निर्भया केस: नया डेथ वारेंट जारी, चारों दोषियों को 1 फरवरी को दी जायेगी फांसी

Nirbhaya case
निर्भया केस: कल नही होगी दोषियों को फांसी, अगले आदेश का करना होगा इंतजार

नई दिल्ली। निर्भया गैंगरेप केस के चारो दोषियों का पहला डेथ वारेंट पटियाला हाउसकोर्ट ने बीते 7 जनवरी को जारी कर दिया था जहां बताया गया ​था कि 22 जनवरी को दोनो को फांसी दी जायेगी। लेकिन इसके बाद दोषी मुकेश ने राष्ट्रपति के पास दया याचिका दायर कर दी वहीं दो दोषी कोर्ट पंहुच गये। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही दिन क्यूरेटिव याचिका खारिज कर दी वहीं जब शुक्रवार को राष्ट्रपति ने दया याचिका खारिज की तो पटियाला हाउस कोर्ट ने एकबार फिर डेथ वारेंट जारी कर दिया है। अब चारों दोषियों 1 फरवरी सुबह 6 बजे फांसी पर लटकाया जाएगा।

Nirbhaya Case New Death Warrant Released All Four Convicts Will Be Hanged On February 1 :

जब शुक्रवार को राष्ट्रपति के पास दया याचिका पंहुची तो निर्भया की मां ने कहा था कि इस मामले में पहले भी फांसी हो सकती थी लेकिन राजनीतिक पार्टियों की वजह से देरी हो रही है। वहीं एकबार फिर जब डेथ वारेंट जारी हुआ तो निर्भया की मां आशा देवी ने कहा कि जब तक दोषियों को फांसी पर नहीं लटका दिया जाता है, तब तक मेरी बेटी को न्याय नहीं मिलेगा। मुझको पिछले सात साल से तारीख पर तारीख दी जा रही है। उन्होंने कहा कि हर जगह निर्भया के गुनहगारों का ही मानवाधिकार देखा जा रहा है। हमारा मानवाधिकार कोई नहीं देख रहा है।

आपको बता दें कि निर्भया के साथ दिल्ली में 16 दिसम्बर 2012 को दरिंदगी हुई थी, उस मामले में 6 दोषियों को गिरफ्तार किया गया था। जब इस मामले पर फैसला आया तो एक दोषी को नाबालिग करार देते हुए अदालत ने 3 साल के लिए बाल सुधार ग्रह भेज दिया वहीं पांच दोषियों राम सिंह, मुकेश, पवन गुप्ता, विनय शर्मा और अक्षय कुमार सिंह को फांसी की सजा सुना दी गयी। इसके कुछ ही दिनो बाद दोषी रामसिंह ने जेल में ही आत्महत्या कर ली जबकि अन्य चारों ने दूसरी अदालतों के दरवाजे खटखटाये। आखिरकार बीते 7 जनवरी को पटियाला हाउस कोर्ट ने चारों दोषियों का डेथ वारेंट जारी कर दिया। लेकिन दिल्ली की निचली अदालत के मुताबिक दया याचिका की वजह से 22 जनवरी को फांसी नही दी जा सकती।

नई दिल्ली। निर्भया गैंगरेप केस के चारो दोषियों का पहला डेथ वारेंट पटियाला हाउसकोर्ट ने बीते 7 जनवरी को जारी कर दिया था जहां बताया गया ​था कि 22 जनवरी को दोनो को फांसी दी जायेगी। लेकिन इसके बाद दोषी मुकेश ने राष्ट्रपति के पास दया याचिका दायर कर दी वहीं दो दोषी कोर्ट पंहुच गये। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही दिन क्यूरेटिव याचिका खारिज कर दी वहीं जब शुक्रवार को राष्ट्रपति ने दया याचिका खारिज की तो पटियाला हाउस कोर्ट ने एकबार फिर डेथ वारेंट जारी कर दिया है। अब चारों दोषियों 1 फरवरी सुबह 6 बजे फांसी पर लटकाया जाएगा। जब शुक्रवार को राष्ट्रपति के पास दया याचिका पंहुची तो निर्भया की मां ने कहा था कि इस मामले में पहले भी फांसी हो सकती थी लेकिन राजनीतिक पार्टियों की वजह से देरी हो रही है। वहीं एकबार फिर जब डेथ वारेंट जारी हुआ तो निर्भया की मां आशा देवी ने कहा कि जब तक दोषियों को फांसी पर नहीं लटका दिया जाता है, तब तक मेरी बेटी को न्याय नहीं मिलेगा। मुझको पिछले सात साल से तारीख पर तारीख दी जा रही है। उन्होंने कहा कि हर जगह निर्भया के गुनहगारों का ही मानवाधिकार देखा जा रहा है। हमारा मानवाधिकार कोई नहीं देख रहा है। आपको बता दें कि निर्भया के साथ दिल्ली में 16 दिसम्बर 2012 को दरिंदगी हुई थी, उस मामले में 6 दोषियों को गिरफ्तार किया गया था। जब इस मामले पर फैसला आया तो एक दोषी को नाबालिग करार देते हुए अदालत ने 3 साल के लिए बाल सुधार ग्रह भेज दिया वहीं पांच दोषियों राम सिंह, मुकेश, पवन गुप्ता, विनय शर्मा और अक्षय कुमार सिंह को फांसी की सजा सुना दी गयी। इसके कुछ ही दिनो बाद दोषी रामसिंह ने जेल में ही आत्महत्या कर ली जबकि अन्य चारों ने दूसरी अदालतों के दरवाजे खटखटाये। आखिरकार बीते 7 जनवरी को पटियाला हाउस कोर्ट ने चारों दोषियों का डेथ वारेंट जारी कर दिया। लेकिन दिल्ली की निचली अदालत के मुताबिक दया याचिका की वजह से 22 जनवरी को फांसी नही दी जा सकती।