निर्भया केस पर फैसले के बाद सोशल मीडिया पर क्या कहते हैं लोग

Nirbhaya Case Par Faisle Ke Baad Social Media

नई दिल्ली। पाँच साल पहले (16 दिसंबर 2012 को) दिल्ली की एक घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था सड़क से लेकर संसद तक एक ही आवाज़ गूंज रही थी, “निर्भया को न्याय मिले।” निर्भया के साथ हैवानियत करने वाले हैवानों को फांसी देने की मांग पूरा देश कर रहा था। देशवासियों की यह मंशा पूरी होगी क्योकि इस बात पर अब सुप्रीम कोर्ट ने भी अपनी मुहर लगा दी है। इस केस में दोषियों की अपील पर फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने भी चारों दोषियों की फांसी की सजा को बरकरार रखा है। अदालत ने यह कहते हुए सजा को बरकरार रखा कि वो घटना सदमे की सुनामी थी। जजों के इतना कहते ही कोर्ट में तालियां बजने लगी।

इस फैसले के बाद सोशल मीडिया पर क्या कहते है लोग…

नई दिल्ली। पाँच साल पहले (16 दिसंबर 2012 को) दिल्ली की एक घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था सड़क से लेकर संसद तक एक ही आवाज़ गूंज रही थी, "निर्भया को न्याय मिले।" निर्भया के साथ हैवानियत करने वाले हैवानों को फांसी देने की मांग पूरा देश कर रहा था। देशवासियों की यह मंशा पूरी होगी क्योकि इस बात पर अब सुप्रीम कोर्ट ने भी अपनी मुहर लगा दी है। इस केस में दोषियों की अपील पर फैसला…