NIA ने कहा- यूसुफ नही था पुलवामा हमले का आरोपी, कांग्रेस बोली-शहीदो का अपमान

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NIA ने कहा- यूसुफ नही था पुलवामा हमले का आरोपी, कांग्रेस बोली-शहीदो का अपमान

नई दिल्ली। आतंकी हमलो से जुड़े मामले में पटियाला हाउस कोर्ट ने यूसुफ चोपन को जमानत दे दी है। बताया जा रहा है कि कोर्ट द्वारा चार्जशीट दायर करने का जो समय दिया गया था उसके अंतराल में एनआईए कोई सबूत नही इकट्ठा कर पायी जिसकी वजह से चार्जशीट भी दाखिल नही हो सकी। साथ ही इस मामले की खबर सामने आने पर पता चला कि यूसुफ चोपन बीते वर्ष पुलवामा आतंकी हमले का आरोपी ही न​ही था। बता दें कि पुलवामा हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे जिसके बाद यूसुफ पर इस हमले को लेकर भी आरोप लगने लगे थे। ऐसे में कांग्रेस ने इसे पुलवामा हमले से जोड़ते हुए मोदी सरकार और एनआईए पर सवाल खड़े किये हैं और इसे शहीदों का अपमान बताया है।

Nia Said Yusuf Was Not Accused Of Pulwama Attack Congress Bid Insulting Martyrs :

बताया जा रहा है कि अदालत ने युसूफ चोपन को सर्शत जमानत दी है। इसके लिए 50 हजार का निजी मुचलका भरवाया गया है। यही नही चोपन को जांच एजेंसियों का सहयोग भी करना होगा और जरूरत पड़ने पर कोर्ट के समक्ष पेश होना होगा। एनआईए की माने तो यूसुफ की गिरफ्तारी पुलवामा हमले को लेकर कभी हुई ही नही थी। बताया गया कि उसे 6 अन्य लोगों के साथ एनआईए के मामलों में गिरफ्तार किए गया था।

बताया गया कि ये सभी मामले में जैश-ए-मोहम्मद की साजिश से संबंधित थे। इन मामलो में 8 आरोपियों के खिलाफ 2 चार्जशीट दायर की गई थीं।लेकिन यूसुफ चोपन के खिलाफ इन मामले में सबूत नही मिला तो चार्जशीट दायर नहीं की जा सकी। एनआईए की माने तो एनआईए की विशेष अदालत की ओर से 18 फरवरी को इन मामलो में जमानत दे दी गयी थी और डीएम पुलवामा के आदेश से सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम के तहत वापस कोट भलवाल जेल जम्मू भेज दिया गया था।

NIA ने कहा- यूसुफ नही था पुलवामा हमले का आरोपी, कांग्रेस बोली-शहीदो का अपमान

वहीं कांग्रेस की तरफ से अहमद पटेल ने एनआईए के चार्जशीट दाखिल न कर पाने पर और आरोपी को जमानत दिए जाने पर हैरानी जताई है साथ ही इसे शहीदों का अपमान बताते हुए सरकार पर भी गंभीर आरोप लगाये हैं। दरअसल पुलवामा हमले में 40 जवानो को दिन दहाड़े विस्फोट कार से मार दिया गया था जिसके बाद देश में चारो तरफ आक्रोश था। सवाल तो सरकार और सुरक्षा एजेंसियों पर उठना लाजमी है। आखिर सुरागकशी किसने की थी, इतनी बड़ी मात्री में आरडीएक्स कहां से आया। यह सब ऐसे सवाल हैं जिनका जवाब मिलना बाकी है।

आपको बता दें कि सीआरपीएफ जवानो की एक बस में विस्फोट से भरी कार सामने से आकर भिड़ी थी और धमाके में बस के साथ साथ कार के भी परखच्चे उड़ गये थे और इस दौरान बस के अन्दर बैठे 40 जवान शहीन हो गये थे। हमले के बाद इसकी जिम्मेदारी जैश ए मोहम्मद आंतकी संगठन ने ली थी। ये हमला उस वक्त हुआ था जब भारत में लोकसभा चुनाव की सरगरमी थी। भारत सरकार ने हमले को लेकर पाक को जिम्मेदार ठहराया और करीब 12 दिन बाद पाकिस्तान के बालाकोट में एयर स्ट्राइक के जरिए जैश के ठिकाने को तबाह कर दिया था।

