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आरोग्य सेतु एप को लेकर सरकार ने जारी किए नए नियम, उल्लंघन करने पर हो सकती है जेल

By टीम पर्दाफाश 
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नई दिल्ली। जानलेवा कोरोना वायरस के मद्देनज़र बनाई गई आरोग्य सेतू एप को लेकर केंद्र सरकार ने सोमवार को नए नियम जारी किए हैं। सरकार ने आरोग्य सेतु ऐप के यूजर्स की जानकारियों (डेटा) की प्रोसेसिंग के लिए दिशानिर्देश जारी करके कहा है कि कुछ नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के लिए अब जेल की सजा का भी प्रावधान किया गया है। नए नियमों के तहत 180 दिनों से अधिक डेटा के भंडारण पर रोक लगाई गई है। इसके साथ ही उपयोगकर्ताओं के लिये यह प्रावधान किया गया है कि वे आरोग्य सेतु से संबंधित जानकारियों को मिटाने का अनुरोध कर सकते हैं। इस तरह के अनुरोध पर 30 दिन के भीतर अमल करना होगा।

नए प्रावधान केवल Demographic, Contact, Self-Assessment और कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्तियों या उन लोगों के स्थान डेटा का स्टोरेज करने की अनुमति देते हैं जो संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आते हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) मंत्रालय के सचिव अजय प्रकाश साहनी ने कहा, “डेटा गोपनीयता पर बहुत काम किया गया है। यह सुनिश्चित करने के लिये एक अच्छी गोपनीयता नीति बनायी गयी है कि लोगों के व्यक्तिगत डेटा का दुरुपयोग न हो।’’

डेटा को अनुसंधान उद्देश्यों के लिये विश्वविद्यालयों के साथ भी साझा किया जा सकता है। हालांकि इसके लिये ऐप का उपयोग करने वाले व्यक्तियों की पहचान कर सकने वाली जानकारियों को पहले हटाना होगा। प्रावधानों में कहा गया है, “इन निर्देशों के किसी भी उल्लंघन के लिये आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 51 से 60 के अनुसार दंड तथा अन्य कानूनी प्रावधान लागू हो सकते हैं।’’

साहनी ने कहा, “ऐप के उपयोगकर्ताओं को डिवाइस आईडी दी जाती है जिसका उपयोग विभिन्न सूचनाओं और कार्यों को संसाधित करने के लिये किया जाता है। व्यक्ति के संपर्क का उपयोग केवल उपयोगकर्ता को सचेत करने के लिये किया जाता है। आरोग्य सेतु के 13,000 से कम उपयोगकर्ताओं को कोरोना वायरस संक्रमण में सकारात्मक पाया गया है, लेकिन इसकी मदद से लगभग 1.4 लाख ऐसे लोगों का पता लगाया गया और सतर्क किया गया है, जो संक्रमित व्यक्ति के निकट संपर्क में आये हैं।

साहनी ने कहा, ‘‘आरोग्य सेतु के 13,000 से कम उपयोगकर्ताओं को कोरोना वायरस संक्रमण में सकारात्मक पाया गया है, लेकिन इसकी मदद से लगभग 1.4 लाख ऐसे लोगों का पता लगाया गया और सतर्क किया गया है, जो संक्रमित व्यक्ति के निकट संपर्क में आये हैं। प्रोटोकॉल कानूनी अंतर को पाटने और गोपनीयता संबंधी चिंताओं को दूर करने के लिये जारी किया गया है।’’

गौरतलब है कि नागरिकों के अधिकार का पक्ष रखने वाले कई समूहों ने आरोप लगाया है कि सरकार विशेष रूप से गोपनीयता के आसपास किसी भी कानून की अनुपस्थिति में बड़े पैमाने पर निगरानी के लिए आरोग्य सेतु का उपयोग कर रही है। बता दें कि आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत जुर्माना लगाने से लेकर जेल की सजा तक का प्रावधान है। यह ऐप एंड्रॉइड, एप्पल के आईओएस और जिओ फोन पर उपलब्ध है। सरकार ने उन लोगों के लिये एक टोल फ्री नंबर 1921 भी जारी किया है जिनके पास स्मार्टफोन नहीं है।

अग्रवाल ने कहा कि पिछले 24 घंटे में सोमवार सुबह 8 बजे तक कोविड-19 के 4,213 मामले सामने आए हैं और 97 लोगों की मौत हुई है। इसके साथ ही संक्रमण के कुल मामलों की संख्या 67,152 और मृतकों की संख्या 2,206 हो गई है। मंत्रालय ने कहा कि अब तक कोरोना वायरस के 20,917 रोगी ठीक हो चुके हैं। इससे स्वस्थ होने वालों की दर 31.15 प्रतिशत हो गई है। पिछले 24 घंटे में 1,559 रोगी ठीक हुए हैं जो एक दिन में ठीक होने वालों की अब तक की सर्वाधिक संख्या है।

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