हाईकोर्ट की नई इमारत में आज से गूंजेगा आर्डर-आर्डर, राज्यपाल ने फहराया झंडा

लखनऊ| इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ का न्यायिक कार्य मंगलवार से गोमती नगर स्थित नए भवन से शुरू हो जाएगा| आज सुबह राज्यपाल राम नाईक ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव व इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायमूर्ति दिलीप बाबासाहेब भोसले की उपस्थिति में ध्वजारोहण किया|




हाइकोर्ट के नए भवन में मुख्य न्यायधीश की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष फैज़ाबाद जिले के एक विद्यालय व उसके एक चतुर्थ श्रेढ़ी कर्मचारी का मामला गवाह बनेगा| विद्यालय की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता डॉ वी के सिंह ने बताया कि यह मुकदमा विशेष अपील का है इसमें कानूनी प्रश्न उठाया गया है कि यदि मुक़दमे में अंतरिम आदेश के स्तर पर किसी भी याचिका में अंतिम याचना की राहत यदि दे दी जायेगी तो यह नियम व कानून के खिलाफ होगा| याचिकाकर्ता विद्यालय के प्रबंध तंत्र की ओर से याचिका प्रस्तुत कर मांग कीगई है कि याची के विधिक प्रश्न का निपटारा किया जाये|

बता दें हाईकोर्ट में 57 कोर्ट रूम के साथ 72 चैंबर, एंट्री पास ऑफिस, लाइब्रेरी, सवा तीन हजार कारों की अंडर ग्राउंड पार्किंग, रजिस्ट्रार ऑफिस, एडवोकेट जनरल ऑफिस, वकीलों के 1440 चैंबर, कर्मचारियों के आवास और लाइब्रेरी भवन होंगे| नई बिल्डिंग में रिकॉर्ड रूम कंप्यूटराइज बनाया गया है| जिसके बाद सारे रिकॉर्ड को डिजिटलाइज किया जाएगा|

सुरक्षा उपकरणों से लैस

निर्माण निगम के अधिकारियों का कहना है कि हाईकोर्ट लखनऊ खंडपीठ की नई बिल्डिंग में सुरक्षा व्यवस्था सीआईएसएफ (केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल) द्वारा तैयार की गई डिजाइन और सुझाव के आधार पर की गई है| नई बिल्डिंग के सभी गेटों पर डोर फ्रेम मेडल डिटेक्टर लगाए गए हैं| दोनों मेन गेटों पर सीसीटीवी फ्लैब बैरियर मशीन लगाई गई है| गेटों के साथ पूरे परिसर में कैमरे लगाए गए हैं| इनकी मदद से परिसर में ही बने कंट्रोल रूम में बैठकर सुरक्षा अधिकारी पूरे परिसर में नजर रख सकेंगे|