नई दिल्ली। आतंकी हमलो से जुड़े मामले में पटियाला हाउस कोर्ट ने यूसुफ चोपन को जमानत दे दी है। बताया जा रहा है कि कोर्ट द्वारा चार्जशीट दायर करने का जो समय दिया गया था उसके अंतराल में एनआईए कोई सबूत नही इकट्ठा कर पायी जिसकी वजह से चार्जशीट भी दाखिल नही हो सकी। साथ ही इस मामले की खबर सामने आने पर पता चला कि यूसुफ चोपन बीते वर्ष पुलवामा आतंकी हमले का आरोपी ही न​ही था। बता दें कि पुलवामा हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे जिसके बाद यूसुफ पर इस हमले को लेकर भी आरोप लगने लगे थे। ऐसे में कांग्रेस ने इसे पुलवामा हमले से जोड़ते हुए मोदी सरकार और एनआईए पर सवाल खड़े किये हैं और इसे शहीदों का अपमान बताया है। बताया जा रहा है कि अदालत ने युसूफ चोपन को सर्शत जमानत दी है। इसके लिए 50 हजार का निजी मुचलका भरवाया गया है। यही नही चोपन को जांच एजेंसियों का सहयोग भी करना होगा और जरूरत पड़ने पर कोर्ट के समक्ष पेश होना होगा। एनआईए की माने तो यूसुफ की गिरफ्तारी पुलवामा हमले को लेकर कभी हुई ही नही थी। बताया गया कि उसे 6 अन्य लोगों के साथ एनआईए के मामलों में गिरफ्तार किए गया था। बताया गया कि ये सभी मामले में जैश-ए-मोहम्मद की साजिश से संबंधित थे। इन मामलो में 8 आरोपियों के खिलाफ 2 चार्जशीट दायर की गई थीं।लेकिन यूसुफ चोपन के खिलाफ इन मामले में सबूत नही मिला तो चार्जशीट दायर नहीं की जा सकी। एनआईए की माने तो एनआईए की विशेष अदालत की ओर से 18 फरवरी को इन मामलो में जमानत दे दी गयी थी और डीएम पुलवामा के आदेश से सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम के तहत वापस कोट भलवाल जेल जम्मू भेज दिया गया था। NIA ने कहा- यूसुफ नही था पुलवामा हमले का आरोपी, कांग्रेस बोली-शहीदो का अपमान वहीं कांग्रेस की तरफ से अहमद पटेल ने एनआईए के चार्जशीट दाखिल न कर पाने पर और आरोपी को जमानत दिए जाने पर हैरानी जताई है साथ ही इसे शहीदों का अपमान बताते हुए सरकार पर भी गंभीर आरोप लगाये हैं। दरअसल पुलवामा हमले में 40 जवानो को दिन दहाड़े विस्फोट कार से मार दिया गया था जिसके बाद देश में चारो तरफ आक्रोश था। सवाल तो सरकार और सुरक्षा एजेंसियों पर उठना लाजमी है। आखिर सुरागकशी किसने की थी, इतनी बड़ी मात्री में आरडीएक्स कहां से आया। यह सब ऐसे सवाल हैं जिनका जवाब मिलना बाकी है। आपको बता दें कि सीआरपीएफ जवानो की एक बस में विस्फोट से भरी कार सामने से आकर भिड़ी थी और धमाके में बस के साथ साथ कार के भी परखच्चे उड़ गये थे और इस दौरान बस के अन्दर बैठे 40 जवान शहीन हो गये थे। हमले के बाद इसकी जिम्मेदारी जैश ए मोहम्मद आंतकी संगठन ने ली थी। ये हमला उस वक्त हुआ था जब भारत में लोकसभा चुनाव की सरगरमी थी। भारत सरकार ने हमले को लेकर पाक को जिम्मेदार ठहराया और करीब 12 दिन बाद पाकिस्तान के बालाकोट में एयर स्ट्राइक के जरिए जैश के ठिकाने को तबाह कर दिया था।