लापरवाही : प्राइमरी स्कूलों में छात्रों को एक लड़की तो दूसरा लड़के के पैर के बांटे गए जूते, कंपनियां भी अलग

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लापरवाही : प्राइमरी स्कूलों में छात्रों को एक लड़की तो दूसरा लड़के के पैर के बांटे गए जूते, कंपनियां भी अलग

लखनऊ। योगी सरकार में प्राइमरी स्कूल के छात्रों को ड्रेस बांटने में खूब लापरवाही की जा रही है। उत्तर प्रदेश के परिषदीय स्कूलों में बच्चों को एक ही पैर के दोनों जूते बांटे जा रहे हैं। दोनों जूतों के साइज अलग होने के साथ उनकी कपंनियां भी अलग हैं। यही नहीं एक जूता लड़की का तो दूसरा लड़के का है। कुछ छात्रों ने शिकायत की है कि 10 दिनों में जूतों के धागे निकलना शुरू हो गए हैं। बच्चों को जो मोजे वितरित किए जा रहे हैं, उनकी गुणवत्ता भी बहुत खराब है।

Negligence Students In Primary Schools Share The Same Footwear The Company Also Separately :

योगी सरकार की योजना के तहत उत्तर प्रदेश में एक करोड़ 60 लाख छात्रों को स्कूल ड्रेस के साथ एक जोड़ी जूते व दो जोड़ी मोजे दिए जाने हैं। स्कूल ड्रेस बांटने में उजागर हो रही लापरवाही के बाद अधिकारियों ने इसकी जांच के आदेश दिए हैं। शिक्षकों का कहना है कि, लखनऊ में अब तक जितने भी जूते बांटे गए हैं, उनमें से 30 फीसदी जूतों में गड़बड़ियां सामने आई हैं।

अब तक दस हजार से अधिक जूतों में गड़बड़ी की शिकायत मिली है। मोजों की गुणवत्ता भी खराब है। लखनऊ में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक समेत 1,839 स्कूल हैं। इनमें 1.42 लाख छात्र-छात्राओं को स्कूल ड्रेस यानी यूनिफार्म, बैग, जूते व मोजे वितरित किए जाने हैं।

ड्रेस में गड़बड़ी मिलने के बाद अधिकारियों ने जांच के आदेश दिए हैं। बता दें कि योगी सरकार ने बच्चों को जूते—मोजे बांटने की योजना के पहले चरण में 300 करोड़ रुपये का बजट पास किया है। जूते आपूर्ति करने का काम पहले एक कंपनी को दिया गया था लेकिन जानकारों का कहना है कि इस बार यह काम दस अलग-अलग कंपनियों को दिया गया है।

लखनऊ। योगी सरकार में प्राइमरी स्कूल के छात्रों को ड्रेस बांटने में खूब लापरवाही की जा रही है। उत्तर प्रदेश के परिषदीय स्कूलों में बच्चों को एक ही पैर के दोनों जूते बांटे जा रहे हैं। दोनों जूतों के साइज अलग होने के साथ उनकी कपंनियां भी अलग हैं। यही नहीं एक जूता लड़की का तो दूसरा लड़के का है। कुछ छात्रों ने शिकायत की है कि 10 दिनों में जूतों के धागे निकलना शुरू हो गए हैं। बच्चों को जो मोजे वितरित किए जा रहे हैं, उनकी गुणवत्ता भी बहुत खराब है। योगी सरकार की योजना के तहत उत्तर प्रदेश में एक करोड़ 60 लाख छात्रों को स्कूल ड्रेस के साथ एक जोड़ी जूते व दो जोड़ी मोजे दिए जाने हैं। स्कूल ड्रेस बांटने में उजागर हो रही लापरवाही के बाद अधिकारियों ने इसकी जांच के आदेश दिए हैं। शिक्षकों का कहना है कि, लखनऊ में अब तक जितने भी जूते बांटे गए हैं, उनमें से 30 फीसदी जूतों में गड़बड़ियां सामने आई हैं। अब तक दस हजार से अधिक जूतों में गड़बड़ी की शिकायत मिली है। मोजों की गुणवत्ता भी खराब है। लखनऊ में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक समेत 1,839 स्कूल हैं। इनमें 1.42 लाख छात्र-छात्राओं को स्कूल ड्रेस यानी यूनिफार्म, बैग, जूते व मोजे वितरित किए जाने हैं। ड्रेस में गड़बड़ी मिलने के बाद अधिकारियों ने जांच के आदेश दिए हैं। बता दें कि योगी सरकार ने बच्चों को जूते—मोजे बांटने की योजना के पहले चरण में 300 करोड़ रुपये का बजट पास किया है। जूते आपूर्ति करने का काम पहले एक कंपनी को दिया गया था लेकिन जानकारों का कहना है कि इस बार यह काम दस अलग-अलग कंपनियों को दिया गया है।