एनआईए ने कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ जबरदस्त काम किया : अजीत डोभाल

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एनआईए ने कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ जबरदस्त काम किया : अजीत डोभाल

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद पाकिस्तान परस्त आतंकी संगठनों से बढ़ते खतरे के बीच सोमवार को राज्यों के आतंकवाद रोधी दस्तों (एटीएस) एवं स्पेशल टास्क फोर्स के प्रमुखों की दिल्ली में एक कॉन्फ्रेंस हुई। राष्ट्रीय जांच एजेंसी की कॉन्फ्रेंस में एनएसए अजीत डोभाल ने एटीएस के प्रमुखों और शीर्ष अधिकारियों को संबोधित किया। इस दौरान अजीत डोभाल ने कश्मीर में एनआईए के कामकाज की प्रशंसा की और कहा कि एनआईए ने कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ जबरदस्त काम किया है।

Nia Did Tremendous Work Against Terrorism In Kashmir Ajit Doval :

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के आतंकवाद निरोधी दस्ते/ विशेष कार्यबल के प्रमुखों का दिल्ली में राष्ट्रीय सम्मेलन चल रहा है। जिसमें गृह राज्यमंत्री जी किशन रेड्डी, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल, एनआईए के डीजी वाईसी मोदी, पूर्व आईबी विशेष निदेशक और नगालैंड के राज्यपाल आरएन रवि मौजूद हैं। सम्मेलन में एनआईए के डीजी योगेश चंदर मोदी ने बताया कि अभी तक आईएसएस से संबंधित मामलों में 127 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जबकि 125 संदिग्धों की सूची तैयार है।
सम्मलेन में एनएसए अजित डोभाल ने कहा एनआईए ने कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ जो प्रभाव गहरा डाला है, वह किसी भी अन्य एजेंसी की तुलना में ज्यादा है। यदि किसी अपराधी को देश का समर्थन मिलता है तो यह बहुत बड़ी चुनौती बन जाता है।

एनआईए के डीजी योगेश चंदर मोदी ने सम्मेलन में कहा, ‘ अभी तक आईएसएस से संबंधित मामलों में 127 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जिसमें 33 तमिलनाडु से, 19 उत्तर प्रदेश, 17 केरल और 14 तेलंगाना से हैं। हमने इस बात पर गौर किया है कि जमात-उल-मुजाहिद्दीन बांग्लादेश ने बिहार, महाराष्ट्र, केरल और कर्नाटक में अपनी गतिविधियां बढ़ा दी हैं। संबंधित एजेंसियों के साथ 125 संदिग्धों के नाम साझा किए गए हैं।’

एनआईए के आईजी आलोक मित्तल ने कहा, ‘जम्मू-कश्मीर में आतंक के वित्त पोषण के मुख्य मामले में विशेष संगठनों के प्रमुखों और शीर्ष अलगाववादी नेताओं के को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। अभी तक किसी को भी जमानत नहीं मिली है।
उन्होंने आगे कहा, ‘पंजाब में आतंकी गतिविधियों को पुनर्जीवित करने के लिए सीमा पार से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। 16 को आठ मामलों में लक्षित हत्याओं के लिए गिरफ्तार किया गया है। इसमें खालिस्तान लिबरेशन फोर्स की संलिप्तता भी पाई गई है। इसके लिए ब्रिटेन, इटली, फ्रांस और ऑस्ट्रेलिया से फंड भेजे जाते थे।

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद पाकिस्तान परस्त आतंकी संगठनों से बढ़ते खतरे के बीच सोमवार को राज्यों के आतंकवाद रोधी दस्तों (एटीएस) एवं स्पेशल टास्क फोर्स के प्रमुखों की दिल्ली में एक कॉन्फ्रेंस हुई। राष्ट्रीय जांच एजेंसी की कॉन्फ्रेंस में एनएसए अजीत डोभाल ने एटीएस के प्रमुखों और शीर्ष अधिकारियों को संबोधित किया। इस दौरान अजीत डोभाल ने कश्मीर में एनआईए के कामकाज की प्रशंसा की और कहा कि एनआईए ने कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ जबरदस्त काम किया है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के आतंकवाद निरोधी दस्ते/ विशेष कार्यबल के प्रमुखों का दिल्ली में राष्ट्रीय सम्मेलन चल रहा है। जिसमें गृह राज्यमंत्री जी किशन रेड्डी, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल, एनआईए के डीजी वाईसी मोदी, पूर्व आईबी विशेष निदेशक और नगालैंड के राज्यपाल आरएन रवि मौजूद हैं। सम्मेलन में एनआईए के डीजी योगेश चंदर मोदी ने बताया कि अभी तक आईएसएस से संबंधित मामलों में 127 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जबकि 125 संदिग्धों की सूची तैयार है। सम्मलेन में एनएसए अजित डोभाल ने कहा एनआईए ने कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ जो प्रभाव गहरा डाला है, वह किसी भी अन्य एजेंसी की तुलना में ज्यादा है। यदि किसी अपराधी को देश का समर्थन मिलता है तो यह बहुत बड़ी चुनौती बन जाता है। एनआईए के डीजी योगेश चंदर मोदी ने सम्मेलन में कहा, ' अभी तक आईएसएस से संबंधित मामलों में 127 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जिसमें 33 तमिलनाडु से, 19 उत्तर प्रदेश, 17 केरल और 14 तेलंगाना से हैं। हमने इस बात पर गौर किया है कि जमात-उल-मुजाहिद्दीन बांग्लादेश ने बिहार, महाराष्ट्र, केरल और कर्नाटक में अपनी गतिविधियां बढ़ा दी हैं। संबंधित एजेंसियों के साथ 125 संदिग्धों के नाम साझा किए गए हैं।' एनआईए के आईजी आलोक मित्तल ने कहा, 'जम्मू-कश्मीर में आतंक के वित्त पोषण के मुख्य मामले में विशेष संगठनों के प्रमुखों और शीर्ष अलगाववादी नेताओं के को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। अभी तक किसी को भी जमानत नहीं मिली है। उन्होंने आगे कहा, 'पंजाब में आतंकी गतिविधियों को पुनर्जीवित करने के लिए सीमा पार से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। 16 को आठ मामलों में लक्षित हत्याओं के लिए गिरफ्तार किया गया है। इसमें खालिस्तान लिबरेशन फोर्स की संलिप्तता भी पाई गई है। इसके लिए ब्रिटेन, इटली, फ्रांस और ऑस्ट्रेलिया से फंड भेजे जाते थे।