ट्रेनों की टाइमिंग सुधारेगा नया टाइम टेबल

सप्ताह में सिर्फ एक दिन चलेंगी ये स्‍पेशल ट्रेनें, देखिए नया शेड्यूल

नई दिल्ली: रेलगाड़ियों का समय पालन सुधारने के लिए उत्तर रेलवे नई समय सारणी (जीरो बेस्ड टाइम टेबल) पर काम कर रहा है। इसमें एक रफ्तार से चलने वाली ट्रेन एक समय अवधि में चलाई जाती हैं, जिससे कम रफ्तार वाली ट्रेन को रोकने की नौबत नहीं आती। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक इससे रेलगाड़ियों के समयपालन में व्यापक सुधार देखने को मिलेगा।

New Time Table Will Improve The Timing Of Trains :

साथ ही मालगाड़ियों को चलाने के लिए अतिरिक्त समय मिल जाएगा और उनका रखरखाव भी समय पर हो सकेगा। वैसे तो नया टाइम टेबल 1 जुलाई को लागू होता है। लेकिन, फिलहाल केवल विशेष ट्रेनें चल रहीं हैं। ऐसे में जब कभी रेलगाड़ियां पूरी संख्या में चलेंगी तो इससे रेलयात्रियों को लाभ मिलेगा।

क्या होता है जीरो बेस्ड टाइम टेबल
वर्तमान में जो एक्सप्रेस व सुपरफास्ट ट्रेन चल रही हैं उनकी अधिकतम रफ्तार 110 और 130 किलोमीटर प्रतिघंटा होती है। जीरो बेस्ड टाइम टेबल में यह माना जाता है कि पूरे रूट पर कोई भी ट्रेन नहीं चल रही है और फिर उसके हिसाब से नई समयसारिणी दी जाती है। इस दौरान यह किया जाएगा कि जो ट्रेन 130 किलोमीटर रफ्तार से चलती हैं उन्हें एक निर्धारित अवधि में चलाया जाएगा और जो ट्रेन 110 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चलती हैं उन्हें अलग अवधि में चलाया जाएगा। वर्तमान में अधिक रफ्तार वाली ट्रेन को आगे निकालने के लिए कम रफ्तार वाली ट्रेन को बीच में ही रोक दिया जाता है। इससे ट्रेन लेट हो जाती है। इस नए प्लान से यह समस्या दूर हो जाएगी।

नई दिल्ली: रेलगाड़ियों का समय पालन सुधारने के लिए उत्तर रेलवे नई समय सारणी (जीरो बेस्ड टाइम टेबल) पर काम कर रहा है। इसमें एक रफ्तार से चलने वाली ट्रेन एक समय अवधि में चलाई जाती हैं, जिससे कम रफ्तार वाली ट्रेन को रोकने की नौबत नहीं आती। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक इससे रेलगाड़ियों के समयपालन में व्यापक सुधार देखने को मिलेगा। साथ ही मालगाड़ियों को चलाने के लिए अतिरिक्त समय मिल जाएगा और उनका रखरखाव भी समय पर हो सकेगा। वैसे तो नया टाइम टेबल 1 जुलाई को लागू होता है। लेकिन, फिलहाल केवल विशेष ट्रेनें चल रहीं हैं। ऐसे में जब कभी रेलगाड़ियां पूरी संख्या में चलेंगी तो इससे रेलयात्रियों को लाभ मिलेगा। क्या होता है जीरो बेस्ड टाइम टेबल वर्तमान में जो एक्सप्रेस व सुपरफास्ट ट्रेन चल रही हैं उनकी अधिकतम रफ्तार 110 और 130 किलोमीटर प्रतिघंटा होती है। जीरो बेस्ड टाइम टेबल में यह माना जाता है कि पूरे रूट पर कोई भी ट्रेन नहीं चल रही है और फिर उसके हिसाब से नई समयसारिणी दी जाती है। इस दौरान यह किया जाएगा कि जो ट्रेन 130 किलोमीटर रफ्तार से चलती हैं उन्हें एक निर्धारित अवधि में चलाया जाएगा और जो ट्रेन 110 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चलती हैं उन्हें अलग अवधि में चलाया जाएगा। वर्तमान में अधिक रफ्तार वाली ट्रेन को आगे निकालने के लिए कम रफ्तार वाली ट्रेन को बीच में ही रोक दिया जाता है। इससे ट्रेन लेट हो जाती है। इस नए प्लान से यह समस्या दूर हो जाएगी।