लॉकडाउन के दौरान बिहार में हुआ निकाह, इत्र की जगह छिड़का गया सैनिटाइजर

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सारण: कोरोना के खौफ और लॉक डाउन के बीच सारण की सीमा से सटे ग्यासपुर (सिवान जिला) में एक निकाह सम्पन्न हुआ जो आम शादियों से काफी अलग था। इस निकाह में सिर्फ 4 बाराती थे। सोशल डिस्टेंसिंग और सैनिटाइजिंग का भी शादी में पूरा ख्याल रखा गया। सारण जिले के हंसराजपुर टोला गोपाली निवासी आसिफ सुहैल का निकाह सीवान जिले के ग्यासपुर गांव की गुलफ्शां सिद्दीकी के साथ सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए संपन्न हुआ।

Nikah In Bihar During Lockdown Sanitizer Sprinkled In Place Of Perfume :

निकाह में दुल्हे-दुल्हन के साथ मौलवी और 3 बारातियों ने भी मास्क लगा रखे थे। लॉकडाउन मे इस अनोखे निकाह को मौलवी ने लगभग डेढ़ घंटे में संपन्न कराया। बारातियों के स्वागत के लिए इत्र नहीं बल्कि सैनिटाइजर का इस्तेमाल किया गया। बारात में इत्र की जगह बरातियों पर बाकायदा सैनिटाइजर छिड़का गया। सिर्फ 4 लोग थे इसलिए सैनिटाइजिंग की प्रक्रिया में भी ज्यादा वक्त नहीं लगा। सैनिटाइजिंग के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की गई।

द्वार पर बारात पहुंचते ही दूल्हे पर फूलों की बारिश नहीं हुई। यहां वधू पक्ष तो हाथ में साबुन लिए खड़ा था। लड़की के पिता ने पहले साबुन से दूल्हे का हाथ धुलवाए। इसके बाद कोरोना वायरस को लेकर सतर्कता बरतते हुए सभी रस्में संपन्न कराई गईं। कोरोना वायरस के खौफ के बीच हुई इस शादी की भनक गांव वालों को भी नहीं लग सकी। बताया जाता है कि सारण के अहमद अली ने अपने बेटे का निकाह कोरोना संकट के पहले ही तय कर रखी थी। लेकिन बारात को जाना था पड़ोसी जिले सिवान। लिहाजा इन्होंने जिला प्रशासन से इसकी इजाजत मांगी। निकाह के दिन यानि 19 अप्रैल को बारात ले जाने के लिए जिला प्रशासन, सारण से मात्र दो गाड़ियों की अनुमति मिली। इसके बाद एक डिजायर कार और एक बोलेरो को निकाह में जाने के लिए सजाया गया।

इन गाड़ियों पर दूल्हा आसिफ सुहैल, दूल्हे के पिता अहमद अली, दूल्हे का छोटा भाई सैफ रजा और जीजा पप्पू अहमद यानि चार लोग बाराती बनकर गए। जिला प्रशासन की अनुमति से सम्पन्न निकाह में वर पक्ष के सिर्फ 4 लोगों के लड़की पक्ष से परिवार के भी कुछ ही गिने चुने लोग शामिल हुए। यहां भी दूल्हे को सेहरे के भीतर मास्क लगाना पड़ा और बारातियों और धर्मगुरु ने भी सोशल सोशल डिस्टेंसिंग के नियम का पालन किया। अब इस अनोखी शादी के चर्चे सारण और सिवान दोनों ही जिलों में हो रहे हैं।

सारण: कोरोना के खौफ और लॉक डाउन के बीच सारण की सीमा से सटे ग्यासपुर (सिवान जिला) में एक निकाह सम्पन्न हुआ जो आम शादियों से काफी अलग था। इस निकाह में सिर्फ 4 बाराती थे। सोशल डिस्टेंसिंग और सैनिटाइजिंग का भी शादी में पूरा ख्याल रखा गया। सारण जिले के हंसराजपुर टोला गोपाली निवासी आसिफ सुहैल का निकाह सीवान जिले के ग्यासपुर गांव की गुलफ्शां सिद्दीकी के साथ सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए संपन्न हुआ। निकाह में दुल्हे-दुल्हन के साथ मौलवी और 3 बारातियों ने भी मास्क लगा रखे थे। लॉकडाउन मे इस अनोखे निकाह को मौलवी ने लगभग डेढ़ घंटे में संपन्न कराया। बारातियों के स्वागत के लिए इत्र नहीं बल्कि सैनिटाइजर का इस्तेमाल किया गया। बारात में इत्र की जगह बरातियों पर बाकायदा सैनिटाइजर छिड़का गया। सिर्फ 4 लोग थे इसलिए सैनिटाइजिंग की प्रक्रिया में भी ज्यादा वक्त नहीं लगा। सैनिटाइजिंग के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की गई। द्वार पर बारात पहुंचते ही दूल्हे पर फूलों की बारिश नहीं हुई। यहां वधू पक्ष तो हाथ में साबुन लिए खड़ा था। लड़की के पिता ने पहले साबुन से दूल्हे का हाथ धुलवाए। इसके बाद कोरोना वायरस को लेकर सतर्कता बरतते हुए सभी रस्में संपन्न कराई गईं। कोरोना वायरस के खौफ के बीच हुई इस शादी की भनक गांव वालों को भी नहीं लग सकी। बताया जाता है कि सारण के अहमद अली ने अपने बेटे का निकाह कोरोना संकट के पहले ही तय कर रखी थी। लेकिन बारात को जाना था पड़ोसी जिले सिवान। लिहाजा इन्होंने जिला प्रशासन से इसकी इजाजत मांगी। निकाह के दिन यानि 19 अप्रैल को बारात ले जाने के लिए जिला प्रशासन, सारण से मात्र दो गाड़ियों की अनुमति मिली। इसके बाद एक डिजायर कार और एक बोलेरो को निकाह में जाने के लिए सजाया गया। इन गाड़ियों पर दूल्हा आसिफ सुहैल, दूल्हे के पिता अहमद अली, दूल्हे का छोटा भाई सैफ रजा और जीजा पप्पू अहमद यानि चार लोग बाराती बनकर गए। जिला प्रशासन की अनुमति से सम्पन्न निकाह में वर पक्ष के सिर्फ 4 लोगों के लड़की पक्ष से परिवार के भी कुछ ही गिने चुने लोग शामिल हुए। यहां भी दूल्हे को सेहरे के भीतर मास्क लगाना पड़ा और बारातियों और धर्मगुरु ने भी सोशल सोशल डिस्टेंसिंग के नियम का पालन किया। अब इस अनोखी शादी के चर्चे सारण और सिवान दोनों ही जिलों में हो रहे हैं।