जाकिर नईक के खिलाफ एफआईआर के बाद एनआईए ने 10 ठिकानों पर मारे छापे

मुंबई। इस्लामिक स्कॉलर और धर्म प्रचारक जाकिर नईक के खिलाफ एनआईए का सिकंजा कसता नजर आ राह है। शुक्रवार को नईक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के बाद शनिवार की सुबह ही एनआईए की टीमों ने उसके इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन के लिए प्रयोग होने वाले करीब 10 ठिकानों पर छापेमारी करते हुए अहम दस्तावेजों को कब्जे में लिया है। इस छापेमारी को अंजाम देने के लिए एनआईए के साथ भारी संख्या में मुंबई पुलिस के जवान मौजूद रहे।




एनआईए की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक जाकिर नईक के खिलाफ आतंकवाद रोधी कानून यूएपीए के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। जिस पर आगे की कार्रवाई के तहत उनकी संस्था के लिए प्रयोग होने वाले 10 ठिकानों पर छापेमारी की गई है। जहां से कई अहम दस्तावेज बरामद हुए हैं। अब एनआईए लंबे समय से विदेश यात्रा पर चल रहे जाकिर नईक को भारत लाने का प्रयास करेगी। ऐसा कहा जा रहा है कि भारत में अपने खिलाफ हो रही जांच से चौकन्ना होने के बाद जाकिर नईक ने किसी इस्लामिक देश में शरण ले रखी है।




एनआईए प्रवक्ता के मुताबिक जाकिर नईक द्वारा अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी ओसामा बिन लादेन का गुणगान किया जाना और हर मुसलमान को आतंकवादी होने की बात कही थी। आरोप है कि जाकिर नईक के भाषणों से प्रभावित होकर कई दुनिया भर के युवा आतंकवाद का रास्ता अपना रहे हैं। जिसके साक्ष्य इसी वर्ष बांग्लादेश के ढ़ाका में एक रेस्टोरेन्ट में हुए आतंकी हमले के दौरान भी मिले थे। बांग्लादेशी जांच एजेन्सियों ने इस बात की पुष्टि की थी कि उस आतंकी घटना को अंजाम देने वाला एक युवक जाकिर नईक के भाषण सुनता था और उनसे पूरी तरह प्रभावित भी था। उसने हमले के दौरान नईक के भाषण का जिक्र बंधकों से बातचीत के दौरान किया था।




गौरतलब है कि जाकिर नईक की संस्था इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन को विदेशों से मिलने वाली फंडिंग पर रोक लगा दी थी। आरोप है कि इस संस्था को विदेशों से मिलने वाले चंदे की मदद से नईक देशविरोधी गतिविधियों को फंडिंग करता था। तमाम पहलुओं पर छानबीन करने के बाद सामने आए तथ्यों के आधार पर केन्द्रीय गृहमंत्रालय ने नईक की संस्था को प्रतिबंधित करने का फैसला लिया है। जिसे लेकर जल्द ही गृहमंत्रालय निर्देश जारी करेगा।