निर्भया केस: सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की पवन की याचिका, अब भी टल सकती है दोषियों की फांसी?

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निर्भया केस: सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की पवन की याचिका, अब भी टल सकती है दोषियों की फांसी?

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने निर्भया केष के दोषी पवन गुप्ता की सुधारात्मक याचिका (क्यूरेटिव याचिका) को खारिज कर दिया है। साथ ही फांसी पर रोक लगाने से इंकार कर दिया है। वहीं, सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद उसके पास अब भी राष्ट्रपति के पास दया याचिका दायर करने का विकल्प बचा हुआ है।

Nirbhaya Case Pawans Plea Rejected By Supreme Court Can Still Postpone The Hanging Of Convicts :

वहीं, दोषियों के पैतरों से दुखी निर्भया की मां ने कहा कि, मैं सात वर्ष तीन महीने से संघर्ष कर रही हूं। वो कहते हैं हमें माफ कर दो। कोई कहता है कि मेरे पति, बच्चे की क्या गलती है। मैं कहती हूं कि मेरी बच्ची की क्या गलती थी?’ बता दें कि, निर्भया केस का एक और दोषी अक्षय सिंह ने शनिवार को राष्ट्रपति के समक्ष दया याचिका दायर की थी।

निचली अदालत ने 17 फरवरी को चारों दोषियों का डेथ वारंट जारी कर तीन मार्च, सुबह 6 बजे फांसी की तारीख तय की थी। बता दें कि कानूनी तिकड़मों के चलते निर्भया केष के दोषियों की फांसी दो बार टल चुककी है। पिछले दिनों दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा था कि चारों को एक साथ फांसी होगी। इसे केंद्र और दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जिस पर पांच मार्च को सुनवाई है।

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने निर्भया केष के दोषी पवन गुप्ता की सुधारात्मक याचिका (क्यूरेटिव याचिका) को खारिज कर दिया है। साथ ही फांसी पर रोक लगाने से इंकार कर दिया है। वहीं, सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद उसके पास अब भी राष्ट्रपति के पास दया याचिका दायर करने का विकल्प बचा हुआ है। वहीं, दोषियों के पैतरों से दुखी निर्भया की मां ने कहा कि, मैं सात वर्ष तीन महीने से संघर्ष कर रही हूं। वो कहते हैं हमें माफ कर दो। कोई कहता है कि मेरे पति, बच्चे की क्या गलती है। मैं कहती हूं कि मेरी बच्ची की क्या गलती थी?' बता दें कि, निर्भया केस का एक और दोषी अक्षय सिंह ने शनिवार को राष्ट्रपति के समक्ष दया याचिका दायर की थी। निचली अदालत ने 17 फरवरी को चारों दोषियों का डेथ वारंट जारी कर तीन मार्च, सुबह 6 बजे फांसी की तारीख तय की थी। बता दें कि कानूनी तिकड़मों के चलते निर्भया केष के दोषियों की फांसी दो बार टल चुककी है। पिछले दिनों दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा था कि चारों को एक साथ फांसी होगी। इसे केंद्र और दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जिस पर पांच मार्च को सुनवाई है।