नीरा राडिया के हॉस्‍पिटल ‘नयति’ पर लग रहे गंभीर आरोप, 2जी स्पेक्ट्रम-पनामा लीक्स में आ चुका है नाम

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नीरा राडिया के हॉस्‍पिटल ‘नयति’ पर लग रहे गंभीर आरोप, 2जी स्पेक्ट्रम-पनामा लीक्स में आ चुका है नाम

लखनऊ। 28 फरवरी 2016 को देश के प्रमुख उद्योगपति रतन टाटा ने नीरा राडिया के हॉस्‍पिटल ‘नयति’ का मथुरा में भव्‍य उद्घाटन किया था। नीरा राडिया का नयति हॉस्पिटल अब विवादों के घेरे में है। नयति हॉस्पिटल की चेयरपरसन नीरा राडिया ने कहा था कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों को उनके क्षेत्र में ही विश्वस्तरीय स्वास्थ्य देखभाल की सुविधा प्रदान करने का अवसर हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

Niira Radia Hospital Niyati :

मात्र चार साल में नयति और उसकी खोटी नीयत एक-दूसरे के पूरक बन गए, नतीजतन आए दिन झगड़े होना और बात पुलिस-प्रशासन तक पहुंचना आम बात हो गई। हालांकि ऊंची पहुंच और मथुरा से लेकर लखनऊ और दिल्‍ली तक शासन एवं प्रशासन में गहरी पैठ होने के कारण पीड़ितों को हर बार मुंह की खानी पड़ी। हाल ही में नयति के अमानवीय आचरण से जुड़े ऐसे दो मामले फिर सामने आए हैं जिनमें मरीजों को जान गंवानी पड़ी है किंतु नयति ने इन दोनों मामलों में भी खुद को सही ठहराते हुए सारा दोष पीड़ित परिजनों के सिर थोप दिया है।

हाल ही में कांग्रेस के कद्दावर नेता रहे अब्दुल जब्बार को अपने भतीजे की मौत का दंश झेलना पड़ा। उस रात की बातें याद कर वो आज भी सिहर उठते है। बेटा स्ट्रेचर पर तड़प रहा था, उनका पूरा परिवार नयति अस्पताल प्रशासन और डाक्टरों से मिन्नतें करता रहा लेकिन किसी ने एक नहीं सुनी। समय पर उपचार न मिलने से परिवार का जवान बेटा असमय मौत के मुँह में चला गया।

कांग्रेस नेता ने बताया कि उनके भतीजे की तबियत खराब हुई तो वो उसे नयति अस्पताल लेकर भागे। यहां उसके कई टेस्ट किए गये। इस दौरान भतीजा अरबाज स्ट्रेचर पर दर्द से तड़प रहा था। सभी मेडिकल टेस्ट करने के बाद भी डाक्टरों ने उसे भर्ती करने से मना कर दिया। अस्पताल का तर्क था कि पहले कोरोना ‘न’ होने का सर्टिफिकेट लेकर आइए। उनके अन्य मित्र नेताओं ने भी गुजारिश की, अस्पताल के अधिकारियों ने फोन तक नहीं उठाए और हमने अपना बेटा खो दिया। हालांकि अस्पताल प्रशासन का दावा है कि उनके यहां कोविड जांच की सुविधा उपलब्ध है।

कांग्रेस नेता अब्दुल जब्बार ने नयति अस्पताल का लाइसेंस तत्काल निरस्त करने की मांग सरकार से की है। इस मामले में उन्होंने मथुरा के लोगों से एकजुट होकर इस अस्पताल के खिलाफ आंदोलन शुरू करने का आह्वान किया है। भाजपा के जिलाध्यक्ष विनोद अग्रवाल के साथ हॉस्पिटल के स्टाफ द्वारा बदतमीजी की गई थी, सूत्रों ने बताया कि भाजपा मथुरा के ‘पितामह’ कहे जाने वाले बांके बिहारी माहेश्वरी के सुपुत्र स्वर्गीय श्री रवि माहेश्वरी की मृत्यु भी नयति हॉस्पिटल की मनी माइंड सोच का ही परिणाम थी।

