कश्मीर : वरिष्ठ पत्रकार शुजात बुखारी हत्याकांड की जांच करेगी एनआईए

नई दिल्ली। कश्मीर के वरिष्ठ पत्रकार शुजात बुखारी की हत्या का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। अब इस हत्याकांड की जांच एनआईए को दी जा सकती हैं। इसके लिए राज्यपाल एनएन वोहरा से बात की जा रही है। गृहमंत्रालय का इस मामले में मानना है कि शुजात बुखारी की हत्या सिर्फ आतंकी घटना नहीं है। विभाग ने आशंका जताई है कि इसके पीछे कोई बड़ी साजिश भीहो सकती है।

Nia Will Investigate Shujaat Bukhari Murder Case :

गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि बुखारी को दिनदहाड़े गोली मारी गई, फिर भी उन्हे अस्पताल ले जाने में देरी हुई। गोली लगने के बाद बुखारी और उसके पीएसओ को अस्पताल पहुंचाने में हुई देरी भी कई सवाल पैदा छोड़ जाती है, जबकि श्रीनगर जैसे शहर में सुरक्षा एजेंसियां घटना के बाद तुरन्त घायल को अस्पताल पहुंचाती है। वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि वो किसी को फंसाने का प्रयास नही कर रहे हैं, लेकिन मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बुखारी लगातार बातचीत के जरिये कश्मीर समस्या के स्थायी हल निकालने की बात कर रहे थे। वो शांति की बात करने वाले बड़े तबके की आवाज बने हुए थे। वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि घाटी में सिर्फ आतंकी ही नहीं, कुछ अन्य लोग भी हैं, जो शांति नहीं चाहते हैं। जाहिर बुखारी उनके निशाने पर थे। उन्होंने कहा कि हत्या भले ही आतंकियों ने की हो लेकिन इसके पीछे दिमाग किसी और का लगा है।

 

नई दिल्ली। कश्मीर के वरिष्ठ पत्रकार शुजात बुखारी की हत्या का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। अब इस हत्याकांड की जांच एनआईए को दी जा सकती हैं। इसके लिए राज्यपाल एनएन वोहरा से बात की जा रही है। गृहमंत्रालय का इस मामले में मानना है कि शुजात बुखारी की हत्या सिर्फ आतंकी घटना नहीं है। विभाग ने आशंका जताई है कि इसके पीछे कोई बड़ी साजिश भीहो सकती है। गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि बुखारी को दिनदहाड़े गोली मारी गई, फिर भी उन्हे अस्पताल ले जाने में देरी हुई। गोली लगने के बाद बुखारी और उसके पीएसओ को अस्पताल पहुंचाने में हुई देरी भी कई सवाल पैदा छोड़ जाती है, जबकि श्रीनगर जैसे शहर में सुरक्षा एजेंसियां घटना के बाद तुरन्त घायल को अस्पताल पहुंचाती है। वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि वो किसी को फंसाने का प्रयास नही कर रहे हैं, लेकिन मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बुखारी लगातार बातचीत के जरिये कश्मीर समस्या के स्थायी हल निकालने की बात कर रहे थे। वो शांति की बात करने वाले बड़े तबके की आवाज बने हुए थे। वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि घाटी में सिर्फ आतंकी ही नहीं, कुछ अन्य लोग भी हैं, जो शांति नहीं चाहते हैं। जाहिर बुखारी उनके निशाने पर थे। उन्होंने कहा कि हत्या भले ही आतंकियों ने की हो लेकिन इसके पीछे दिमाग किसी और का लगा है।