पुलवामा हमले में शामिल जैश के आतंकवादी को NIA ने किया गिरफ्तार

suspected terrorist
पुलवामा हमले में शामिल जैश के आतंकवादी को NIA ने किया गिरफ्तार

नई दिल्ली। बीते वर्ष पुलवामा में सीआरपीएफ के 40 जवानो पर हुए आतंकी हमले के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को बड़ी सफलता मिली है। एनआईए ने शुक्रवार को इस हमले की संलिप्तता में जैश-ए-मोहम्मद के एक आतंकवादी को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि इस आतंकी ने अपने घर में हमलावर को पनाह दी थी।

Nia Arrested Jaish Terrorist Involved In Pulwama Attack :

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के अधिकारियों ने बताया बीते वर्ष 14 फरवरी को पुलवामा में सीआरपीएफ जवानो की बस में कार से विस्फोट किया गया था। कार से आये आत्मघाती बम हमलावर आदिल अहमद को 22 वर्षीय शाकिर बशीर मार्गे ने ही शरण दी थी साथ ही साजो-सामान संबंधी मदद भी मुहैया करायी थी। बशीर पुलवामा के काकापोरा के हाजीबल का रहने वाला है और उसकी फर्नीचर की दुकान है। पाकिस्तानी आतंकवादी मोहम्मद उमर फारूक ने 2018 के मध्य में मार्गे की डार से पहचान करवायी थी और तभी से वह जेश से जुड़कर काम कर रहा था।

शुरूवाती पूछताछ में बशीर ने बताया कि उसने कई बार जैश के आतंकवादियों के लिए हथियार, विस्फोटक और नकद जुटायी हैं साथ ये चीजें उन तक पहुंचायी भी हैं। जिनकी उसने मदद की थी उनमें पुलवामा हमले में शामिल आतंकी भी शामिल थे। बशीर ने यह भी खुलासा किया कि उसने डार और पाकिस्तानी आतंकवादी मोहम्मद उमर फारूक को अपने घर में 2018 के आखिरी दिनों से लेकर फरवरी, 2019 के हमले तक शरण दी तथा देशी बम बनाने में उनकी सहायता की। अधिकारियों का कहना है कि बशीर ने जनवरी, 2019 में जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग पर सीआरपीएफ काफिले की आवाजाही की रेकी करनी शुरू की और उसने ही सीआरपीएफ के काफिले के बारे में मोहम्मद उमर एवं डार को जानकारी दी थी।

अधिकारियों के अनुसार जांच के दौरान हमले में इस्तेमाल की गयी कार की संरचना, मॉडल, नंबर का पता लगाने के लिए घटनास्थल से मिले उसके छोटे अवशेषों का फोरेंसिक परीक्षण किया और उससे सामने आया कि यह मारूति इको थी। पकड़े जाने के बाद में बशरी ने इसकी पुष्टि की। फोरेंसिक जांच से यह पता चला कि हमले में इस्तेमाल किये गये विस्फोटक अमोनियम नाइट्रेट, नाइट्रो ग्लीसरीन और आरडीएक्स थे। वहीं इस हमले में शामिल अन्य अहम आतंकवादी जैश के संभागीय कमांडर मुद्दासिर अहमद खान, पाकिस्तानी आतंकवादी मोहम्मद उमर फारूक और देशी बम विशेषज्ञ कमारान और कार के मालिक सज्जाद अहमद भट, कारी यासिर के रूप में हुई। ये सभी आतंकी मारे जा चुके हैं।

नई दिल्ली। बीते वर्ष पुलवामा में सीआरपीएफ के 40 जवानो पर हुए आतंकी हमले के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को बड़ी सफलता मिली है। एनआईए ने शुक्रवार को इस हमले की संलिप्तता में जैश-ए-मोहम्मद के एक आतंकवादी को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि इस आतंकी ने अपने घर में हमलावर को पनाह दी थी। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के अधिकारियों ने बताया बीते वर्ष 14 फरवरी को पुलवामा में सीआरपीएफ जवानो की बस में कार से विस्फोट किया गया था। कार से आये आत्मघाती बम हमलावर आदिल अहमद को 22 वर्षीय शाकिर बशीर मार्गे ने ही शरण दी थी साथ ही साजो-सामान संबंधी मदद भी मुहैया करायी थी। बशीर पुलवामा के काकापोरा के हाजीबल का रहने वाला है और उसकी फर्नीचर की दुकान है। पाकिस्तानी आतंकवादी मोहम्मद उमर फारूक ने 2018 के मध्य में मार्गे की डार से पहचान करवायी थी और तभी से वह जेश से जुड़कर काम कर रहा था। शुरूवाती पूछताछ में बशीर ने बताया कि उसने कई बार जैश के आतंकवादियों के लिए हथियार, विस्फोटक और नकद जुटायी हैं साथ ये चीजें उन तक पहुंचायी भी हैं। जिनकी उसने मदद की थी उनमें पुलवामा हमले में शामिल आतंकी भी शामिल थे। बशीर ने यह भी खुलासा किया कि उसने डार और पाकिस्तानी आतंकवादी मोहम्मद उमर फारूक को अपने घर में 2018 के आखिरी दिनों से लेकर फरवरी, 2019 के हमले तक शरण दी तथा देशी बम बनाने में उनकी सहायता की। अधिकारियों का कहना है कि बशीर ने जनवरी, 2019 में जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग पर सीआरपीएफ काफिले की आवाजाही की रेकी करनी शुरू की और उसने ही सीआरपीएफ के काफिले के बारे में मोहम्मद उमर एवं डार को जानकारी दी थी। अधिकारियों के अनुसार जांच के दौरान हमले में इस्तेमाल की गयी कार की संरचना, मॉडल, नंबर का पता लगाने के लिए घटनास्थल से मिले उसके छोटे अवशेषों का फोरेंसिक परीक्षण किया और उससे सामने आया कि यह मारूति इको थी। पकड़े जाने के बाद में बशरी ने इसकी पुष्टि की। फोरेंसिक जांच से यह पता चला कि हमले में इस्तेमाल किये गये विस्फोटक अमोनियम नाइट्रेट, नाइट्रो ग्लीसरीन और आरडीएक्स थे। वहीं इस हमले में शामिल अन्य अहम आतंकवादी जैश के संभागीय कमांडर मुद्दासिर अहमद खान, पाकिस्तानी आतंकवादी मोहम्मद उमर फारूक और देशी बम विशेषज्ञ कमारान और कार के मालिक सज्जाद अहमद भट, कारी यासिर के रूप में हुई। ये सभी आतंकी मारे जा चुके हैं।