एनजीटी ने जल निगम के अधिकारियों पर लगाया जुर्माना

नई दिल्ली। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने जल संसाधन मंत्रालय और उत्तर प्रदेश जल निगम के अधिकारियों पर 25-25 हजार रूपए का जुर्माना लगाया है। उत्तर प्रदेश के गढ़मुक्तेश्वर इलाके में गंगा नदी में गिरने वाले नालों के बारे में गलत सूचना देने के मामले में इन अधिकारियों पर जुर्माना लगाया गया है।




गंगा की सफाई मामले के जल्द निपटारे के लिए इसकी रोजाना हो रही सुनवाई का जिक्र करते हुए न्यायमूर्ति स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि अधिकारियों का ऐसा रवैया मामले में बाधा पैदा कर रहा है। गंगा में गिरने वाले 30 नालों पर सही सूचना नहीं मुहैया कराने को लेकर अधिकरण ने जल संसाधन मंत्रालय और उत्तर प्रदेश जल निगम के संबंधित अधिकारियों पर 25-25 हजार रूपए का जुर्माना लगाया है। पीठ ने कहा, बड़े अफसोस के साथ कहना पड़ रहा है कि जल संसाधन मंत्रालय और उत्तर प्रदेश जल निगम की ओर से मुहैया कराई गई सहायता सबसे प्रभावहीन है।




दरअसल, वे संयुक्त निरीक्षण के पक्षकार बने और फिर अधिकरण के सामने संयुक्त निरीक्षण रिपोर्ट में विसंगतियां बताई। अधिकरण ने कहा, दिए गए दस्तावेज बगैर उचित प्रमाणीकरण के हैं, लेकिन वे मामले की आगे की सुनवाई में बाधा पैदा करते हैं और यहां तक कि साफ तौर पर गलत सूचना अधिकरण को दी गई। हरिद्वार से उन्नाव के बीच गंगा सफाई कार्यक्र म से जुड़े मामले की सुनवाई कर रही पीठ ने मामले की अगली सुनवाई के लिए तीन मार्च की तारीख तय कर दी।

Loading...