पैसों की खातिर देश को तोड़ रहे थे अलगाववादी नेता, NIA ने किया गिरफ्तार

जम्मू। हुर्रियत सहित अन्य अलगाववादी संगठन के 7 नेताओं को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया गया। इन पर पाकिस्तान से टेरर फंडिंग की जांच के दौरान दोषी पाये जाने के बाद यह कदम उठाया गया। बताते चलें कि राष्ट्रीय जांच एजेन्सी इस मुद्दे पर पिछले कुछ समय से जांच कर रही थी जिसमे दोषी पाये जाने के बाद इन्हें गिरफ्तार किया गया। इनमें फारूक अहमद डार उर्फ बिट्टा कराटे, नईम खान, शाहिद-उल-इस्लाम, अल्ताफ फंटूस, मेहराजुद्दीन, अयाज अकबर और पीर सैफुल्ला शामिल हैं। बिट्टा कराटे को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया है। जबकि बाकी लोगों की गिरफ्तारी श्रीनगर से हुई है। श्रीनगर से अब इन्हें आगे की जांच और पूछताछ के लिए दिल्ली लाया जा रहा है।

बता दें कि एक न्यूज चैनल पर दिखाए गए स्टिंग ऑपरेशन में हुर्रियत नेता नईम खान कथित तौर पर यह स्वीकार कर रहे थे कि उन्हें हवाला के माध्यम से पाकिस्तान के आतंकी संगठनों से फंडिंग मिल रही है। इसी खुलासे के बाद एनआईए ने मामले की जांच शुरू की थी। मई में एनआईए ने इस सिलसिले में कई अलगाववादी नेताओं से पूछताछ की थी। एनआईए की एक टीम ने तहरीक-ए-हुर्रियत के फारूक अहमद डार उर्फ ‘बिट्टा कराटे’ और जावेद अहमद बाबा उर्फ ‘गाजी’ से श्रीनगर में लगातार 4 दिनों तक पूछताछ की थी। इसके बाद को इन दोनों को अपने बैंक खातों की जानकारी और संपत्ति के दस्तावेजों के साथ पूछताछ के लिए दिल्ली भी तलब किया गया था।

एनआईए को यह जानकारी भी मिली थी कि कश्मीर में ‘अशांति फैलाने के बड़े षड्यंत्र के तहत’ घाटी में स्कूलों और सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने की साजिश की जा रही है। इस संबंध में एनआईए ने कई आरोपियों की जानकारी भी जुटाई थी। स्टिंग ऑपरेशन में भी नईम खान ने कथित रूप से दावा किया था कि पाकिस्तान द्वारा रचे गए षड्यंत्र के तहत शिक्षण संस्थानों को निशाना बनाया जा रहा है। स्टिंग ऑपरेशन के बाद नईम खान को गिलानी नेतृत्व वाले हुर्रियत ने निलंबित कर दिया था।

बता दें कि पिछले साल 8 जुलाई को सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में हिजबुल कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद घाटी में कई स्कूलों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया था।