसतन 9.2 महीने लगे।




रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि उक्त अवधि में मुंबई पुलिस में 5267 लोगों की भर्ती की गई। अपराध होने के बाद उनकी जांच करना और दोषियों को पकड़ना और फ‌िर उन्हें सजा दिलाना काफी कठिन हो गया है, क्योंकि जांच अधिकारियों की कमी है। कंट्रोल रूम में भी स्टाफ का अभाव है, इस वजह से नागरिकों द्वारा फोन करने पर कई बार फोन नहीं उठाया जाता है।

आस्था सिंह की रिपोर्ट