बताते चलें कि इस अस्पताल की मालकिन नीरा राडिया का विवादों से काफी पुराना नाता रहा है। नीरा राडिया का नाम 2जी स्पेक्ट्रम और पनामा पेपर लीक्स जैसे घोटालों में सामने आ चुका है। हालांकि समाज सेवा की नियत दिखाने वाली नीरा के हॉस्पिटल की हालत तो अब सबके सामने आ चुकी है।

लखनऊ। 28 फरवरी 2016 को देश के प्रमुख उद्योगपति रतन टाटा ने नीरा राडिया के हॉस्‍पिटल ‘नयति’ का मथुरा में भव्‍य उद्घाटन किया था। नीरा राडिया का नयति हॉस्पिटल अब विवादों के घेरे में है। नयति हॉस्पिटल की चेयरपरसन नीरा राडिया ने कहा था कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों को उनके क्षेत्र में ही विश्वस्तरीय स्वास्थ्य देखभाल की सुविधा प्रदान करने का अवसर हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है। मात्र चार साल में नयति और उसकी खोटी नीयत एक-दूसरे के पूरक बन गए, नतीजतन आए दिन झगड़े होना और बात पुलिस-प्रशासन तक पहुंचना आम बात हो गई। हालांकि ऊंची पहुंच और मथुरा से लेकर लखनऊ और दिल्‍ली तक शासन एवं प्रशासन में गहरी पैठ होने के कारण पीड़ितों को हर बार मुंह की खानी पड़ी। हाल ही में नयति के अमानवीय आचरण से जुड़े ऐसे दो मामले फिर सामने आए हैं जिनमें मरीजों को जान गंवानी पड़ी है किंतु नयति ने इन दोनों मामलों में भी खुद को सही ठहराते हुए सारा दोष पीड़ित परिजनों के सिर थोप दिया है। हाल ही में कांग्रेस के कद्दावर नेता रहे अब्दुल जब्बार को अपने भतीजे की मौत का दंश झेलना पड़ा। उस रात की बातें याद कर वो आज भी सिहर उठते है। बेटा स्ट्रेचर पर तड़प रहा था, उनका पूरा परिवार नयति अस्पताल प्रशासन और डाक्टरों से मिन्नतें करता रहा लेकिन किसी ने एक नहीं सुनी। समय पर उपचार न मिलने से परिवार का जवान बेटा असमय मौत के मुँह में चला गया। कांग्रेस नेता ने बताया कि उनके भतीजे की तबियत खराब हुई तो वो उसे नयति अस्पताल लेकर भागे। यहां उसके कई टेस्ट किए गये। इस दौरान भतीजा अरबाज स्ट्रेचर पर दर्द से तड़प रहा था। सभी मेडिकल टेस्ट करने के बाद भी डाक्टरों ने उसे भर्ती करने से मना कर दिया। अस्पताल का तर्क था कि पहले कोरोना ‘न’ होने का सर्टिफिकेट लेकर आइए। उनके अन्य मित्र नेताओं ने भी गुजारिश की, अस्पताल के अधिकारियों ने फोन तक नहीं उठाए और हमने अपना बेटा खो दिया। हालांकि अस्पताल प्रशासन का दावा है कि उनके यहां कोविड जांच की सुविधा उपलब्ध है। कांग्रेस नेता अब्दुल जब्बार ने नयति अस्पताल का लाइसेंस तत्काल निरस्त करने की मांग सरकार से की है। इस मामले में उन्होंने मथुरा के लोगों से एकजुट होकर इस अस्पताल के खिलाफ आंदोलन शुरू करने का आह्वान किया है। भाजपा के जिलाध्यक्ष विनोद अग्रवाल के साथ हॉस्पिटल के स्टाफ द्वारा बदतमीजी की गई थी, सूत्रों ने बताया कि भाजपा मथुरा के ‘पितामह’ कहे जाने वाले बांके बिहारी माहेश्वरी के सुपुत्र स्वर्गीय श्री रवि माहेश्वरी की मृत्यु भी नयति हॉस्पिटल की मनी माइंड सोच का ही परिणाम थी। बताते चलें कि इस अस्पताल की मालकिन नीरा राडिया का विवादों से काफी पुराना नाता रहा है। नीरा राडिया का नाम 2जी स्पेक्ट्रम और पनामा पेपर लीक्स जैसे घोटालों में सामने आ चुका है। हालांकि समाज सेवा की नियत दिखाने वाली नीरा के हॉस्पिटल की हालत तो अब सबके सामने आ चुकी है।