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निर्भया कांड के दोषियों को दया याचिका दाखिल करने के लिए 7 दिनो की मिली मोहलत

नई दिल्ली। दिल्ली में हुए निर्भया रेप कांड के चार दोषियों को फांसी की सजा सुनाई गयी थी। ​सभी आरोपी तिहाड़ जेल में बन्द हैं, लेकिन जेल प्रशासन द्वारा चारो गुनाहगारों दया याचिका दाखिल करने के लिए 7 दिनो की मोहलत दी गयी है। नोटिस में कहा गया है कि 7 दिन के अंदर राष्ट्रपति के पास दया याचिका भेजें नहीं तो फिर तिहाड़ जेल आगे की कानूनी कार्यवाही यानी कि फांसी की सजा पर अपना कदम बढ़ाएगा।

भारत के संविधान में अनुच्छेद 72 के मुताबिक राष्ट्रपति को फांसी की सजा को माफ करने, स्थगित करने और सजा को कम करने के साथ साथ सजा में बदलाव करने का हक है। हालांकि राष्ट्रपति अकेले कोई फैसला नही ले सकते, इसके लिए उन्हे मंत्री परिषद से सलाह करना होगा। इस समय जो प्रावधान है उसमे गृह मंत्रालय राष्ट्रपति को लिखित में अपना पक्ष देता है. इसे ही कैबिनेट का पक्ष मानकर राष्ट्रपति दया याचिका पर फैसला ले सकते हैं।

अब ऐसे में अगर निर्भया के मुनहगारों द्वारा 7 दिन के अन्दर दया याचिका नहीं दाखिल की जाती है तो तिहाड़ जेल प्रशासन लोअर कोर्ट में अर्जी दाखिल करगे और फिर उसे डेथ वारंट हासिल हो जायेगा। इसके बाद चारो दोषियों को फांसी की सजा दी जा सकेगी। आपको बता दें कि गैंगरेप के आरोपी अक्षय, विनय और मुकेश तिहाड़ जेल में जबकि आरोपी पवन मंडोली जेल में बंद है. एक आरोपी राम सिंह ने तिहाड़ में आत्महत्या कर ली थी।

आपको बता दें कि 16 दिसंबर 2012 में इंसानियत को शर्मसार करने वाली वो वारदात हुई थी। दिल्ली की सड़को पर चलती बस में 5 बालिग और एक नाबालिग ने हैवानियत की घटना को अंजाम देते हुए दिल्ली पर बदनुमा दाग लगा दिया था। जिसके बाद सड़क से लेकर संसद तक प्रदर्शन हुए, यही नही पूरी दुनिया में इस घटना को लेकर तहलका मच गया था। जिस तरह से दरिंदो ने निर्भया के साथ रेप किया था वो शायद शब्दों में बयां भी नही किया जा सकता है। इस मामले मे 2018 में दोषियों को फांसी की सजा सुनाई गयी थी।

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