5 दिसंबर तक 4 लाख करोड़ की नई करेंसी जारी हुई : RBI

नई दिल्ली। RBI (आरबीआई) के डिप्टी गवर्नर आर गांधी ने बुधवार को नोटबंदी को लेकर पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवालों पर जवाब देते हुए जानकारी दी है कि आरबीआई 5 दिसंबर तक 4 लाख करोड़ की नई करेंसी जारी कर चुकी है। अब तक 19 करोड़ नए करेंसी नोट सप्लाई हो चुके है। आने वाले समय में आरबीआई इस बात का पूरा ध्यान रखेगी कि नए नोटों की सप्लाई सुचारू रूप से जारी रहे।




गांधी ने कहा कि आरबीआई परिस्थिति पर पूरी तरह से नजर बनाए हुए है। लोगों को धैर्य से काम लेने की जरूरत है, वर्तमान परिस्थितियों में लोगों को नई करेंसी को बचाकर रखने की नियत से बचना चाहिए। जल्द ही परिस्थिति सामान्य हो जाएगी। नोट छपाई के काम में लगीं प्रेस अपनी पूरी क्षमता से काम कर रहीं हैं।

नोटबंदी फैसले का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसा कहना गलत होगा कि नोटबंदी की प्रक्रिया को लागू करने का फैसला हड़बड़ाहट में लिया गया है। ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। नोटबंदी पूरी योजना के साथ लिया गया निर्णय है। यही वजह है कि आरबीआई ने पिछले एक माह के भतीर 19 करोड़ नए करेंसी नोट बाजार में पहुंचा दिए। जो पिछले तीन सालों में छापी गई नई करेंसी से ज्यादा है।




गांधी के मुताबिक जिस नियत के साथ नोटबंदी को लागू किया गया, उसे देखते हुए वर्तमान दशा में जनहित को ध्यान में रखते हुए ऐसा करना जरूरी था। भारत जैसा बड़ी आबादी वाला देश, जिसकी अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा नगदी के इर्दगिर्द घूमती हो, उस देश की 85 फीसदी करेंसी अगर रातों रात अवैध घोषित हो जाए तो आम आदमी को परेशानी होगी ही। फिलहाल स्थिति लगातार सामान्य होती जा रही है। आरबीआई सभी पहलुओं पर लगातार नजर रखे हुए है।

उन्होंने देश के लोगों से अपील करते हुए कहा है कि लोगों को प्लास्टिक मनी को अपनाना चाहिए। लोगों के लिए बिना नगदी के लेनदेन करने के कई विकल्प मौजूद हैं। लोगों को नगदी की समस्या से जूझने के बजाय विकल्पों को आजमाना चाहिए।




इसके साथ ही उन्होंने अब तक बैंकों में जमा हुए 1000 और 500 के नोटों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि अब तक करीब 12 लाख करोड़ रुपया बैंकों में जमा हो चुका है। प्रक्रिया 30 दिसंबर तक जारी रहेगी। 1000 रुपए के नोट को दोबारा लाने के सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि यह आने वाला समय ही बताएगा कि आम आदमी की जरूरत को देखते हुए तय किया जाएगा कि 1000 रुपए का नोट आएगा या नहीं।

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